मैं नच्चदा नही कदे येशु दा प्यार नचौंदा ए Lyrics song
Main Nachda Nhi kade Yeshu Da Pyar Nachonda Ay Lyrics
मैं नच्चदा नही कदे, येशु दा
प्यार नचाँदा ए
जो ओहने दित्ता सूली ते मैंनू,
सत्कार नचाँदा ए
मैं नच्चदा नही कदे…….
1. पैसेयां दे नाल विकदा कित्थे,
ऐना बनाया खास मैंनू
मौत दे विच्चों कढ के येसु, जीऊन
दी दीती आस मैंनू
किड्डा कीता मेरे ते,
ओहदा उपकार नचौंदा ए
मैं नच्चदा नही कदे…….
2. येसु मसीह है मालिक मेरा,
रखणा काहदा ओहला
रब्ब अते बंदे विच्च येसु, इक्को
इक्क वचौला
येसु मालिक है मेरा,
ओही हक्कदार नचाँदा ए
मैं नच्चदा नही कदे…….
3. रूह-ए पाक दा डेरा,
मेरे लगेया लूं-लूं उत्ते
ज़िन्दगी दे विच्च येसु आया,
भाग जाग पये सुत्ते
मेरे दिल विच्च रेहंदा ए,
येसु दिलदार नचौंदा ए मैं
नच्चदा नही कदे…….
गीत का आध्यात्मिक सारांश
यह गीत इस सत्य को स्वीकार करता है कि मनुष्य अपनी मर्जी या अहंकार से नहीं, बल्कि परमेश्वर के अनुग्रह के वश में होकर आनंदित होता है।
- सूली का सत्कार: गीत की मुख्य पंक्ति स्पष्ट करती है कि क्रूस पर यीशु ने जो दुख सहा, वह हमारे लिए ‘सत्कार’ (सम्मान) का कारण बन गया। एक पापी जिसे तिरस्कार मिलना चाहिए था, उसे यीशु के लहू ने सम्मान दिलाया है।
- मृत्यु से जीवन की आशा: गीत का पहला अंतरा बताता है कि यह प्रेम पैसों से नहीं खरीदा जा सकता। यीशु ने हमें मृत्यु के भय से निकालकर जीवन की एक नई आशा दी है। यह उनका महान उपकार है।
- एकमात्र मध्यस्थ: दूसरे अंतरे में यह घोषित किया गया है कि परमेश्वर और मनुष्य के बीच यीशु ही एकमात्र ‘वचौला’ (मध्यस्थ) है। वह हमारा मालिक और हमारा हकदार है।
- पवित्र आत्मा का वास: अंतिम भाग में ‘रूह-ए-पाक’ (पवित्र आत्मा) के अभिषेक की बात की गई है। जब यीशु जीवन में आते हैं, तो सोए हुए भाग्य जाग जाते हैं और मनुष्य का शरीर परमेश्वर का मंदिर बन जाता है।
गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण
इस गीत के वचनों को गहराई से समझने के लिए पवित्र शास्त्र के ये सन्दर्भ अत्यंत आवश्यक हैं:
1. परमेश्वर के प्रेम के कारण आनंद (प्यार नचाँदा ए)
जब हम परमेश्वर के प्रेम को गहराई से महसूस करते हैं, तो आनंद को रोक पाना असंभव होता है।
भजन संहिता 149:3 — “वे नाचते हुए उसके नाम की स्तुति करें, और डफ और वीणा बजाते हुए उसका भजन गाएं!”
स्पष्टीकरण: यह वचन सिखाता है कि परमेश्वर की स्तुति में नाचना और मगन होना बाइबल सम्मत है। जब गीत कहता है “प्यार नचाँदा ए”, तो इसका अर्थ है कि यह आनंद पवित्र आत्मा की ओर से है, संसार की ओर से नहीं।
2. सूली का बलिदान और हमारा उद्धार
गीत कहता है कि सूली के कारण हमें सत्कार मिला है।
कुलुस्सियों 2:14-15 — “और विधियों के उस लेख को जो हमारे नाम पर और हमारे विरोध में था, मिटा डाला; और उसे क्रूस पर कीलों से जड़कर सामने से हटा दिया है। और उसने प्रधानताओं और अधिकारों को ऊपर से उतार फेंका और उनका सरेआम तमाशा बनाया, और क्रूस के कारण उन पर जय-जयकार की ध्वनि सुनाई।”
स्पष्टीकरण: क्रूस पर यीशु की जीत ही हमारी जीत है। जो अपमान हमारे हिस्से में था, उसे यीशु ने उठा लिया और हमें अपनी महिमा का भागीदार बनाया।
3. मृत्यु से जीवन की ओर (मौत दे विच्चों कढ के)
यीशु ने हमें अनंत मृत्यु से बचाया है।
यूहन्ना 5:24 — “मैं तुम से सच-सच कहता हूँ, जो मेरा वचन सुनकर मेरे भेजने वाले पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है; और उस पर दण्ड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु वह मृत्यु के पार होकर जीवन में प्रवेश कर चुका है।”
स्पष्टीकरण: गीत की यह पंक्ति इसी वचन पर आधारित है कि यीशु ने हमें नरक और मृत्यु के डर से निकालकर एक जीवंत आशा प्रदान की है।
4. एकमात्र मध्यस्थ (इक्को इक्क वचौला)
बाइबल स्पष्ट करती है कि परमेश्वर तक पहुँचने का केवल एक ही मार्ग है।
1 तीमुथियुस 2:5 — “क्योंकि परमेश्वर एक ही है, और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही मध्यस्थ है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है।”
स्पष्टीकरण: गीत का यह भाग इसी सत्य पर जोर देता है कि यीशु के अलावा और कोई नहीं जो हमें पिता परमेश्वर से मिला सके। वही हमारा असली मालिक और हकदार है।
5. पवित्र आत्मा का निवास (रूह-ए-पाक दा डेरा)
गीत का अंतिम भाग हमारे भीतर पवित्र आत्मा के वास की बात करता है।
1 कुरिन्थियों 6:19 — “क्या तुम नहीं जानते कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मन्दिर है, जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है; और तुम अपने नहीं हो?”
स्पष्टीकरण: जब गीत कहता है कि “रूह-ए-पाक का डेरा मेरे लूं-लूं (रोम-रोम) उत्ते”, तो यह उस गहरे अभिषेक को दर्शाता है जहाँ मनुष्य का पूरा अस्तित्व परमेश्वर के नियंत्रण में आ जाता है।
6. सोए हुए भाग्य का जागना (भाग जाग पये सुत्ते)
परमेश्वर के आने से जीवन में नई आशीषें आती हैं।
2 कुरिन्थियों 5:17 — “इसलिये यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गई हैं।”
स्पष्टीकरण: यीशु के आने से पुरानी असफलताएँ और श्राप खत्म हो जाते हैं और जीवन में एक नई शुरुआत होती है, जिसे गीत में ‘सोए भाग्य का जागना’ कहा गया है।
निष्कर्ष: यह गीत एक गवाही है कि मसीह का प्रेम कितना सामर्थी है। यह हमें सिखाता है कि जब हम यीशु के क्रूस, उनके मध्यस्थ होने और उनके पवित्र आत्मा के दान पर विचार करते हैं, तो हमारा हृदय स्वतः ही स्तुति और आनंद से भर जाता है। यह “नाचना” संसार के प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि उस महान “दिलदार” यीशु के प्रति एक भेंट है।
