बादशाह आ रहा है Lyrics song
Badshah Aa Raha Hai Lyrics
बादशाह आ रहा है, तुम गाओ जय-जयकार
होशाना- होशान-होशाना- होशाना
हे सिय्योन के लोगों, तुम गाओ जय-जयकार
देखो राजा आया है तेरा लादू पे होके स्वार
तुम गाओ जय-जयकार
होशाना- होशान-होशाना…..
1. डालियां खजूर की लाओ, कपड़े भी राह में बिछाओ
यीशु आया जाने जहां में, खूब सभी हम धूम मचाएं
आनंद से झूम-झूमकर, नारे होशाना के लगाओ
तुम गाओ जय-जयकार…..
2. आया है वो तो दुःख मिटाने, बिछड़े हुओं को फिर से मिलाने
बेटा खुदा का खुद है आया, खुशियों का पैगाम है लाया
सुनी हमारी पुकार खुदा ने, हाल्लेलुईयाह के नारे मारो
तुम गाओ जय-जयकार….
3. डफ वीणा और बासुरी लाओ, दस तार वाले बाजे बजाओ
वस्त्र पाक और शुद्ध मन के, महिमा करो उसकी पूरे मन से
शहनशाह आ रहा है, ज़र्रा-ज़र्रा दो श्रृंगार
तुम गाओ जय-जयकार……
यहाँ इस मसीही गीत का आत्मिक सारांश और उससे जुड़े बाइबल के महत्वपूर्ण वचन दिए गए हैं, जिन्हें आप अपनी सोशल मीडिया पोस्ट या ब्लॉग के लिए उपयोग कर सकते हैं।
गीत का आत्मिक सारांश (Summary)
यह गीत प्रभु यीशु मसीह के यरूशलेम में विजयी प्रवेश (Palm Sunday) और उनकी राजाओं के राजा के रूप में महिमा को दर्शाता है। गीत का मुख्य संदेश आनंद, नम्रता, उद्धार और सच्चे मन से आराधना करना है।
- नम्रता और राजा का आगमन: सांसारिक राजा रथों और घोड़ों पर अहंकार के साथ आते हैं, लेकिन हमारा स्वर्ग का राजा यीशु एक गधे के बच्चे पर सवार होकर पूरी नम्रता के साथ आया।
- उद्धार और चंगाई: ‘होशाना’ का अर्थ है “अब उद्धार कर।” यह गीत याद दिलाता है कि यीशु हमारे दुखों को मिटाने, टूटे हुए दिलों को जोड़ने और परमेश्वर का आनंद हमारे जीवन में लाने आया है।
- पवित्रता और संपूर्ण आराधना: प्रभु की आराधना केवल बाहरी वाद्ययंत्रों (डफ, वीणा, बांसुरी) से नहीं, बल्कि “शुद्ध मन और पवित्र वस्त्र” (आत्मिक पवित्रता) के साथ होनी चाहिए। जब वह आता है, तो सृष्टि का कण-कण (ज़र्रा-ज़र्रा) उसकी महिमा के लिए सज जाता है।
गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण
इस गीत की हर एक पंक्ति बाइबल के पवित्र वचनों पर आधारित है। यहाँ संदर्भ के साथ पूरे वचन और उनका स्पष्टीकरण दिया गया है:
1. गधे के बच्चे पर राजा का आगमन और जय-जयकार
मत्ती 21:8-9 — “और उस भीड़ में से अधिकांश लोगों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए, और अन्य लोगों ने पेड़ों से डालियां काट-काटकर मार्ग में बिछाईं। और जो भीड़ आगे-आगे जाती और पीछे-पीछे चली आती थी, वह पुकार-पुकारकर कहती थी, ‘दाऊद की सन्तान को होशाना! धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है! आकाश में होशाना!'”
- स्पष्टीकरण: गीत का पहला भाग (डालियां खजूर की लाओ, कपड़े भी राह में बिछाओ) सीधे तौर पर इस घटना को दिखाता है। जब यीशु यरूशलेम आए, तो लोगों ने राजा के रूप में उनका स्वागत किया। ‘होशाना’ का नारा यह दर्शाता है कि वे यीशु को अपना मुक्तिदाता मान रहे थे।
2. सिय्योन के राजा की भविष्यवाणी
जकर्याह 9:9 — “हे सिय्योन की बेटी, बहुत ही मग्न हो! हे यरूशलेम की बेटी, जय-जयकार कर! देख, तेरा राजा तेरे पास आता है; वह धर्मी और उद्धार पाया हुआ है, वह नम्र है और गधे पर, वरन गधे के बच्चे पर चढ़ा हुआ है।”
- स्पष्टीकरण: गीत की पंक्ति “हे सिय्योन के लोगों, तुम गाओ जय-जयकार, देखो राजा आया है तेरा लादू (गधे) पे होके स्वार” इसी पुरानी वाचा की भविष्यवाणी को पूरा करती है। यीशु का गधे पर आना उनकी शांति और नम्रता का प्रतीक है।
3. दुखों को मिटाने और खुशियों का पैगाम लाने वाला
यशायाह 61:1-2 — “प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिए मेरा अभिषेक किया है; उसने मुझे टूटे दिल के लोगों को दिलासा देने, बन्दियों के लिए छुटकारे का और कैदियों के लिए जेल से छूटने का प्रचार करने को भेजा है… ताकि सब विलाप करने वालों को शांति दूं।”
- स्पष्टीकरण: गीत का दूसरा अंतरा कहता है कि “आया है वो तो दुःख मिटाने, बिछड़े हुओं को फिर से मिलाने।” यीशु मसीह इस संसार में केवल एक राजा बनकर नहीं, बल्कि हमारे दुखों के बोझ को उठाने और हमें परमेश्वर पिता से दोबारा मिलाने (मेल-मिलाप कराने) आए।
4. वाद्ययंत्रों और आनंद के साथ आराधना
भजन संहिता 150:3-4 — “नरसिंगे के शब्द के साथ उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा के साथ उसकी स्तुति करो! डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजों और बांसुरी के साथ उसकी स्तुति करो!”
- स्पष्टीकरण: गीत का तीसरा अंतरा (डफ वीणा और बासुरी लाओ) हमें सिखाता है कि परमेश्वर हमारी आराधना और प्रशंसा के योग्य है। हमें अपनी पूरी ताकत, कला और आनंद के साथ उसकी महिमा करनी चाहिए।
5. शुद्ध मन और पवित्रता से संगति
भजन संहिता 24:3-4 — “यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? वही जिसके हाथ साफ और मन शुद्ध है, जिसने अपना मन व्यर्थ बातों की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है।”
- स्पष्टीकरण: गीत की सबसे गहरी पंक्ति है: “वस्त्र पाक और शुद्ध मन के, महिमा करो उसकी पूरे मन से।” मसीह के सामने आने के लिए हमें केवल बाहरी दिखावा नहीं, बल्कि यीशु के लहू से धुले हुए पवित्र जीवन और शुद्ध हृदय की आवश्यकता है।
निष्कर्ष: यह गीत हमें याद दिलाता है कि यीशु आज भी हमारे जीवनों में राजा बनकर आना चाहता है। यदि हम अपने मनों को शुद्ध करें और आनंद से उसका स्वागत करें, तो वह हमारे सारे दुखों को मिटाकर हमें अपनी शांति से भर देगा।
