रुह का अभिषेक ताज़ा अभिषेक Lyrics song
भर दे मुझे भर दे, ताजा अभिषेक से तू भर दे
रुह के मसह से भर, भरके नया तू कर
रूह के फलों से तू भर दे
भर दे मुझे भर दे……
रूह का अभिषेक, ताज़ा अभिषेक…….
1. पहना दे वस्त्र रूहानी, दे दे नई जिंदगानी
तुझमें मैं दौडूगा, फल लेकर आऊंगा
सदा की कुव्वत से भर दे
भर दे मुझे भर दे…….
2. तुझमें ही बढ़ता चलूं मैं, बातों को तेरी सुनूं मैं
सारी बीमारियां, सारी कमजोरियां
खाक मसह से तू कर दे
भर दे मुझे भर दे…….
3. सोचों को मेरी बदल दे, मुझको रूहानी तू बल दे
तेरी हजूरी में, मैं चलता जाऊंगा
रूह के फलों से तू
भर दे भर दे मुझे भर दे…….
गीत का सारांश और आत्मिक स्पष्टीकरण
यह भजन पूरी तरह से पवित्र आत्मा के कार्य और मसीही जीवन में उसके महत्व पर केंद्रित है। मसीही जीवन में ‘अभिषेक’ का अर्थ है परमेश्वर की वह सामर्थ्य जो हमें उसकी सेवा करने और एक पवित्र जीवन जीने के योग्य बनाती है।
1. ताज़ा अभिषेक की आवश्यकता (Fresh Anointing): गीत की मुख्य पंक्तियाँ “भर दे मुझे ताजा अभिषेक से” इस बात पर ज़ोर देती हैं कि एक विश्वासी को हर दिन परमेश्वर की नई सामर्थ्य की आवश्यकता होती है। जैसे शरीर को प्रतिदिन भोजन चाहिए, वैसे ही हमारी आत्मा को भी ‘ताज़ा मसा’ या ताज़ा अभिषेक चाहिए ताकि हम आत्मिक रूप से पुराने न पड़ें।
- बाइबल वचन: “परन्तु मेरा सींग तू ने जंगली साण्ड का सा ऊंचा किया है; मैं ताजे तेल से चुपड़ा गया हूँ।” (भजन संहिता 92:10)
2. पवित्र आत्मा के फल और नयापन: गीत में “रूह के फलों से तू भर दे” और “नया तू कर” शब्दों का प्रयोग हुआ है। जब पवित्र आत्मा किसी व्यक्ति पर ठहरता है, तो उसके स्वभाव में बदलाव आता है। वह प्रेम, आनन्द, शांति और धीरज जैसे गुणों से भर जाता है। पवित्र आत्मा हमें नया बनाता है और हमारे पुराने स्वभाव को बदल देता है।
- बाइबल वचन: “परन्तु आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं।” (गलातियों 5:22-23)
3. रूहानी वस्त्र और नई ज़िंदगानी: “पहना दे वस्त्र रूहानी, दे-दे नई ज़िंदगानी” – ये पंक्तियाँ आत्मिक सुरक्षा और नए जीवन का प्रतीक हैं। बाइबल हमें सिखाती है कि मसीह में आने के बाद हम नए सृजन बन जाते हैं और हमें परमेश्वर के द्वारा दिए गए धार्मिकता के वस्त्र पहनने की आवश्यकता है।
- बाइबल वचन: “इसलिये यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गई हैं।” (2 कुरिन्थियों 5:17)
4. चंगाई और सामर्थ्य: गीत में प्रार्थना की गई है कि पवित्र आत्मा का अभिषेक सारी बीमारियों और कमजोरियों को दूर कर दे [00:05:24]। मसीही विश्वास में, अभिषेक केवल शांति के लिए नहीं, बल्कि शैतान के बंधनों को तोड़ने और चंगाई पाने के लिए भी है।
- बाइबल वचन: “उस समय ऐसा होगा कि उसका बोझ तेरे कंधे पर से और उसका जूआ तेरे गले पर से उठा लिया जाएगा, और अभिषेक के कारण वह जूआ तोड़ डाला जाएगा।” (यशायाह 10:27)
5. सोच का नवीनीकरण और रूहानी बल: अंतिम भाग में “सोच को मेरी बदल दे, मुझको रूहानी तू बल दे” [00:07:13] के द्वारा मन के नवीनीकरण पर बल दिया गया है। जब तक हमारी सोच नहीं बदलती, हमारा जीवन नहीं बदल सकता। पवित्र आत्मा हमारी बुद्धि को प्रकाशित करता है ताकि हम परमेश्वर की इच्छा को समझ सकें।
- बाइबल वचन: “और इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिससे तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।” (रोमियो 12:2)


