ए येशु नासरी तू मेरी चट्टान है Lyrics song
ए यीशु नासरी तू मेरी चट्टान है
तेरे बिना मैं जी ना पाऊं तू मेरी पहचान है
ए यीशु नासरी ……
1. किसी भी आफत से मैं न डरूंगा
तेरे ही कामों का चर्चा करूंगा
तेरे बिना मैं जी न पाऊं तू मेरी जिंद-जान है
ए यीशु नासरी ……
2. आगे दलेरी से बढ़ता मैं जाऊं
जो तू कहे मुझको वो कर मैं पाऊं
मेरे आगे पीछे चाहे हो कोई भी तूफान है
ए यीशु नासरी ……
3. भर दे वचन से तू ज़िन्दगी सजा दे
उकाबों की मानिंद तू उड़ना सिखा दे
तेरे परों पे ही ज़िन्दा खुदावन्द मेरी हर इक उड़ान है
ए येशु नासरी ……
गीत के मुख्य भाग और उनसे जुड़े बाइबल वचन का स्पष्टीकरण
बाइबल के शुद्ध और प्रामाणिक वचनों के साथ इस गीत के आत्मिक संदेश का स्पष्टीकरण नीचे दिया गया है:
1. राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु
गीत का भाव: यह गीत यीशु मसीह को सर्वोच्च अधिकार देता है। वह केवल दुनिया का राजा नहीं, बल्कि सारे राजाओं और बादशाहों के ऊपर सर्वोच्च अधिकारी है, जिसकी आराधना पूरी सृष्टि को करनी चाहिए।
- प्रकाशितवाक्य 19:16“और उसके वस्त्र और जांघ पर यह नाम लिखा है: ‘राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु’।”
- 1 तीमुथियुस 6:15“जिसे वह ठीक समयों पर दिखाएगा, जो परमधन्य और अद्वैत प्रधान, और राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु है।”
2. पापों की क्षमा, परमेश्वर का अनुग्रह और आनंद का दिन
गीत का भाव: पहले अंतरे में उद्धार का आनंद है। यीशु मसीह ने हमारे सारे पापों को मिटाकर हमें अपने पास बुलाया है। वह क्रोध करने में धीमा और भलाई (करुणा) से भरपूर परमेश्वर है, इसलिए आज का दिन मसीही जीवन में सबसे बड़ी खुशी का दिन है।
- भजन संहिता 118:24“यह वही दिन है जो यहोवा ने बनाया है; हम इसमें मगन और आनन्दित हों।”
- कुलुस्सियों 1:14“जिसमें हमें छुटकारा अर्थात् पापों की क्षमा प्राप्त होती है।”
- भजन संहिता 103:8“यहोवा दयालु और अनुग्रहकारी, विलम्ब से क्रोध करनेवाला और अति करुणामय है।”
- योएल 2:13“अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो, क्योंकि वह अनुग्रहकारी और दयालु, विलम्ब से क्रोध करनेवाला, करुणामय और दुःख देने से पछतानेवाला है।”
3. मसीह का दोबारा आगमन, सात मोहरें और जयवंत होना
गीत का भाव: दूसरे अंतरे में यीशु मसीह के बादलों पर दोबारा आने (द्वितीय आगमन) की प्रतिज्ञा है। वह गिरे हुए इंसानों को उठाने वाला और शांति का राजा है। वह क्रूस पर मृत्यु को हराकर जयवंत हुआ और प्रकाशितवाक्य की पुस्तक के अनुसार केवल वही न्याय की गुप्त मोहरों को खोलने के योग्य ठहरा है।
- प्रकाशितवाक्य 1:7“देखो, वह बादलों के साथ आनेवाला है; और हर एक आंख उसे देखेगी, वरन् जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे।”
- यशायाह 9:6“क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करनेवाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।”
- प्रकाशितवाक्य 5:5“तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझसे कहा, ‘मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह जो दाऊद का मूल है, उस पुस्तक को खोलने और उसकी सातों मोहरें तोड़ने के लिये जयवन्त हुआ है’।”
4. नबियों-रसूलों से बात करना, भेदों को खोलना और ईमान को तोलना
गीt का भाव: तीसरे अंतरे में पवित्र आत्मा और परमेश्वर के न्याय की गहरी बातें हैं। परमेश्वर ने पुराने समय में नबियों से और नए नियम में प्रेरितों (रसूलों) से बात की। वह मनुष्यों के गुप्त विचारों और भेदों को प्रकट करता है, हर एक व्यक्ति के विश्वास (ईमान) को जाँचता है और शैतान व संसार की हर चाल पर अपने बच्चों को फतह (विजय) देता है।
- इब्रानियों 1:1-2“पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप-दादों से थोड़ा-थोड़ा करके और भांति-भांति से नबियों के द्वारा बातें कीं, इन अन्तिम दिनों में हमसे पुत्र के द्वारा बातें कीं।”
- दानिय्येल 2:22“वही गूढ़ और गुप्त बातों को प्रगट करता है; वह जानता है कि अन्धियारे में क्या है, और उसके साथ प्रकाश बना रहता है।”
- नीतिवचन 17:3“चांदी के लिये कुठली और सोने के लिये भट्ठी होती है, परन्तु मनों को यहोवा जांचता है।”
- 2 कुरिन्थियों 2:14“परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हमें जय के उत्सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान की सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है।”
निष्कर्ष (Conclusion)
यह गीत एक विश्वासी को आत्मिक रूप से दृढ़ करता है। जब हम गाते हैं कि “परस्तिश करेंगे झूम-झूम के”, तो यह केवल शारीरिक नृत्य नहीं, बल्कि आत्मा और सच्चाई से भरी हुई वह आराधना है जो दाऊद राजा ने परमेश्वर के पवित्र सन्दूक के सामने नाचते हुए की थी (2 शमूएल 6:14)। यह गीत हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर जीवित है, उसने हमें क्षमा किया है, वह हमारे दुश्मनों की नीतियों को विफल करता है, और वह बहुत जल्द बादलों पर राजा बनकर वापस आने वाला है।


