Yeshu tu hai shafi Lyrics

Yeshu tu hai shafi Lyrics
Share

येसु तू है शाफी Lyrics song


Yeshu tu hai shafi Lyrics


तू है शाफी, गुनाहों की माफी
बिना तेरे मैं कुछ भी नहीं,
करूंगा स्तुति, रूह से मैं तेरी,
छुपने की तू है, जगह मेरी
येसु तू है शाफी…….


1. इक तेरी आवाज़ से येसु, मुर्दा लाज़र जी उठा
इक तेरी आवाज़ से येसु, जन्म का लंगडा चल पड़ा
खूब निराली शान है तेरी, रूतबा तेरा आला है
तेरी ही आवाज़ सुनूं मैं, हर पल मेरे नासरी
येसु तू है शाफ़ी…….


2. तेरा हाथ जलाली येसु, जकड़ों को करता रिहा
तेरे हाथ को थामा जिसने, तन्हा कभी वो न रहा
लाता हूं ईमान मैं तुझ पर, मेरी तू है ज़िन्दगी
अपना हाथ बढ़ा दे मुझ पर, ये ही दुआ है नासरी
येसु तू है शाफी…….

यह नाज़िया यूनुस द्वारा गाया गया भजन “यीशु तू है शाफी” परमेश्वर की चंगाई, क्षमा और सामर्थ्य पर आधारित एक बहुत ही गहरा मसीही गीत है। नीचे इस गीत का विस्तृत सारांश और उससे संबंधित बाइबल के वचन दिए गए हैं, जिन्हें आप अपनी पोस्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं:

गीत का आध्यात्मिक सारांश: यीशु तू है शाफी

यह भजन मुख्य रूप से प्रभु यीशु मसीह के ‘शाफी’ (चंगाई देने वाला) स्वरूप को प्रकट करता है। गीत की शुरुआत ही इस समर्पण के साथ होती है कि बिना ईश्वर की कृपा के मनुष्य का अस्तित्व शून्य है। इसमें पापों की क्षमा और आंतरिक शांति के लिए यीशु को ही एकमात्र मार्ग बताया गया है।

गीत के बोल हमें याद दिलाते हैं कि यीशु की आवाज़ में वह सामर्थ्य है जो मुर्दों में जान डाल देती है और असंभव को संभव कर देती है। यह केवल शारीरिक चंगाई की बात नहीं करता, बल्कि आत्मिक चंगाई की भी बात करता है। जब हम पापों के बोझ तले दबे होते हैं, तब यीशु का लहू हमें ‘गुनाहों की माफी’ प्रदान करता है। गीत का दूसरा भाग परमेश्वर की उपस्थिति को एक सुरक्षित पनाहगाह के रूप में दर्शाता है, जहाँ एक विश्वासु खुद को सुरक्षित महसूस करता है। यह हमें सिखाता है कि जो कोई विश्वास के साथ उनका हाथ थामता है, वह कभी अकेला नहीं छोड़ा जाता।


गीत से जुड़े प्रमुख बाइबल वचन और स्पष्टीकरण

इस गीत के भावों को समझने के लिए निम्नलिखित बाइबल के वचन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:

1. चंगाई और उद्धारकर्ता के रूप में यीशु (शाफी): गीत में यीशु को चंगाई देने वाला कहा गया है। बाइबल हमें बताती है कि हमारी बीमारियाँ और दुख उन्होंने स्वयं सह लिए।

“परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।” (यशायाह 53:5)

2. पापों की क्षमा (गुनाहों की माफी): गीत में बार-बार पापों की माफी का जिक्र है। मसीही विश्वास के अनुसार, केवल यीशु के लहू के द्वारा ही हमें शुद्धता मिलती है।

“यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।” (1 यूहन्ना 1:9)

3. असंभव को संभव करने वाली आवाज़: गीत की पंक्ति “एक तेरी आवाज़ से यीशु मुर्दा जी उठा” सीधे तौर पर लाजर के जी उठने और यीशु के सामर्थ्य की ओर संकेत करती है।

“यीशु ने उससे कहा, ‘पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं; जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।'” (यूहन्ना 11:25)

4. लंगड़ों का चलना और चमत्कार: बाइबल में कई स्थानों पर दर्ज है कि यीशु के स्पर्श और शब्द से बीमार ठीक हुए।

“अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते-फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते और बहरे सुनते हैं; मुर्दे जिलाए जाते हैं और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।” (मत्ती 11:5)

5. सुरक्षित स्थान और शरणस्थान: जब गीत कहता है “छुपने की तू है जगह मेरी”, तो यह भजनकार दाऊद के उन शब्दों को दोहराता है जहाँ वह ईश्वर को अपनी चट्टान कहता है।

“तू मेरे छिपने का स्थान है; तू संकट से मेरी रक्षा करेगा; तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।” (भजन संहिता 32:7)

6. ईश्वर की उपस्थिति और पवित्र आत्मा: गीत में “रूह” (पवित्र आत्मा) की उपस्थिति में रहने की बात की गई है।

“क्या तुम नहीं जानते कि तुम्हारी देह पवित्र आत्मा का मन्दिर है, जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है?” (1 कुरिन्थियों 6:19)

7. ईश्वर का हाथ थामना और भरोसा: गीत विश्वास दिलाता है कि प्रभु का हाथ थामने वाला कभी तन्हा नहीं रहता।

“क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कर तुझ से कहता हूं, ‘मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।'” (यशायाह 41:13)


निष्कर्ष

यह भजन केवल एक गीत नहीं बल्कि एक प्रार्थना है। यह एक टूटे हुए मन की पुकार है जो अपने सृष्टिकर्ता से चंगाई और शांति मांग रहा है। जिस प्रकार बाइबल कहती है कि विश्वास करने वालों के लिए सब कुछ संभव है, यह गीत उसी विश्वास को हमारे हृदयों में फिर से जीवित करता है। यह हमें याद दिलाता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, यदि हम यीशु के पास आते हैं, तो वह हमें क्षमा करने, चंगा करने और अपनी शांति से भरने के लिए हमेशा तैयार हैं।


Yeshu tu hai shafi Lyrics in hindi



Scroll to Top
Donate
WhatsApp