Paake Maut Utte Phatah Yeshu Ji Utheya Lyrics

Paake Maut Utte Phatah Yeshu Ji Utheya Lyrics
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पाके मौत उते फतह येशु जी उठेया Lyrics song

Paake Maut Utte Phatah Yeshu Ji Utheya Lyrics

पाके मौत उते फतह येशु जी उठेया Lyrics song

देख देख के हैरान होण औरता
खाली कबर दे अग्गे कल्ले दूत ने खड़े
फिर चेलेया दे वल आईया नसियां
सुण सुण के हैरान ओह वी हुदे सी बड़े
पाके मौत उते फतह येशु जी उठेया
खाली कबर गवाही इस गल दी भरे
देख देख के हैरान……..

1. रेहा पिटदा शैतान एह नज़ारा वेख के
मौत खड गई येशु दे अग्गे गोडे टेक के
नारे जदों वी लगाईए हाल्लेलुईयाह दे
सुणके शैतान कोलो जांदे ना जरे
पाके मौत उत्ते फतह……..

2. पाप लै गया उठाके येशु सारे जग दे
आप बैठ गया सज्जे हत्थ जाके रब्ब दे
अज्ज पूरे हुंदे अखियां नाल देखिए
पोथियां दे विच्च जेहड़े असां वचन पढ़े
पाके मौत उत्ते फतह……..

3. जदों औणा ओहदा राज ओहो दिन नईओ दूर
येश नां दे अग्गे हर गोडा नीवेगा जरूर
भावे दुनियां दी नज़र च खोटे हां
येशु नासरी दी कृपा नाल बण गए खरे
पाके मौत उत्ते फतह……..

गीत का आध्यात्मिक सारांश

यह गीत आत्मा की उस गहरी प्यास का वर्णन करता है जिसे दुनिया की कोई भी भौतिक वस्तु तृप्त नहीं कर सकती। यह गीत हमें सिखाता है कि जिस प्रकार शरीर को जीवित रहने के लिए जल की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार हमारी आत्मा को जीवित रहने और आत्मिक रूप से बढ़ने के लिए परमेश्वर की उपस्थिति की आवश्यकता है।

गीत के मुख्य संदेश इस प्रकार हैं:

  1. आत्मिक प्यास और तड़प: यह गीत भजन संहिता के भावों से प्रेरित है, जहाँ भक्त कहता है कि उसका प्राण ईश्वर के लिए प्यासा है। यह दुनिया की बातों से हटकर केवल मसीह में संतोष खोजने की पुकार है।
  2. पवित्र आत्मा का अभिषेक: गीत में ‘मसह’ (अभिषेक) की मांग की गई है। यह दर्शाता है कि बिना परमेश्वर की शक्ति और उसके आत्मा के मार्गदर्शन के, हमारा आत्मिक जीवन अधूरा है।
  3. समर्पण और प्रार्थना: यह गीत एक समर्पण है, जहाँ विश्वासी कहता है कि “मुझ पर अपनी नजर कर”। यह परमेश्वर के अनुग्रह और उसकी दया पर पूर्ण निर्भरता का प्रतीक है।

गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण

इस गीत की गहराई को समझने के लिए निम्नलिखित बाइबल वचनों का अध्ययन करना आवश्यक है:

1. परमेश्वर के लिए आत्मा की प्यास

गीत की मुख्य पंक्ति “मेरी रूह को प्यास है तेरी” सीधे तौर पर दाऊद के भजनों से मेल खाती है।

भजन संहिता 42:1-2 — “जैसे हिरणी नदी के जल के लिये हांफती है, वैसे ही हे परमेश्वर, मैं तेरे लिये हांफता हूँ। जीवित परमेश्वर के लिये मेरा प्राण प्यासा है; मैं कब जाकर परमेश्वर के सम्मुख अपने आप को दिखाऊंगा?”

स्पष्टीकरण: यह वचन स्पष्ट करता है कि जैसे एक हिरणी प्यास से व्याकुल होकर जल खोजती है, वैसे ही एक सच्चा विश्वासी परमेश्वर के बिना बेचैन रहता है। यह गीत इसी आत्मिक व्याकुलता को आवाज़ देता है।

2. जीवन का जल (यीशु मसीह)

जब हम कहते हैं कि हमारी रूह प्यासी है, तो केवल यीशु ही उस प्यास को बुझा सकते हैं।

यूहन्ना 4:14 — “परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर कभी प्यासा न होगा; वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।”

स्पष्टीकरण: यीशु ने सामरी स्त्री से ये शब्द कहे थे। यह गीत हमें याद दिलाता है कि संसार के सुख क्षणिक हैं, लेकिन यीशु की उपस्थिति से मिलने वाली शांति और तृप्ति हमेशा बनी रहती है।

3. पवित्र आत्मा का अभिषेक (मसह)

गीत में परमेश्वर के आत्मा से भरने की प्रार्थना की गई है।

भजन संहिता 23:5 — “तू मेरे शत्रुओं के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है; तू ने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमड़ रहा है।”

स्पष्टीकरण: “सिर पर तेल मलना” अभिषेक का प्रतीक है। जब हम गाते हैं कि हमें परमेश्वर की रूह की ज़रूरत है, तो हम इसी ईश्वरीय अभिषेक की मांग करते हैं जो हमें सामर्थ्य और अधिकार प्रदान करता है।

4. परमेश्वर की उपस्थिति में आनंद

गीत में परमेश्वर के पास आने और उसकी उपस्थिति का अनुभव करने की लालसा है।

भजन संहिता 16:11 — “तू मुझे जीवन का मार्ग दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।”

स्पष्टीकरण: यह वचन गीत के उस भाव को पुष्ट करता है जहाँ भक्त संसार को भूलकर केवल प्रभु के करीब रहना चाहता है, क्योंकि वहीं वास्तविक सुख और आनंद है।

5. पवित्र आत्मा की पुकार

अंतिम दिनों में परमेश्वर ने अपना आत्मा उंडेलने का वादा किया है, जिसकी मांग इस गीत में की गई है।

योएल 2:28 — “उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उंडेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगे, और तुम्हारे वृद्ध जन स्वप्न देखेंगे और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे।”

स्पष्टीकरण: यह वचन गीत की उस प्रार्थना का आधार है जहाँ हम “अपनी रूह से भर दे” कहते हैं। यह पवित्र आत्मा के उस बड़े काम की ओर संकेत करता है जो विश्वासी के जीवन को पूरी तरह बदल देता है।


निष्कर्ष: यह गीत केवल एक संगीत नहीं, बल्कि एक प्रार्थना है। यह हमें सिखाता है कि परमेश्वर से दूर रहकर हमारी आत्मा कभी संतुष्ट नहीं हो सकती। जब हम शुद्ध मन से उसे पुकारते हैं, तो वह अपने वादे के अनुसार अपनी रूह (पवित्र आत्मा) से हमें तृप्त करता है और हमें अपनी महिमा के लिए तैयार करता है।

Paake Maut Utte Phatah Yeshu Ji Utheya Lyrics in hindi

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