परस्तिश करेंगें झूम झूम के Lyrics song
बादशाहो के बादशाह की, राजाओं के राजा की
परस्तिश करेंगे झूम-झूम के ……..
1. आज खुशी का दिन है आया,
यीशु ने हमको पास बुलाया
हर एक पाप हमारा मिटाया
वो जो गुस्से मे है धीरा भलाई से है भरा जो
परस्तिश करेंगे झूम-झूम के ………
2. जो बादलों पे है आने वाला,
गिरते हुओ को है उठाने वाला,
शांति का राजा जीवन का प्याला
वो जो जयवंत हुआ है मोहरों को जिसने है खोला
परस्तिश करेंगे झूम-झूम के ……..
3. नबियों रसूलों से जो बोलता है,
अचम्भे भेदों को जो खोलता है
सबके ईमानों को जो तोलता है,
वो जो फतह बख्शता है दुश्मन की सब नीतियों पे
परस्तिश करेंगे झूम-झूम के ………
यह ऊर्जावान और सामर्थ्य से भरा मसीही आराधना गीत “परस्तिश करेंगे झूम झूम के” राजाओं के राजा और प्रभुओं के प्रभु यीशु मसीह के सामर्थ्य, उसके दूसरे आगमन, उसके अनुग्रह और उसकी संप्रभुता को पूरी खुशी के साथ प्रकट करता है। नीचे इस गीत का शुद्ध देवनागरी में विस्तृत सारांश और उससे जुड़े बाइबल के पवित्र वचन पूरे संदर्भ के साथ दिए गए हैं, जिसे आप अपनी पोस्ट के नीचे साझा कर सकते हैं।
गीत का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह गीत आनंद और जयजयकार के साथ परमेश्वर की आराधना करने का संदेश देता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा उद्धारकर्ता कोई साधारण राजा नहीं, बल्कि बादशाहों का बादशाह है, जिसने हमें पापों से आज़ाद किया है और जो बहुत जल्द बादलों पर दोबारा आने वाला है।
1. राजाओं के राजा की आनंदित आराधना (स्थाई)
गीत की मुख्य पुकार यह है कि हम उस परमेश्वर की आराधना (परस्तिश) पूरे आनंद के साथ झूमते हुए करें जो सब राजाओं और बादशाहों के ऊपर सर्वोच्च सत्ता रखता है।
- प्रकाशितवाक्य 19:16“और उसके वस्त्र और जाँघ पर यह नाम लिखा है: ‘राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु’।”
- भजन संहिता 149:3“वे नाचते हुए उसके नाम की स्तुति करें, और डफ और वीणा बजाते हुए उसका भजन गाएं!”
2. पापों से मुक्ति और परमेश्वर का अनुग्रह (अंतरा 1)
पहला पद उद्धार की खुशी को मनाता है। यीशु मसीह ने अपने बलिदान के द्वारा हमारे हर एक पाप को मिटा दिया और हमें अपने करीब बुलाया। वह क्रोध करने में धीमा और भलाई व करुणा से भरपूर परमेश्वर है।
- भजन संहिता 103:8“यहोवा दयालु और अनुग्रहकारी है, विलम्ब से कोप करनेवाला और अति करुणामय है।”
- 1 यूहन्ना 1:7“…और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।”
- इफिसियों 2:13“परन्तु अब मसीह यीशु में तुम जो पहले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो।”
3. मसीह का दूसरा आगमन और जयवंत सामर्थ्य (अंतरा 2)
दूसरा पद मसीह के दोबारा आने की प्रतिज्ञा, गिरे हुए लोगों को संभालने की उसकी करुणा, और उसकी अंतिम विजय को दर्शाता है। वही एकमात्र योग्य मेम्ना है जिसने न्याय की मोहरों को खोला है और मृत्यु पर जय पाई है।
- प्रकाशितवाक्य 1:7“देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है; और हर एक आँख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे; और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हाँ। आमीन।”
- भजन संहिता 145:14“यहोवा सब गिरते हुओं को थामता है, और सब झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है।”
- प्रकाशितवाक्य 5:5“तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझसे कहा, ‘मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मोहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है’।”
4. भेदों को प्रगट करने वाला और न्याय करने वाला परमेश्वर (अंतरा 3)
तीसरे पद में परमेश्वर के उस स्वरूप का वर्णन है जो अपने नबियों और प्रेरितों (रसूलों) से बात करता है। वह सृष्टि के गहरे भेदों को खोलता है, हर मनुष्य के विश्वास (ईमान) को जाँचता है, और शैतान व दुश्मन की हर एक चाल पर अपने लोगों को फतह (विजय) प्रदान करता है।
- आमोस 3:7“इसी प्रकार प्रभु यहोवा अपने दास नबियों पर अपना मर्म प्रगट किए बिना कुछ भी न करेगा।”
- दानिय्येल 2:22“वही गूढ़ और गुप्त बातों को प्रगट करता है; वह जानता है कि अन्धियारे में क्या है, और उसके संग प्रकाश बना रहता है।”
- नीतिवचन 17:3“चाँदी के लिये मूसा और सोने के लिये घरिया होती है, परन्तु मनों को यहोवा जाँचता है।”
- 1 कुरिन्थियों 15:57“परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्त करता है।”
निष्कर्ष: यह गीत हर मसीही विश्वासी के हृदय को उत्साह से भर देता है। यह हमें सिखाता है कि यीशु मसीह में हमें न केवल पापों से क्षमा मिली है, बल्कि वह हमारे जीवनों को संभालने वाला, शत्रुओं की युक्तियों को विफल करने वाला और बहुत जल्द बादलों पर लौटने वाला जीवित प्रभु है। इसलिए, उसकी आराधना पूरे सामर्थ्य और आनंद के साथ झूमते हुए की जानी चाहिए।


