Paak rooh ki aag ki sholay Lyrics

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[ पाक रूह की आग के शोले ] Lyrics in Hindi

पाक रूह की आग के शोले,

भेज आसमान खोल कर,

मेरा इनाम पाक रूह,

भेज आसमान खोल कर

पाक रूह की…

1. जिसमे मसीहा का रूह नहीं,

येशु की दुल्हन में शामिल नहीं,

मुझमे तू अपना ज़ोर भर,

भेज आसमान खोल कर

पाक रूह की….

2. रूहे पाक मेरा असासा है,

दुखों में देता दिलासा है,

कूवत से मामूर कर,

भेज आसमान खोल कर,

पाक रुह की…..

3. रुहे पाक तेरा इंतजार है,

तेरे लिए दिल बेकरार है,

मेरी ज़रूरत पूरी कर,

भेज आसमान खोल कर,

पाक रूह की….

Paak rooh ki aag ki sholay Lyrics

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