Tu Mera Premi Pita Hai Lyrics

Tu Mera Premi Pita Hai Lyrics
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Tu Mera Premi Pita Hai | तू मेरा प्रेमी पिता है Worship Song of Ankur Narula Ministries

तू मेरा प्रेमी पिता है,
तुझसा ना कोई हुआ है …… 2
निगाहें है तुझ पर लगी,
सांसें है तुझसे जुड़ी ……… 2
तू मेरा प्रेमी पिता …….. 2

1. रहबर है तू रहबर है तू,
पाक खुदा है बाप है तू ……. 2
शाफ़ी खुदा तू कहता रहूं,
वचनों से दिल को साफ़ करुं …….. 2
साथ ना छोड़े कभी,
छोड़ के जाए सभी ……. 2
तू मेरा प्रेमी पिता ……. 2

2. बोझ अपने दे के तुझकों,
जिन्दगी में आनंद पाया …….. 2
पाक रुह की संगति में,
रोज़ चलके आनंद आया ……. 2
साथ रहता तूहीं,
छोड़ के जाए सभी …….. 2
तू मेरा प्रेमी पिता …… 2

3. मेरे खुदा – मेरे खुदा,
करुंगा तेरी मैं मर्जी सदा ……. 2
पापों से तौबा करता हुआ,
चलूंगा राहों पे तेरी सदा ……… 2
बातें जो तूने कही,
बातें वो सबसे हसीन ……. 2
तू मेरा प्रेमी पिता ……. 2

‘तू मेरा प्रेमी पिता है’ गीत का आध्यात्मिक सारांश

यह गीत एक मसीही आराधना गीत है, जो परमेश्वर के प्रति संपूर्ण समर्पण, प्रेम, और अटूट विश्वास को दर्शाता है। यह एक आराधक के दिल की पुकार है जो परमेश्वर को न केवल एक न्यायधर्मी शासक के रूप में, बल्कि एक प्रेमी पिता, मार्गदर्शक (रहबर), और चंगाई देने वाले (शाफ़ी) के रूप में देखता है।

इस गीत का मूल सार यह है कि संसार के लोग भले ही हमारा साथ छोड़ दें, लेकिन वह स्वर्गीय पिता कभी हमें नहीं छोड़ता। जब हम अपने पापों से तौबा (मन फिराव) करते हैं और अपने बोझ उसके चरणों में डाल देते हैं, तो वह हमें पवित्र आत्मा की संगति में आनंदित जीवन देता है।

गीत का सारांश एवं बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

1. प्रेमी पिता और अटूट संबंध

गीत की शुरुआत परमेश्वर को ‘प्रेमी पिता’ कहने से होती है, जिससे हमारी सांसें और निगाहें जुड़ी हैं। बाइबल स्पष्ट करती है कि मसीह यीशु पर विश्वास करने के द्वारा हमें परमेश्वर को ‘अब्बा, हे पिता’ कहने का अधिकार मिला है।

  • भजन संहिता 103:13“जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।”स्पष्टीकरण: यह वचन दर्शाता है कि परमेश्वर का हमारे प्रति प्रेम एक सांसारिक पिता से कहीं बढ़कर और गहरा है। जब गीत कहता है कि “तुझसा ना कोई हुआ है,” तो यह परमेश्वर के उस अद्वितीय और असीम प्रेम को प्रकट करता है जो वह अपने बच्चों से करता है।

2. रहबर, पाक खुदा और शाफ़ी (चंगाई देने वाला)

गीत के पहले अंतरे में परमेश्वर को ‘रहबर’ (मार्गदर्शक) और ‘शाफ़ी’ (चंगाई देने वाला) कहा गया है, जो अपने वचनों से हमारे दिलों को साफ करता है।

  • यूहन्ना 15:3 (वचनों से शुद्धि)“तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।”स्पष्टीकरण: जब हम परमेश्वर के वचनों को पढ़ते और मनन करते हैं, तो उसका जीवित वचन हमारे विचारों और हृदयों को साफ करता है।
  • निर्गमन 15:26 (शाफ़ी खुदा – चंगाई देने वाला)“…क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करने वाला यहोवा हूँ।”स्पष्टीकरण: यहाँ ‘शाफ़ी’ शब्द परमेश्वर के यहोवा राफ़ा (चंगाई देने वाले परमेश्वर) के स्वरूप को प्रकट करता है, जो न केवल शारीरिक बल्कि हमारे आत्मिक घावों को भी चंगा करता है।
  • भजन संहिता 27:10 (संसार छोड़ेगा, वह नहीं)“मेरे माता-पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्बालेगा।”स्पष्टीकरण: गीत की पंक्ति “साथ ना छोड़े कभी, छोड़ के जाए सभी” सीधे इस मसीही सत्य को प्रमाणित करती है कि इंसानी रिश्ते बदल सकते हैं, पर परमेश्वर की वफादारी शाश्वत है।

3. बोझ उठाना और पवित्र आत्मा का आनंद

दूसरे अंतरे में अपने जीवन के सारे बोझ परमेश्वर को सौंपने और पवित्र आत्मा (पाक रुह) की संगति में रोज़ चलने से मिलने वाले आनंद का वर्णन है।

  • मत्ती 11:28 (बोझ सौंपना)“हे सब परिश्रम करने वाले और बोझ से दबे लोगो, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।”स्पष्टीकरण: जब कोई विश्वासी अपनी चिंताओं और आंसुओं को पिता के हाथों में सौंप देता है, तो वह एक अलौकिक शांति और आनंद का अनुभव करता है, जिसका जिक्र गीत में किया गया है।
  • गलातियों 5:22-23 (पाक रुह की संगति और आनंद)“परन्तु आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं…”स्पष्टीकरण: “पाक रुह की संगति में, रोज़ चलके आनंद आया” का अर्थ यही है कि जब हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में चलते हैं, तो हमारा जीवन आत्मिक आनंद और शांति से भर जाता है।

4. मन फिराव (तौबा) और आज्ञाकारिता

तीसरे अंतरे में विश्वासी अपने पापों से तौबा करने और हमेशा परमेश्वर की इच्छा (मर्जी) पर चलने का संकल्प लेता है, क्योंकि उसके वचन सबसे हसीन और सच्चे हैं।

  • 1 यूहन्ना 1:9 (पापों से तौबा)“यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।”स्पष्टीकरण: गीत की पंक्ति “पापों से तौबा करता हुआ, चलूँगा राहों पे तेरी सदा” इसी अंगीकार और मन फिराव को दर्शाती है। सच्चा मसीही जीवन पापों को छोड़कर मसीह के पीछे चलने का नाम है।
  • भजन संहिता 119:103 (हसीन और मीठी बातें)“तेरे वचन मेरे चखने में क्या ही मीठे हैं, वे मेरे मुँह में मधु से भी अनोखे हैं!”स्पष्टीकरण: “बातें जो तूने कही, बातें वो सबसे हसीन” का सीधा संबंध परमेश्वर के जीवित और पवित्र वचनों से है, जो एक विश्वासी के लिए इस संसार की हर चीज़ से बढ़कर अनमोल और सुंदर हैं।

निष्कर्ष: यह गीत पूरी तरह से बाइबल के सिद्धांतों पर आधारित है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर कोई दूर रहने वाला ईश्वर नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रेमी पिता है जो हमारे करीब रहता है, हमारे बोझ उठाता है, और अपने वचन व पवित्र आत्मा के द्वारा हर दिन हमारा मार्गदर्शन करता है।

Tu Mera Premi Pita Hai Lyrics in hindi

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