TERE BINA JINADGI MERI YESHU KUCH NAHI Lyrics

TERE BINA JINADGI MERI YESHU KUCH NAHI Lyrics
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तेरे बिना जिंदगी मेरी यीशु कुछ नहीं Lyrics song

तेरे बिना ज़िन्दगी मेरी, येसु कुछ नहीं -2 
तू है जिंदा खुदावंद मेरा, भूलं ना ये कभी 
तेरे बिना ज़िन्दगी……..

1. तृ हो सुबह है, तू ही मेरी शाम 
मेरे लबों पे बस, येसु तेरा नाम -2 
जबसे मिली शिफ़ा मुड़ाकों -2, ईमान है तभी, 
तेरे बिना ज़िन्दगी……

सुबह हो या शाम, लेना प्रभु का नाम 
कहते जाना तुम, येसु येसु नाम 
येसु नाम-येसु नाम, येसु नाम-येसु नाम -2 
सुबह हो या शाम ……

2. बिगड़ी बनाने वाला येसु, राह दिखाने वाला येसु 
सारे दुखों को दूर करेगा, हृदय में शांति आन्द भरेगा 
सुबह हो या शाम …….

गीत का मुख्य सारांश (Song Summary)

यह गीत प्रभु यीशु मसीह की संप्रभुता, उनकी जीवित उपस्थिति और हमारे जीवन में उनकी अपरिहार्यता को प्रकट करता है। इस गीत का मुख्य सार यह है कि मसीह के बिना मानव जीवन पूरी तरह से शून्य, दिशाहीन और अर्थहीन है। यीशु केवल इतिहास के कोई पात्र नहीं, बल्कि वे आज भी जीवित परमेश्वर (जिंदा खुदावंद) हैं, जो अपने बच्चों की पुकार सुनते हैं।

यह गीत एक विश्वासी के समर्पण को दर्शाता है, जहाँ उसका दिन प्रभु की याद से शुरू होता है और उन्हीं की आराधना में समाप्त होता है (तू ही सुबह है, तू ही मेरी शाम)। जब कोई व्यक्ति यीशु के नाम से चंगाई (शिफ़ा) और उद्धार को चख लेता है, तो उसका विश्वास (ईमान) चट्टान की नाईं मजबूत हो जाता है। यह गीत हमें यह विश्वास दिलाता है कि यीशु बिगड़े हुए हालातों को बनाने वाले, भटके हुओं को राह दिखाने वाले और दुखी मनों में स्वर्गीय शांति और आनंद भरने वाले एकमात्र सच्चे परमेश्वर हैं।

गीत के अंतरा-अनुसार बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

1. यीशु के बिना जीवन की शून्यता और उनका जीवित होना

“तेरे बिना ज़िन्दगी मेरी, येसु कुछ नहीं… तू है जिंदा खुदावंद मेरा, भूलं ना ये कभी…”

यह भाग हमें स्मरण कराता है कि हमारी आत्मिक और शारीरिक साँसों का आधार केवल मसीह हैं। वे मरे हुए पत्थरों या मूर्तियों के समान नहीं, बल्कि कब्र को फतह करके जी उठे जीवित प्रभु हैं।

  • यूहन्ना 15:5 (पवित्र बाइबल):“मैं दाखलता हूँ, तुम डालियाँ हो; जो मुझ में बना रहता है और मैं उसमें, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझसे अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।”
    • स्पष्टीकरण: यीशु ने स्वयं कहा कि उनसे अलग होकर हमारा अस्तित्व ‘कुछ नहीं’ है। जैसे डाली दाखलता के बिना सूख जाती है, वैसे ही मसीह के बिना जीवन व्यर्थ है।
  • प्रकाशितवाक्य 1:18 (पवित्र बाइबल):“और मैं जीवित हूँ; मैं मर गया था, और देखो, मैं युगानुयुग जीवता हूँ; और मृत्यु और अधोलोक की कुंजियाँ मेरे ही पास हैं।”
    • स्पष्टीकरण: यह वचन गीत की इस पंक्ति को प्रमाणित करता है कि यीशु ‘जिंदा खुदावंद’ हैं, जो हमेशा हमारे साथ बने रहते हैं।

