Sajda Karun Tera Lyrics

Sajda Karun Tera Lyrics
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सजदा करूं तेरा | Lyrics song

तेरा सजदा करूं-सजदा करुं 
तेरा सजदा करूं सजदा करुं तेरा….

1. होले होले – होले होले 
ये दिल तेरा हुआ 
नैनन में बस गया तू 
रैन सवेरा हुआ 
के तेरा मेरा बंधन टूटे ना 
साथ तेरा कभी छूटे ना 
साथ तेरा कभी छूटे ना 
सजदा करुं तेरा….

2. मेरा सिर झुके ना कही तेरा बिना 
तेरी हैं महिमा के नगमें गाती रहे ये जुबान 
के महिमा तेरी गाऊं मैं 
के तुझमें बढ़ता जाऊं मै 
येशु तुझमें बढ़ता जाऊं मैं 
सजदा करूं तेरा….

गीत का आध्यात्मिक सारांश (Song Summary)

यह गीत एक मसीही विश्वासी के दिल की गहरी पुकार है, जो प्रभु यीशु मसीह के प्रति अटूट प्रेम, पूर्ण समर्पण और आराधना (सजदा) को दर्शाता है। गीत का मुख्य संदेश यह है कि जब कोई इंसान प्रभु के प्रेम को चख लेता है, तो उसका जीवन पूरी तरह बदल जाता है।

इस गीत को मुख्य रूप से तीन भागों में समझा जा सकता है:

  1. हृदय का परिवर्तन और अटूट बंधन: गीत की शुरुआत बताती है कि कैसे धीरे-धीरे (होले-होले) यह दिल प्रभु का हो गया। मसीह का प्रेम जबरदस्ती नहीं, बल्कि बड़े धीरज से हमारे जीवन में काम करता है। जब वे हमारे नैनों (आँखों और विचारों) में बस जाते हैं, तो जीवन का सारा अंधकार मिट जाता है और एक नया सवेरा होता है। विश्वासी प्रार्थना करता है कि प्रभु के साथ उसका यह प्रेम का बंधन कभी न टूटे।
  2. एकमात्र प्रभु की आराधना और महिमा: गीत का दूसरा भाग पूर्ण समर्पण को दिखाता है। “मेरा सिर झुके ना कहीं तेरे बिना” यह घोषित करता है कि हमारा उद्धारकर्ता केवल यीशु है और हम किसी और के सामने नहीं झुकेंगे। हमारी जुबान केवल उसकी महिमा के गीत गाने के लिए है।
  3. आत्मिक उन्नति की चाह: गीत का अंतिम लक्ष्य है—”तुझमें बढ़ता जाऊँ मैं।” एक मसीही जीवन का उद्देश्य केवल उद्धार पाना नहीं, बल्कि हर दिन आत्मिक रूप से प्रभु यीशु के स्वरूप में बदलते जाना और उनमें बढ़ते जाना है।

गीत से जुड़े मुख्य बाइबल वचन और स्पष्टीकरण (Bible Verses & Explanation)

इस गीत के गहरे अर्थ को समझने के लिए बाइबल के निम्नलिखित वचन सबसे सटीक और पूर्ण रूप से प्रासंगिक हैं:

1. प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण और आराधना (सजदा)

गीत की मुख्य पंक्ति “सजदा करूँ तेरा” और “मेरा सिर झुके ना कहीं तेरे बिना” मसीह के प्रति हमारी अनन्य भक्ति को दर्शाती है। बाइबल हमें केवल एक ही सच्चे परमेश्वर की आराधना करने की आज्ञा देती है।

मत्ती 4:10 “तब यीशु ने उससे कहा, ‘हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है: तू अपने प्रभु परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर।’”

स्पष्टीकरण: यह वचन साफ करता है कि हमारा सिर, हमारा आदर और हमारी आराधना (सजदा) केवल प्रभु यीशु मसीह के लिए है, क्योंकि वही हमारा सृजनहार और मुक्तिदाता है।

2. अंधकार से ज्योति में आना (नैनन में बस गया तू, रैन सवेरा हुआ)

जब यीशु हमारे जीवन में आते हैं, तो पाप और निराशा की रात (रैन) खत्म हो जाती है और अनुग्रह का सवेरा होता है।

यूहन्ना 8:12 “यीशु ने फिर लोगों से कहा, ‘जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अंधकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।’”

स्पष्टीकरण: गीत की यह पंक्ति इस वचन को पूरी तरह उजागर करती है। जब यीशु हमारे दिल और आँखों में बस जाते हैं, तो हमारे आत्मिक जीवन में भोर का सवेरा हो जाता है और हमें जीवन का मार्ग मिल जाता है।

3. अटूट प्रेम और बंधन (के तेरा मेरा बंधन टूटे ना)

प्रभु का प्रेम ऐसा है जिससे हमें कोई अलग नहीं कर सकता, और एक सच्चा विश्वासी हमेशा इसी संगति में बने रहना चाहता है।

रोमियों 8:38-39 “क्योंकि मैं दृढ़ निश्चय जानता हूँ कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएँ, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ्य, न ऊँचाई, न गहराई, और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के उस प्रेम से अलग कर सकेगी, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है।”

स्पष्टीकरण: यह वचन विश्वासियों को यह भरोसा देता है कि मसीह के साथ हमारा बंधन अटूट है। प्रभु ने हमें कभी न छोड़ने का वादा किया है, और यही प्रार्थना इस गीत में भी है।

4. जुबान से महिमा के नगमें गाना (तेरी हैं महिमा के नगमें गाती रहे ये जुबान)

हमारी जीभ और हमारे होंठों का सबसे उत्तम उपयोग यह है कि हम अपने जीवित परमेश्वर की स्तुति करें।

भजन संहिता 71:8 “मेरा मुँह तेरे गुणानुवाद और दिन भर तेरे प्रताप के वर्णन से भरा रहे।”

स्पष्टीकरण: भजनकार की तरह इस गीत के लेखक की भी यही इच्छा है कि यह जुबान संसार की व्यर्थ बातों को छोड़कर केवल यीशु मसीह की महिमा के नगमें (गीत) गाती रहे, क्योंकि वही स्तुति के योग्य है।

5. मसीह में आत्मिक रूप से बढ़ना (यीशु तुझमें बढ़ता जाऊँ मैं)

एक मसीही का आत्मिक सफर रुकने के लिए नहीं, बल्कि लगातार मसीह के ज्ञान और अनुग्रह में आगे बढ़ने के लिए है।

2 पतरस 3:18 “परन्तु हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।”

स्पष्टीकरण: गीत की यह अंतिम पुकार इस वचन का साक्षात् रूप है। मसीह में बढ़ने का अर्थ है अपने पुराने स्वभाव को छोड़ना और यीशु के जैसे प्रेम, पवित्रता और नम्रता में हर दिन उन्नति करते जाना।

Sajda Karun Tera Lyrics in hindi

सजदा करूं तेरा | Lyrics song in hindi

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