तुम नज़र रखो सलीब पर Lyrics song
Tum Nazar Rakho Saleeb Par Lyrics
तुम नज़र रखो सलीब पर, और पैग़ाम दो मसीह का
उसके वचनों पे चलते रहो उम्र भर ये इनाम है स्वर्ग का
तुम नज़र रखो…….
1. क्यों ढूंढते हो तुम बुतों में उसे, हर जगह वो मौजूद
उसकी करूणा को याद करो, वो हमारा वजूद
न डरो तुम किसी भी बवा से, वो शहंशाह है जहां का
तुम नज़र रखो…….
2. जिसने पृथ्वी बनाई, आसमां बनाया
उसकी महिमा करो,
जिसने चांद सितारे, जिसने सूरज बनाया
उसकी स्तुति करो
जिसने मुर्दे जिलाए, जिसने लंगड़े चलाए
वो मसीहा है जहां का तुम नज़र रखो……..
