तेरा ही भरोसा है तेरा ही सहारा है | Lyrics in Hindi
तेरा ही भरोसा है तेरा ही सहारा है
जब से मेरे येशुजी, मैने तुझको पुकारा है
1) तु हमको अदा करता, सांसें इन हवाओं से
तेरा ही रहम रखता महफूज बलाओं से
बिन तेरे नहीं अपना एक पल भी गूजारा हैं
जब से मेरे येशु जी मेंने तुझको पूकारा हैं
2) जो बीज कभी मैने आसुओ से बोया है
वो याद है फल उसका मैंने नहीं खोया है
हस्ती को मेरी प्रभू तुम ने ही सवारा है
जब से मेरे येशु जी मैने तुझको पुकारा है..
3) जब में नहीं लड़ता था, आईं हुई आफत से
तु मुझको बचाता है आस्मानी ताकत से
दुश्मन से मुझे मिलता फौरन छुटकारा है
जब से मेरे येशु जी मैने तुझको पुकारा है
4) अंजाने या जाने में जो मुझ से खताये हूई
था पाने के में लायक, फिर भी ना सजाये हूई
जो बेहता लहू तेरा मेरा वो कफारा है
जब से मेरे येशु जी मैने तुझको पुकारा है
1. सृष्टि, जीवन की सांस और प्रभु की सुरक्षा
गीत की शुरुआत इस बात की स्वीकारोक्ति से होती है कि हमारा पूरा जीवन ईश्वर के हाथ में है। वह हमें हवाओं से सांसें देता है और हर संकट से सुरक्षित रखता है। हमारा अस्तित्व उसके बिना अधूरा है।
अय्यूब 33:4 — “ईश्वर की आत्मा ने मुझे बनाया है, और सर्वशक्तिमान की सांस से मुझे जीवन मिलता है।”
भजन संहिता 121:7-8 — “यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सर्वदा तक करता रहेगा।”
स्पष्टीकरण: बाइबल स्पष्ट करती है कि हमारी हर एक सांस प्रभु की देन है। जब हम उस पर भरोसा रखते हैं, तो वह हमें दुनिया की तमाम बलाओं (मुसीबतों) से महफूज रखता है। उसके बिना हमारा एक पल भी बिताना असंभव है।
2. आंसुओं का बोना और आनंद से काटना (प्रतिफल)
गीत का दूसरा भाग जीवन के संघर्षों, दुखों और परमेश्वर के वफादार स्वभाव को दर्शाता है। जब हम आंसुओं के साथ प्रार्थना के बीज बोते हैं, तो प्रभु उसका प्रतिफल आनंद के रूप में देता है। वह हमारी बिखरी हुई हस्ती को संवारता है।
भजन संहिता 126:5-6 — “जो आंसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएंगे। चाहे कोई रोता हुआ बीज बोने के लिये जाता हो, परन्तु वह आनन्द करता हुआ अपने पूले लिए हुए निश्चय लौट आएगा।”
गलातियों 6:9 — “हम भले काम करने में हियाव न छोड़ें, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।”
स्पष्टीकरण: प्रभु हमारे आंसुओं की एक-एक बूंद का हिसाब रखता है। कठिन समय में बोया गया हमारा विश्वास और प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती। यीशु मसीह हमारे जीवन को नया रूप देकर महिमा से भर देते हैं।
3. आत्मिक युद्ध और आसमानी ताकत (छुटकारा)
जब मनुष्य विपत्तियों के सामने बेबस हो जाता है और खुद लड़ने के योग्य नहीं रहता, तब परमेश्वर अपनी स्वर्गीय सामर्थ्य (आस्मानी ताकत) से हमारे शत्रुओं और आफ़तों से हमें छुटकारा दिलाता है।
निर्गमन 14:14 — “यहोवा आप ही तुम्हारे लिये लड़ेगा, और तुम शान्त रहो।”
भजन संहिता 34:17 — “धर्मी दुहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उनको उनके सब कष्टों से छुड़ाता है।”
इफिसियों 6:10 — “निदान, प्रभु में और उसकी शक्ति के प्रभाव में बलवन्त बनो।”
स्पष्टीकरण: यह वचन सिखाते हैं कि मसीही जीवन में लड़ाई हमारी नहीं, बल्कि प्रभु की है। जब शैतान या कोई सांसारिक आफत हम पर हमला करती है, तो प्रभु यीशु अपनी सामर्थ्य से हमें तुरंत छुटकारा देते हैं।
4. पापों की क्षमा और क्रूस का कफारा (यीशु का लहू)
गीत का यह सबसे महत्वपूर्ण और हृदयस्पर्शी भाग है। मनुष्य जाने-अनजाने में कई पाप (खताएं) करता है, जिसके कारण वह दंड का भागी है। परन्तु यीशु मसीह ने क्रूस पर अपना पवित्र लहू बहाकर हमारे पापों का ‘कफारा’ (प्रायश्चित) कर दिया, जिससे हमें सजा के बदले क्षमा मिली।
रोमियो 5:8 — “परन्तु परमेश्वर हमारे लिये अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।”
1 यूहन्ना 1:7 — “परन्तु यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।”
इफिसियों 1:7 — “हम को उसमें उसके लोहू के द्वारा छुटकारा अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।”
स्पष्टीकरण: हम सजा के लायक थे, लेकिन यीशु के क्रूस के बलिदान ने हमें बचा लिया। उसका बहता हुआ लहू हमारे पापों को ढांप लेता है और हमें परमेश्वर के सामने निर्दोष ठहराता है।


