प्रभु का धन्यवाद करूँगा | Lyrics song
प्रभु का धन्यवाद करूगा
उस की संगती में सदा रहूंगा
साथ न्चलूंगा में जय जरूर पाऊंगा
1) ना देगी मुझे दुनिया कभी भी
कोई सुख और शांती आराम
मेरे यीशु के साथ धन्य संगति मे
सदा मिलती खुशी मुझको
2) मेरा जिन्दगी की हर परेशानी में
खुल जाता है आशा का द्वार
कभी न डरूंगा कभी न हटुंगा
चाहे जान भी देना पड़े
3) कितना अच्छा है वो कितना धन्य है
येशु ही मेरे जीवन का साथी
मेरी जरूरतों को पूरी करता है वो
कोई घटी नहीं मुझको
4) मेरी भायु के दिन पग-पग में सदा
तेरी सेवा को पूरी करूंगा
एक बत्ती समान जलता रहूंगा
तेरी महिमा मेरी कामना
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन
यह गीत एक विश्वासी के जीवन की अटूट आस्था, कृतज्ञता (धन्यवाद) और प्रभु यीशु मसीह के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाता है। यह हमें सिखाता है कि संसार की कोई भी वस्तु हमें सच्ची शांति नहीं दे सकती, केवल यीशु मसीह ही हमारी आशा, सांत्वना और आवश्यकताओं को पूरा करने वाले चरवाहे हैं। आइए, इस गीत के चारों भागों का बाइबल वचनों के प्रकाश में स्पष्टीकरण देखें:
1. संसार की व्यर्थता और मसीह में सच्ची शांति
गीत की पहली पंक्तियाँ हमें याद दिलाती हैं कि यह संसार हमें कभी भी स्थायी सुख, शांति या आराम नहीं दे सकता। सच्ची खुशी और संगति केवल प्रभु यीशु में मिलती है।
यूहन्ना 14:27 — “मैं तुम्हें शांति दिए जाता हूँ, अपनी शांति तुम्हें देता हूँ; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता। तुम्हारा मन व्याकुल न हो और न डरे।”
भजन संहिता 16:11 — “तू मुझे जीवन का मार्ग दिखाएगा; तेरे निकट आनंद की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।”
2. संकटों में आशा और अडिग विश्वास
जब जीवन में परेशानियाँ आती हैं, तो मसीह में हमारी आशा का द्वार खुल जाता है। एक सच्चा विश्वासी मसीह के लिए अपनी जान तक देने से पीछे नहीं हटता, क्योंकि उसका भरोसा उस परमेश्वर पर है जिसने मृत्यु पर जय पाई है।
रोमियो 5:3-4 — “केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमंड करें, यह जानकर कि क्लेश से धीरज, और धीरज से परख, और परख से आशा उत्पन्न होती है।”
प्रकाशितवाक्य 2:10 — “जो दुःख तुझे झेलने होंगे, उनसे मत डर… प्राण देने तक विश्वासी रह, तो मैं तुझे जीवन का मुकुट दूँगा।”
3. प्रभु की भलाई और आवश्यकताओं की पूर्ति
तीसरा भाग प्रभु यीशु की भलाई और उनकी संगति की धन्यता को प्रकट करता है। जैसे एक अच्छा चरवाहा अपनी भेड़ों की परवाह करता है, वैसे ही यीशु हमारी हर कमी को पूरा करते हैं, जिससे हमारे जीवन में कोई घटी नहीं होती।
भजन संहिता 23:1 — “यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।”
फिलिप्पियों 4:19 — “और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है, तुम्हारी हर एक आवश्यकता को पूरा करेगा।”
4. जीवन भर सेवा और ज्योति के समान चमकना
गीत का अंतिम भाग पूर्ण समर्पण का आह्वान है। जब तक जीवन (आयु) है, तब तक प्रभु की सेवा करना और इस संसार में एक जलती हुई बत्ती (ज्योति) के समान चमकना ही एक विश्वासी की अंतिम इच्छा होनी चाहिए ताकि परमेश्वर की महिमा हो।
मत्ती 5:16 — “उसी प्रकार तुम्हारी ज्योति मनुष्यों के सामने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में है, बड़ाई करें।”
रोमियो 12:1 — “इसलिए हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिलाकर बिनती करता हूँ कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।”
निष्कर्ष (जय का जीवन)
गीत का मुख्य संदेश यही है कि जो कोई मसीह के साथ चलता है, वह “जय जरूर पाएगा”। मसीह यीशु में हमारी जीत निश्चित है।
1 कुरिन्थियों 15:57 — “परंतु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवंत करता है।”

