ओहना दे कम रुकदे नहीं Lyrics song
ओहना दे कम्म रुकदे नहीं,
यारी लग गई जिना दी यीशु नाल -2
ओह पतरस वांगू रेन्हदे ने -2
खाली हुँदे न ओहना दे कदे जाल
ओहना दे कम्म...
ओहदी बादशाही विच,
रहमता ने बड़ियाँ
जेला चों छड़ौन्दा यीशु,
तोड़ दिंदा हथकड़ियाँ -2
ओह प्यार मैनू सच्चा करदा -2
हुण दिंदा नहियों विंगा मेरा बाल...
वददे तूफाना विच,
हथ फड़ के उठौन्दा ए
ओह डूबन नहीं दिंदा यीशु,
पाणी ते चलौन्दा ए -2
ओह मछिया नाल भर दिंदा ए -2
खाली हुण नहियों दिंदा कदे जाल...
बल दिया भट्टिया च,
नज़र ओह आऊंदा ए
शेरा दे मुँहा नूं यीशु,
चुप वी करौंदा ए -2
ओह खतरेया विचों कडदा -2
खड़ जांदा आ के सदा साडे नाल...
इस बेहद सामर्थी और आशीषमय पंजाबी मसीही गीत “ओहना दे कम रुकदे नहीं (यारी लग गई जिन्हा दी यीशु नाल)” का शुद्ध आत्मिक सारांश और उससे जुड़े पवित्र बाइबल के पूरे वचन नीचे दिए गए हैं। आप इसे अपनी पोस्ट के विवरण के रूप में उपयोग कर सकते हैं:
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन का स्पष्टीकरण
यह गीत इस महान आत्मिक सत्य की घोषणा करता है कि जो लोग प्रभु यीशु मसीह के साथ एक गहरा, अटूट और सच्चा रिश्ता (यारी) बना लेते हैं, उनके जीवन का कोई भी काम कभी रुकता नहीं है। प्रभु अपने प्रिय विश्वासी को कभी लाचार या खाली हाथ नहीं छोड़ते, बल्कि हर एक संकट, तूफान और परीक्षा में उनके साथ खड़े होकर अद्भुत चमत्कार करते हैं।
नीचे गीत के मुख्य अर्थों के साथ सटीक, शुद्ध और पूरे बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण दिया गया है:
1. मसीह के साथ गहरी संगति (यारी) और भरपूर जीवन
“ओहना दे कम रुकदे नहीं, यारी लग गई जिन्हा दी यीशु नाल… उह पतरस वांगू रहंदे ने, खाली हुंदे ना ओहना दे कदे जाल।”
स्पष्टीकरण: जब एक विश्वासी प्रभु यीशु मसीह के साथ संगति में बढ़ता है, तो उसका जीवन प्रभु की आशीषों से भर जाता है। यहाँ प्रेरित पतरस का उदाहरण दिया गया है। जब पतरस रात भर मेहनत करने के बाद भी खाली हाथ था, तब यीशु के एक वचन ने उसके जाल को मछलियों से भर दिया। जो मसीह के साथ चलते हैं, उनका आत्मिक और सांसारिक जीवन कभी खाली नहीं रहता।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- लुका 5:4-6 – “जब वह बातें कर चुका, तो शमौन से कहा, ‘गहरे में ले चल, और पकड़ने के लिये अपने जाल डालो।’ शमौन ने उत्तर दिया, ‘हे स्वामी, हम ने रात भर परिश्रम किया और कुछ न पाया; तौभी तेरे कहने से मैं जाल डालूँगा।’ जब उन्होंने ऐसा किया, तो बहुत सी मछलियाँ घेरा लाए, और उनके जाल फटने लगे।”
- भजन संहिता 34:10 – “जवान सिंहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भलाई की घटी न होगी।”
2. बंधनों से मुक्ति और मसीह का सच्चा प्रेम
“ओहदी बादशाही विच रहमतें ने बड़ियां, जेलां चों छुड़ाउंदा यीशु तोड़ दिंदा हथकड़ियां… उह प्यार सच्चा मैनुं करदा, होण दिंदा नहीं उह मेरा कदे विगावा।”
स्पष्टीकरण: परमेश्वर का राज्य (बादशाही) दया और अनुग्रह से भरपूर है। जब हम पाप के बंधनों, बीमारियों या शैतान की जेल में जकड़े होते हैं, तो प्रभु यीशु अपनी सामर्थ्य से उन सब आत्मिक ‘हथकड़ियों’ को तोड़कर हमें आज़ाद करते हैं। उनका प्रेम इतना सच्चा और गहरा है कि वह अपने बच्चों का कभी कोई नुकसान (विगावा) नहीं होने देते।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- प्रेरितों के काम 12:7 – “तो देखो, प्रभु का एक दूत आ खड़ा हुआ, और उस कोठरी में प्रकाश चमक गया; और उसने पतरस की पसली पर हाथ मारकर उसे जगाया और कहा, ‘उठ, फुर्ती कर’; और उसके हाथों से जंजीरें टूटकर गिर पड़ीं।”
- यूहन्ना 8:36 – “सो यदि पुत्र तुम्हें स्वतन्त्र करेगा, तो तुम सचमुच स्वतन्त्र हो जाओगे।”
