खुदावन्द तेरे छूने से Lyrics song
Khudawand Tere Chhune Se Lyrics
खुदावन्द तेरे छूने से, बड़े बड़े काम होते हैं
ही है देता अब्दी शिफा
लंगड़े चलाए तू, मुर्दे जिलाए तू, देता है जीवन नया
बड़े बड़े काम करता है, सामर्थी खुदा तेरा हाथ
खुदावन्द तेरे छूने से……
1. तेरा फज़ल जो भरपूर है, जां मेरी तुझसे मामूर है
प्यार तेरा है सबसे महान
मुझको सम्भाले तू, साथ चलाए तू
करता है कूवत अता
तूफानों को थमा देता है, सामर्थी खुदा तेरा हाथ
खुदावन्द तेरे छूने से…..
2. अंधों को आंखें तू देता है, गूंगे भी तेरी गाएं सना
ऊंची है अज़मत तेरी खुदा
मेरे खुदावन्द तेरे मसह से, खुल जाएं बन्द राहें
पहाड़ों को मैदान करता है, सामर्थी खुदा तेरा हाथ
खुदावन्द तेरे छूने से….
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह गीत परमेश्वर (खुदावन्द) की असीम सामर्थ्य, उसके अनुग्रह (फज़ल), और उसकी चंगाई की शक्ति का एक जीवंत गवाह है। यह हमें याद दिलाता है कि जब प्रभु का सामर्थी हाथ हमें छूता है, तो असंभव परिस्थितियां भी बदल जाती हैं। गीत के हर भाग का बाइबल के वचनों के साथ गहरा संबंध है, जो नीचे स्पष्ट रूप से समझाया गया है:
1. खुदावन्द के छूने की सामर्थ्य और चंगाई (अब्दी शिफा)
गीत की मुख्य पंक्तियाँ घोषणा करती हैं कि खुदावन्द के छूने मात्र से बड़े-बड़े चमत्कार होते हैं। वह लंगड़ों को चलाता है, मुर्दों को जिलाता है और आत्मिक व शारीरिक रूप से “अब्दी शिफा” (अनंत चंगाई) और नया जीवन देता है।
बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने अपने स्पर्श से अनगिनत लोगों को चंगा किया और मृतकों को जिलाया:
मत्ती 8:3 — “यीशु ने हाथ बढ़ाकर उसे छुआ और कहा, ‘मैं चाहता हूँ, तू शुद्ध हो जा।’ और वह तुरंत कोढ़ से शुद्ध हो गया।”
मत्ती 11:5 — “अंधे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहरे सुनते हैं; मुर्दे जिलाए जाते हैं और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”
यूहन्ना 11:25 — “यीशु ने उससे कहा, ‘पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ; जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए तौभी जीएगा।'”
2. परमेश्वर का भरपूर फज़ल (अनुग्रह) और सामर्थ्य (कूवत)
गीत का पहला अंतरा परमेश्वर के भरपूर फज़ल (अनुग्रह) और उसके महान प्यार की बात करता है। जब इंसान कमजोर पड़ता है, तो खुदावन्द का हाथ उसे संभालता है, साथ चलता है और नई कूवत (ताकत) अता करता है। वह हमारे जीवन के तूफानों को थमा देने वाला सामर्थी परमेश्वर है।
पवित्र शास्त्र के अनुसार, परमेश्वर का अनुग्रह हमारे लिए काफी है और वही हमें संभालता है:
2 कुरिन्थियों 12:9 — “पर उसने मुझसे कहा, ‘मेरा अनुग्रह तेरे लिए बहुत है, क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है।’ इसलिए मैं अपनी निर्बलताओं पर बहुत आनंद से घमंड करूँगा कि मसीह की सामर्थ्य मुझ पर छाया करती रहे।”
यशायाह 41:10 — “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ; इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, और अपने धर्ममय दाहिने हाथ से तुझे सम्भाले रहूँगा।”
मरकुस 4:39 — “तब उसने उठकर हवा को डांटा, और पानी से कहा, ‘शांत रह, थम जा!’ और हवा थम गई और बड़ा चैन हो गया।”
3. अंधों को आँखें, गूंगों को ज़ुबान और मसह (अभिषेक) की शक्ति
गीत का दूसरा अंतरा परमेश्वर की अज़मत (महानता) की तारीफ करता है। प्रभु यीशु ने अंधों को आँखें दीं और गूंगों को बोलने की शक्ति दी ताकि वे उसकी ‘सना’ (महिमा) गा सकें। उसके ‘मसह’ (अभिषेक) में वह शक्ति है जो बंद रास्तों को खोल देती है और जीवन के बड़े-बड़े पहाड़ों जैसी मुसीबतों को मैदान (समतल) बना देती है।
बाइबल स्पष्ट करती है कि परमेश्वर का अभिषेक जुए को तोड़ता है और बाधाओं को हटाता है:
यशायाह 61:1 — “प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिए मेरा अभिषेक किया है; उसने मुझे इसलिए भेजा है कि खेदित मन के लोगों को ढाढ़स दूँ, और बंदियों के लिए छुटकारे का और कैदियों के लिए जेलखानों के खुलने का प्रचार करूँ।”
लूका 7:22 — “तब उसने उन्हें उत्तर दिया, ‘जो कुछ तुम ने देखा और सुना है, जाकर यूहन्ना से कह दो; अर्थात् अंधे देखते हैं, लंगड़े चलते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं, बहरे सुनते हैं, मुर्दे जिलाए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।'”
जकर्याह 4:7 — “हे बड़े पहाड़, तू क्या है? तू जरुब्बाबेल के सामने मैदान हो जाएगा; और जब वह चोटी का पत्थर ‘अनुग्रह, अनुग्रह’ के नारों के साथ निकालेगा।”
निष्कर्ष
यह गीत महज़ शब्दों का समूह नहीं, बल्कि मसीही विश्वास की एक गहरी प्रार्थना है। यह हमें सिखाता है कि चाहे जीवन में कितनी भी बड़ी बीमारी हो, रुकावट हो या तूफान हो, परमेश्वर का सामर्थी हाथ हर परिस्थिति पर जय पाने के लिए काफी है। जब हम उसके मसह और अनुग्रह पर भरोसा रखते हैं, तो वह हमारी बंद राहों को खोलकर हमें एक नया जीवन और अनंत शांति प्रदान करता है।


