होईयां रहमतां येसु जी तेरीयां | Lyrics song
होईया रहह्मता येसु जी तेरियां-2
मुक्क गईया ने सजावा मेरियां -2
दूर कीतीया बलावा मेरियां -2
मुक्क गईया ने सजावा…..
1. टुट गये सब बंधन मेरे
हत्थ तेरा येसु सिर ते मेरे
सच्चा आनंद मैंनू दित्ता नासरी ने
राम चुक्क लये ने येसु जी ने मेरे
माफ़ कीतीया खतावा मेरियां -2
2. रोमीया च लिखेया ना हुक्म सज़ा दा
मिलेया येसु दे कोलो जीवन सदा दा
मेरेया गुनाहा दे लई वार दित्ती जान ए
करां शुक्राना मैं ते आपने खदा दा-2
रूह-ए पाक मैन देंदा ए दलेरीया -2
3. ओह मेरा अय्याली ए
ओहदी कब्र वी खाली ऐ ओह मम्बा ज़िन्दगी दा
ओहदी शान निराली ऐ ओहदे कदमा च ज़िन्दगी ए
मैं ओत्थे ही रहना ऐ, मैंनू जो कुछ चाहिदा ….
गीत का मुख्य सारांश (Song Summary)
यह गीत प्रभु यीशु मसीह के अनुग्रह (रहमत), क्रूस के बलिदान और उससे मिलने वाले छुटकारे का एक बेहद खूबसूरत और सामर्थ्यवान वर्णन है। इस गीत का केंद्रीय भाव यह है कि यीशु मसीह के क्रूस पर प्राण देने के कारण हमारे पापों की सजा हमेशा के लिए खत्म हो गई है। हम जो पहले पापों और शैतान के बंधनों में जकड़े हुए थे, अब मसीह के प्रेम और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से आज़ाद हो चुके हैं। यह गीत एक विश्वासी के जीवन में आने वाले सच्चे आनंद, शांति और उस जीवित परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता (शुकराना) को प्रकट करता है, जिसकी कब्र आज भी खाली है।
गीत के अंतरों का आत्मिक स्पष्टीकरण और बाइबल वचन
1. सजा और बंधनों से मुक्ति (पाप और श्राप का टूटना)
गीत की शुरुआत ही इस बात की गवाही देती है कि यीशु की दया से जीवन की सभी बलाएं (श्राप) दूर हो गई हैं और सजाएं मिट गई हैं। नासरी यीशु ने हमारे सिर पर हाथ रखकर हमें अपने पंखों की छांव में ले लिया है।
- रोमियो 8:1“सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं।”
- गलतियों 3:13“मसीह ने जो हमारे लिये शापित बना, हमें व्यवस्था के शाप से मोल लिया क्योंकि लिखा है, जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह शापित है।”
- यूहन्ना 8:36“सो यदि पुत्र तुम्हें स्वतन्त्र करेगा, तो तुम सचमुच स्वतन्त्र हो जाओगे।”
स्पष्टीकरण: जब हम यीशु को अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करते हैं, तो व्यवस्था के अनुसार जो सजा (मृत्यु) हमें मिलनी थी, वह यीशु अपने ऊपर ले लेते हैं। उनके कोड़े खाने से हमारे सारे बंधन और बीमारियां दूर हो जाती हैं।
2. मसीह में सदा का जीवन और पवित्र आत्मा की दलेरी (साहस)
गीत का दूसरा अंतरा रोमियो की पत्री का हवाला देता है कि यीशु के लहू के कारण अब हमारे लिए कोई सज़ा नहीं बची। यीशु ने हमारे गुनाहों के लिए अपनी जान वार (बलिदान) दी, ताकि हमें ‘जीवन सदा का’ (अनंत जीवन) मिल सके। इसके साथ ही, पवित्र आत्मा हमें मसीह में बने रहने की दलेरी (साहस) देता है।
- रोमियो 5:8“परन्तु परमेश्वर हमारे लिये अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।”
- यूहन्ना 3:16“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।”
- 2 तीमुथियुस 1:7“क्योंकि परमेश्वर ने हमें भय की नहीं पर सामर्थ, और प्रेम, और संयम की आत्मा दी है।”
स्पष्टीकरण: मनुष्य अपने कर्मों से कभी अनंत जीवन नहीं पा सकता था। यीशु ने क्रूस पर अपना पवित्र लहू बहाकर हमारे पापों का कर्ज चुका दिया। आज पवित्र आत्मा हमें डर से नहीं, बल्कि एक अनोखे साहस और सामर्थ्य से भर देता है ताकि हम संसार में मसीह की गवाही दे सकें।
3. यीशु हमारा सच्चा चरवाहा और जीवित परमेश्वर है
गीत के अंतिम भाग में यीशु को ‘अय्याली’ (चरवाहा) और ‘मम्बा’ (सोता/उद्गम) कहा गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि उसकी ‘कब्र खाली है’। वह मरा हुआ गुरु नहीं, बल्कि जी उठा और आज भी जीवित खुदा है। उसके कदमों में ही सच्चा जीवन और तृप्ति है।
- भजन संहिता 23:1“यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।”
- यूहन्ना 10:11“अच्छा चरवाहा मैं हूँ; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।”
- लूका 24:5-6“जब वे डर गईं और अपने मुंह धरती की ओर झुकाए रहीं, तो उन्होंने उनसे कहा, ‘तुम जीवित को मरे हुए लोगों में क्यों ढूंढती हो? वह यहाँ नहीं है, परन्तु जी उठा है।'”
- यूहन्ना 4:14“परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर कभी प्यासा न होगा; वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।”
स्पष्टीकरण: संसार के सभी देवी-देवताओं या महापुरुषों की कब्रें आज भी धरती पर मौजूद हैं, लेकिन यीशु मसीह एकमात्र ऐसा है जिसकी कब्र खाली है, क्योंकि उसने मृत्यु पर जय पाई। वह हमारा ऐसा चरवाहा है जो अपनी भेड़ों की हर जरूरत को जानता है और हमें आत्मिक जल के सोते (पवित्र आत्मा और जीवन) से तृप्त करता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
यह गीत केवल गुनगुनाने के लिए नहीं, बल्कि मसीह यीशु में मिली नई पहचान का उत्सव मनाने के लिए है। यदि आज आप अकेले, निराश या पापों के बोझ से दबे हैं, तो याद रखें कि यीशु की ‘रहमतां’ (करुणा) आज भी आपके लिए खुली हैं। उसकी खाली कब्र इस बात का सबूत है कि आपका प्रार्थना सुनने वाला परमेश्वर जीवित है और वह आपकी हर आंधी को शांत करने की सामर्थ्य रखता है। आमीन!