- यशायाह 54:17 – “जितने हथियार तेरी हानि के लिये बनाए जाएं, उन में से कोई सफल न होगा, और जितने लोग मुकद्दमों में तुझ पर नालिश करें उन सबों को तू दोषी ठहराएगा।”
3. तूफानों में प्रभु की सहायता और पानी पर चलना
“वधदे तूफानां विच हथ फड़ के उठाउंदा ए, उह डुब्बन नहीं दिंदा यीशु पानी ते चलाउंदा ए।”
स्पष्टीकरण: मसीही जीवन में जब परीक्षाओं और कठिनाइयों के बड़े-बड़े तूफान उमड़ते हैं और हम खुद को डूबता हुआ महसूस करते हैं, तब प्रभु यीशु मसीह हमारा हाथ थाम लेते हैं। जैसे उन्होंने डूबते हुए पतरस को पानी पर संभाल लिया था, वैसे ही वह हमें हर विपरीत परिस्थिति के ऊपर जयवंत होकर चलना सिखाते हैं।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- मत्ती 14:29-31 – “उसने कहा, ‘आ।’ तब पतरस नाव पर से उतरकर यीशु के पास जाने के लिये पानी पर चलने लगा। पर हवा को देखकर डरा, और जब डूबने लगा तो चिल्लाकर कहा, ‘हे प्रभु, मुझे बचा!’ यीशु ने तुरन्त हाथ बढ़ाकर उसे थाम लिया और उससे कहा, ‘हे अल्पविश्वासी, तू ने क्यों सन्देह किया?'”
- भजन संहिता 139:10 – “वहाँ भी तेरा ही हाथ मेरी अगुवाई करेगा, और तेरा दाहिना हाथ मुझे थामे रहेगा।”
4. आग की भट्ठी और शेरों की मांद से अलौकिक सुरक्षा
“बलदीयां भट्ठीयां च नज़र आउंदा ए, शेरां दे मूंहा नूं यीशु चुप वी कराउंदा ए… उह खतऱ्यां विचों कढदा, खड़ जांदा आके सदा साडे नाल।”
स्पष्टीकरण: यह भाग दानिय्येल नबी और उसके तीन मित्रों (शद्रक, मेशक और अबेदनगो) की अद्भुत गवाही को दर्शाता है। जब विश्वासी को विश्वास के कारण आग की भट्ठी या शेरों के सामने (कठिन खतरों में) डाल दिया जाता है, तो प्रभु यीशु स्वयं उस आग के बीच चौथे पुरुष के रूप में प्रकट होते हैं और शेरों के मुँह बंद कर देते हैं। वह संकट के समय हमेशा हमारे संग खड़े रहते हैं।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- दानिय्येल 3:25 – “उसने कहा, ‘देखो, मुझे चार पुरुष खुले हुए आग के बीच टहलते दिखाई देते हैं, और उनको कुछ भी हानि नहीं पहुँची; और चौथे पुरुष का रूप परमेश्वर के पुत्र के सदृश है।'”
- दानिय्येल 6:22 – “मेरे परमेश्वर ने अपना दूत भेजकर शेरों के मुँह को ऐसा बन्द कर रखा कि उन्होंने मेरी कुछ भी हानि नहीं की; इसका कारण यह है कि मैं उसके सामने निर्दोष पाया गया।”
- भजन संहिता 46:1 – “परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।”
5. हमारी असली पहचान और स्वर्गीय नागरिकता
“हुण सानुं पता लग्या की असल ठिकाना ए… इत्थे साडा की रख्या, असीं स्वर्गां नूं जाणा ए।”
स्पष्टीकरण: गीत का अंतिम भाग हमें याद दिलाता है कि यह पृथ्वी हमारा स्थायी घर नहीं है। हम इस संसार में केवल परदेशी और यात्री हैं। हमारा असली ठिकाना, हमारी असली नागरिकता स्वर्ग में है, जहाँ प्रभु यीशु मसीह ने हमारे लिए एक सुंदर स्थान तैयार किया है।
संबंधित पूरे बाइबल वचन:
- फिलिप्पियों 3:20 – “परन्तु हमारी नागरिकता स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता अर्थात् प्रभु यीशु मसीह के वहाँ से आने की बाट जोह रहे हैं।”
- यूहन्ना 14:2-3 – “मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते तो मैं तुम्हें कह देता; क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं हूँ वहाँ तुम भी रहो।”
निष्कर्ष: यह संपूर्ण गीत एक घोषणा है कि यदि हमारी ‘यारी’ (सच्चा संबंध) प्रभु यीशु से है, तो हम किसी भी खतरे, बंधन या तूफान से हार नहीं सकते। वह हमारे जलों को भरेगा, तूफानों में संभालेगा, आग और शेरों से बचाएगा और अंततः हमें हमारे असली घर—स्वर्ग की महिमा में सुरक्षित पहुँचाएगा।