2. निरंतर आराधना और चंगाई से उपजा विश्वास

“तू ही सुबह है, तू ही मेरी शाम, मेरे लबों पे बस, येसु तेरा नाम… जबसे मिली शिफ़ा मुझको, ईमान है तभी…”

दिन-रात प्रभु का नाम लेना और उनकी संगति में रहना एक मसीही जीवन का स्वभाव है। जब यीशु हमारे रोगों और पापों से हमें शिफ़ा (चंगाई) देते हैं, तो हमारा विश्वास दृढ़ हो जाता है।

  • भजन संहिता 113:3 (पवित्र बाइबल):“सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक यहोवा का नाम स्तुति के योग्य है।”
    • स्पष्टीकरण: यह वचन सिखाता है कि सुबह हो या शाम, हर पहर केवल प्रभु यीशु मसीह का नाम ही हमारे लबों पर होना चाहिए।
  • मत्ती 8:17 (पवित्र बाइबल):“ताकि जो वचन यशायाह भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो: ‘उसने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।'”
    • स्पष्टीकरण: यीशु आज भी कोड़े खाने के द्वारा हमें शिफ़ा देते हैं। जब हम उनके इस चंगाई के सामर्थ्य को देखते हैं, तो हमारा ईमान (विश्वास) जीवित हो उठता है।

3. बिगड़ी बनाने वाला और मार्गदर्शक परमेश्वर

“बिगड़ी बनाने वाला येसु, राह दिखाने वाला येसु…”

मनुष्य जब अपने पापों या हालातों के कारण टूट जाता है, तब यीशु उसके जीवन का पुनर्निर्माण करते हैं और अंधकार भरे संसार में सच्चे मार्ग की ज्योति बनते हैं।

  • यशायाह 45:2 (पवित्र बाइबल):“मैं तेरे आगे-आगे चलूँगा और ऊँची-ऊँची भूमियों को चौरस करूँगा; मैं पीतल के किवाड़ों को तोड़ डालूँगा और लोहे के बेड़ों को टुकड़े-टुकड़े कर दूँगा।”
    • स्पष्टीकरण: जब हमारे जीवन की परिस्थितियाँ बिगड़ जाती हैं, तो यीशु आगे चलकर हर रुकावट को दूर करते हैं और हमारी बिगड़ी हुई बात को बना देते हैं।
  • यूहन्ना 8:12 (पवित्र बाइबल):“यीशु ने फिर लोगों से कहा, ‘जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।'”
    • स्पष्टीकरण: यीशु हमें भटकाव से बचाकर स्वर्ग और धार्मिकता की सच्ची राह दिखाने वाले मार्गदर्शक हैं।

4. दुखों का निवारण और हृदय में अलौकिक शांति

“सारे दुखों को दूर करेगा, हृदय में शांति आन्द भरेगा…”

संसार केवल चिंता और क्लेश दे सकता है, परन्तु मसीह की उपस्थिति हृदय को उस शांति से भर देती है जो संसार की समझ से बिल्कुल परे है।

  • यूहन्ना 14:27 (पवित्र बाइबल):“मैं तुम्हें शांति दिए जाता हूँ, अपनी शांति तुम्हें देता हूँ; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें वैसे नहीं देता। तुम्हारा मन व्याकुल न हो और न डरे।”
    • स्पष्टीकरण: यीशु हमारे हृदयों में ऐसी अटूट शांति और आनंद भरते हैं, जिसके बाद संसार का कोई भी दुख हमें विचलित नहीं कर सकता।
  • प्रकाशितवाक्य 21:4 (पवित्र बाइबल):“वह उनकी आँखों से सब आँसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न रोना, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।”
    • स्पष्टीकरण: यीशु मसीह अपने लोगों के सारे दुखों को दूर करने वाले और उनके आंसुओं को शाश्वत आनंद में बदलने वाले दयालु परमेश्वर हैं।

निष्कर्ष: यह गीत हर विश्वासी को प्रतिदिन यह स्वीकार करने की प्रेरणा देता है कि हमारा उठना, बैठना, चलना और संपूर्ण अस्तित्व केवल और केवल यीशु मसीह के अनुग्रह पर निर्भर है। उनके बिना हम कुछ भी नहीं हैं।

TERE BINA JINADGI MERI YESHU KUCH NAHI Lyrics in hindi

तेरे बिना जिंदगी मेरी यीशु कुछ नहीं Lyrics song in hindi

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