TAREEF TERI HUM GAAYEIN Lyrics

TAREEF TERI HUM GAAYEIN Lyrics
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तारीफ तेरी हम गाएं Lyrics song

हाल्लेलुईयाह- हाल्लेलुईयाह 
तारीफ़ तेरी हम गाए, 
यहोवा मेरे बादशाह 
तेरी रूह से भरें, 
हम सिताईश करें 
देते हैं तुझको जलाल, तारीफ़ तेरी हम गाए…

1. तू बादशाहों का बादशाह हैं, 
तुझसा ना कोई दूजा खुदा 
हर जंग मेरी तू लड़ता खुदावंद, 
मुझको दिलाता है तू ही फतह 
तेरी रूह से भरें….

2. तेरी परस्तिश का गहरा मसह, 
हर रूह पे छाए मेरे खुदा 
हम पे बहा दे तू अपने मसह को, 
पा जाएं सारे रोगी शिफा 
तेरी रूह से भरें…

गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

यह मसीही गीत सर्वोच्च परमेश्वर (यहोवा) की संप्रभुता, उसकी सामर्थ्य और पवित्र आत्मा की उपस्थिति में होने वाली आत्मिक आज़ादी व चंगाई की एक सुंदर घोषणा है। गीत का मुख्य उद्देश्य विश्वासियों को राजाओं के राजा की आराधना करने, उसकी आत्मा से भरने और उसके नाम को जलाल (महिमा) देने के लिए प्रेरित करना है।

नीचे इस गीत के मुख्य भागों और उनसे जुड़े बाइबल के प्रामाणिक वचनों का पूरा विवरण दिया गया है:

1. यहोवा की स्तुति और महिमा (स्थायी भाव)

गीत की शुरुआत ‘हाल्लेलुईयाह’ (प्रभु की स्तुति हो) के जयजयकार के साथ होती है। इसमें परमेश्वर को अपना राजा (बादशाह) मानकर, उसकी आत्मा से भरकर उसकी ‘सिताइश’ (प्रशंसा) और ‘जलाल’ (महिमा) देने का संकल्प है।

  • भजन संहिता 145:1 — “हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तेरा नाम ऊंचा उठाऊंगा, और तेरे नाम को सनातन काल तक धन्य कहा करूंगा।”
    • स्पष्टीकरण: यह वचन गीत के इस भाव को पूरी तरह प्रकट करता है जहाँ यहोवा को अपना सच्चा बादशाह मानकर उसकी निरंतर तारीफ करने की बात कही गई है।
  • इफिसियों 5:18 — “और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इससे लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।”
    • स्पष्टीकरण: गीत की पंक्ति ‘तेरी रूह से भरें’ इसी बाइबलीय आज्ञा को दर्शाती है कि हमारी आराधना तभी सच्ची होती है जब हम पवित्र आत्मा की अगुवाई और परिपूर्णता में होते हैं।

2. राजाओं का राजा और विजय देने वाला परमेश्वर (पहला अंतरा)

पहला अंतरा परमेश्वर की सर्वोच्चता और उसकी युद्ध करने की सामर्थ्य को प्रकट करता है। जीवन की आत्मिक या सांसारिक लड़ाइयों में विश्वासी अकेला नहीं है; उसका खुदावंद खुद उसके लिए लड़ता है और उसे ‘फतह’ (विजय) दिलाता है।

  • प्रकाशितवाक्य 19:16 — “और उसके वस्त्र और जांघ पर यह नाम लिखा है, राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु।”
    • स्पष्टीकरण: यह शास्त्रवचन प्रमाणित करता है कि सृष्टि में यीशु मसीह जैसा कोई दूसरा खुदा नहीं है, वह ‘बादशाहों का बादशाह’ है।
  • निर्गमन 14:14 — “यहोवा आप ही तुम्हारे लिये लड़ेगा, और तुम चुपचाप रहे।”
    • स्पष्टीकरण: जब हमारे जीवन में मुश्किलें या आत्मिक युद्ध आते हैं, तो यहोवा हमारी ओर से लड़ता है, जैसा कि गीत कहता है—’हर जंग मेरी तू लड़ता खुदावंद, मुझको दिलाता है तू ही फतह’।
  • 1 कुरिन्थियों 15:57 — “परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्त करता है।”
    • स्पष्टीकरण: मसीह में हमारी हार नहीं बल्कि हमेशा फतह (विजय) निश्चित है।

3. आराधना का अभिषेक (मसह) और रोगियों की चंगाई (दूसरा अंतरा)

दूसरा अंतरा कलीसिया और विश्वासियों पर परमेश्वर की आत्मा के गहरे अभिषेक (मसह) को उंडेलने की प्रार्थना है। जहाँ परमेश्वर की सच्ची ‘परस्तिश’ (आराधना) होती है, वहाँ उसका मसह आता है, जो बंधन तोड़ता है और ‘रोगी शिफा’ (बीमारों को चंगाई) पाता है।

  • यशायाह 10:27 — “और उस समय ऐसा होगा कि उसका बोझ तेरे कंधे पर से और उसका जूआ तेरी गर्दन पर से हटा दिया जाएगा, और अभिषेक के कारण वह जूआ तोड़ डाला जाएगा।”
    • स्पष्टीकरण: गीत में ‘परस्तिश का गहरा मसह’ छा जाने की जो बात की गई है, उसका आत्मिक आधार यही है कि परमेश्वर का अभिषेक हर प्रकार के बंधनों और बीमारियों के जूए को नष्ट कर देता है।
  • मलाकी 4:2 — “परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकलकर बछड़ों की नाईं कूदोगे और फांदोगे।”
    • स्पष्टीकरण: परमेश्वर की उपस्थिति जब कलीसिया पर छाती है, तो उसकी सामर्थ्य की किरणों से सारे ‘रोगी शिफा’ (चंगाई) पा जाते हैं।
  • भजन संहिता 103:3 — “वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है।”
    • स्पष्टीकरण: यह वचन साफ करता है कि चंगाई देना हमारे खुदा का स्वभाव है। जब विश्वासी आराधना में लीन होते हैं, तो वह अपने वादे के अनुसार चंगाई को बहा देता है।

TAREEF TERI HUM GAAYEIN Lyrics in hindi

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