तेरा प्यार है कितना महान Lyrics song
तेरा प्यार है कितना महान, कैसे करूं मैं ब्यान
तूने अपनी जान लुटाकर यीशु,
हम मुर्दों में डाली है जान
तेरा प्यार है कितना महान ……
1. हम पापियों का बोझ उठाया,
भटके हुओं को रब से मिलाया,
करके पवित्र अपने लहू से, बनाया है तेरे समान
तेरा प्यार है कितना महान ……
2. लंगड़े चलाए मुर्दे जिलाए
रोगों से सबको नजात दिलाए
उठते तूफानों को पल में थमाए
अद्धभुत तू करता है काम
तेरा प्यार है कितना महान ……
3. सब के गुनाहों को माफ करे जो
धो कर लहू से साफ करे जो
देकर मसह रूहे पाक का हमको
देता है अपनी पहचान
तेरा प्यार है कितना महान ……
गीत का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह गीत मसीह के उस महान प्रेम को बयां करता है जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना असंभव है। मनुष्य अपने पापों के कारण आत्मिक रूप से मृत था, लेकिन यीशु ने अपने प्राण देकर हमें नया जीवन दिया। इस गीत के माध्यम से एक विश्वासी मसीह के लहू की सामर्थ्य और उनके अलौकिक कार्यों के प्रति आभार प्रकट करता है।
1. मसीह का महान प्रेम और आत्मिक नया जीवन (स्थाई)
गीत की शुरुआत मसीह के उस बलिदान से होती है जहाँ उन्होंने क्रूस पर अपनी जान लुटा दी। बाइबल स्पष्ट करती है कि जब हम अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे, तब मसीह के प्रेम ने हमें जीवित किया।
- इफिसियों 2:4-5“परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है, अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिससे उसने हमसे प्रेम किया, जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।”
- यूहन्ना 15:13“इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।”
- रोमियों 5:8“परन्तु परमेश्वर हमारे लिये अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।”
2. पापों का बोझ उठाना और परमेश्वर से मेल-मिलाप (अंतरा 1)
पहला पद हमें याद दिलाता है कि यीशु ने हमारे पापों का भारी बोझ अपने ऊपर ले लिया। जो मनुष्य परमेश्वर से भटक कर दूर चला गया था, उसे मसीह ने अपने पवित्र लहू के द्वारा पिता परमेश्वर से मिलाया और हमें अपने स्वरूप में बदल दिया।
- 1 पतरस 2:24“वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मरकर धार्मिकता के लिये जीवन बिताएँ; उसी के कोड़े खाने से तुम चंगे हुए।”
- कुलुस्सियों 1:21-22“और उसने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहले अन्यमनस्क थे और बुरे कामों के कारण बैरी थे, ताकि तुम्हें अपने साम्मीमुख पवित्र और निष्कलंक और निर्दोष बनाकर खड़ा करे।”
- 2 कुरिन्थियों 5:21“जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उसमें होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएँ।”
3. अलौकिक चमत्कार, चंगाई और तूफानों पर अधिकार (अंतरा 2)
दूसरे पद में प्रभु यीशु की सेवकाई और सामर्थ्य का वर्णन है। उन्होंने पृथ्वी पर रहते हुए लंगड़ों को चलाया, मुर्दों को जीवित किया, बीमारियों से नजात (छुटकारा) दिलाई और प्रकृति के भयंकर तूफानों को एक शब्द से शांत कर दिया। वह आज भी वही अद्भुत काम करने वाला परमेश्वर है।
- मत्ती 11:5“कि अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहरे सुनते हैं, और मुर्दे जिलाए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”
- मर्कुस 4:39“तब उसने उठकर हवा को डांटा, और पानी से कहा, ‘शान्त रह, थम जा!’ और हवा थम गई, और बड़ा चैन हो गया।”
- इब्रानियों 13:8“यीशु मसीह कल और आज और युगानुयुग एकरस है।”
4. पापों की क्षमा और पवित्र आत्मा (पाक रूह) का मसह (अंतरा 3)
तीसरा पद मसीह के लहू से मिलने वाली पूर्ण क्षमा और शुद्धिकरण को प्रगट करता है। यीशु न केवल हमारे गुनाह माफ करते हैं, बल्कि हमें अनाथ नहीं छोड़ते; वे हमें पवित्र आत्मा का मसह (अभिषेक) देकर मसीह की सच्ची पहचान और अधिकार प्रदान करते हैं।
- 1 यूहन्ना 1:7“…और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।”
- कुलुस्सियों 1:14“जिसमें हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।”
- 2 कुरिन्थियों 1:21-22“और जो हमें तुम्हारे साथ मसीह में दृढ़ करता है, और जिसने हमारा अभिषेक किया वही परमेश्वर है, जिसने हम पर छाप भी कर दी है और बयाने में हमारे हृदयों में आत्मा को दिया है।”
निष्कर्ष: यह सुंदर गीत हमें क्रूस के केंद्र में ले जाता है, जहाँ परमेश्वर का न्याय और प्रेम एक साथ पूरे होते हैं। यह सारांश और पवित्र वचन स्पष्ट करते हैं कि मसीह का प्रेम केवल एक भावना नहीं, बल्कि एक जीवंत सामर्थ्य है। उसने हमें पापों के दलदल और आत्मिक मृत्यु से निकालकर, अपने लहू से धोकर पवित्र किया और पवित्र आत्मा के मसह से भरकर हमें परमेश्वर की सन्तान होने का अनमोल विशेषाधिकार दिया।


