लै जावी मैनू वी आपने नाल Lyrics song
लै जावी मैंनू वी आपणे नाल,
जदों तू बदला तो आवेगा अब्बा मेरेया,
येसु अब्बा मेरेया -2
लै जावी मैंनू वी….
1. येसु मेरे अब्बा तू सहारा मेरा, इक्कों इक्क
जीण दा गुज़ारा मेरा -2
कित्ते तू भुल्ल ना जावी ख्याल, जदों तू
बदला तो आवेगा
लै जावी मैंनू वी..
2. तुहियो मेरा घर तू टिकाणा मेरा, तेरे संग होवें
अब्बा जाणा मेरा -2 बुला के मैंनू वी लवी उठा,
जदों तू बदला तो आवेगा
लै जावी मैंनू वी….
3. तू हैं दयावान ना खतावां नू गिणी, अब्बा मेरे कदे
ना गुनाहा नू गिणी -2 तू ला लई आपणे कदमां नाल,
जदों तू बदला तो आवेगा
लै जावी मैंनू वी….
गीत का मुख्य संदेश, बाइबल वचन और स्पष्टीकरण
यह गीत मुख्य रूप से मसीह के बादलों पर आगमन, इस पृथ्वी पर यीशु को अपना एकमात्र सहारा मानने, स्वर्गीय घर की अभिलाषा, और परमेश्वर के अनुग्रह व क्षमाशीलता पर आधारित है।
1. प्रभु का बादलों पर आगमन और संतों का उठा लिया जाना (Rapture)
गीत का मुख्य भाग (स्थायी) सीधे तौर पर प्रभु यीशु मसीह के उस वादे को दर्शाता है जिसमें वे अपने लोगों को इस पृथ्वी से बादलों पर अपने साथ ले जाने के लिए वापस आने वाले हैं। इसे मसीही धर्मशास्त्र में ‘रैप्चर’ या कलीसिया का उठा लिया जाना कहा जाता है।
1 थिस्सलुनीकियों 4:16-17 “क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से ललकार, और प्रधान दूत के शब्द, और परमेश्वर की तुरही फूंके जाने के साथ उतर आएगा; और जो मसीह में मरे हैं, वे पहले जी उठेंगे। तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे, उनके साथ बादलों पर हवा में प्रभु से मिलने के लिये एक साथ उठा लिये जाएंगे; और इस रीति से हम सर्वदा प्रभु के साथ रहेंगे।”
प्रकाशितवाक्य 1:7 “देखो, वह बादलों के साथ आने वाला है; और हर एक आंख उसे देखेगी, वरन जिन्होंने उसे बेधा था वे भी उसे देखेंगे; और पृथ्वी के सारे कुल उसके कारण छाती पीटेंगे। हां। आमीन।”
वचन का स्पष्टीकरण: जब प्रभु यीशु बादलों पर अपनी पूरी महिमा के साथ प्रकट होंगे, तब संसार के सारे दुख-दर्द खत्म हो जाएंगे। गीतकार की यही सबसे बड़ी प्रार्थना है कि ‘अब्बा मेरेया’ जब तू बादलों पर आए, तो मुझे भी अपने साथ ले जाना ताकि मैं हमेशा के लिए तेरे साथ रह सकूं।
2. यीशु मसीह ही जीवन का एकमात्र सहारा और जीने का आधार
पहले अंतरे में विश्वासी यह स्वीकार करता है कि इस पूरी दुनिया में यीशु ही उसका एकमात्र (‘इक्कों इक्क’) सहारा और जीने का कारण है। मसीही जीवन में मसीह से अलग होकर मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं है।
फिलिप्पियों 1:21 “क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।”
भजन संहिता 73:25 “स्वर्ग में मेरा कौन है? और पृथ्वी पर तेरे सिवा मैं किसी और को नहीं चाहता।”
वचन का स्पष्टीकरण: जब विश्वासी कहता है कि ‘इक्कों इक्क जीण दा गुज़ारा मेरा’, तो वह प्रेरित पौलुस की तरह यह घोषणा करता है कि उसका पूरा जीवन मसीह के इर्द-गिर्द ही घूमता है। वह प्रभु से विनती करता है कि इस कठिन संसार की यात्रा में प्रभु उसे कभी न भूले।
3. स्वर्गीय घर और स्थाई ठिकाने की अभिलाषा
दूसरा अंतरा हमें याद दिलाता है कि यह पृथ्वी हमारा स्थाई घर नहीं है, हम यहाँ केवल परदेसी और मुसाफिर हैं। हमारा असली घर और नागरिकता स्वर्ग में है, जहाँ प्रभु यीशु ने हमारे लिए जगह तैयार की है।
यूहन्ना 14:2-3 “मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं; यदि न होते, तो मैं तुमसे कह देता; क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं हूँ वहाँ तुम भी रहो।”
फिलिप्पियों 3:20 “परन्तु हमारी नागरिकता स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहाँ से आने की उत्सुकता से बाट जोह रहे हैं।”
वचन का स्पष्टीकरण: इस संसार के घर और ठिकाने मिट जाने वाले हैं। गीतकार की आत्मिक इच्छा ‘तेरे संग होवें अब्बा जाणा मेरा’ इसी बात को दर्शाती है कि वह उस स्वर्गीय यरूशलेम जाने के लिए पूरी तरह तैयार है जिसे परमेश्वर ने अपने चेलों के लिए प्रतिज्ञा की है।
4. परमेश्वर का अनुग्रह, दया और पापों की क्षमा
तीसरे अंतरे में विश्वासी अपनी कमजोरियों को स्वीकार करते हुए परमेश्वर की अपार दया की भीख मांगता है। वह प्रार्थना करता है कि न्याय के दिन प्रभु उसके गुनाहों और खताओं (गलतियों) की गिनती न करे, बल्कि अपने अनुग्रह से उसे क्षमा करके अपने चरणों से लगा ले।
भजन संहिता 103:10 “उसने हमारे पापों के अनुसार हमसे व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हमको बदला दिया है।”
भजन संहिता 130:3-4 “हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु, कौन खड़ा रह सकेगा? परन्तु तू क्षमा करनेवाला है, जिससे तेरा भय माना जाए।”
इफिसियों 2:8 “क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।”
वचन का स्पष्टीकरण: कोई भी मनुष्य अपने भले कामों से स्वर्ग जाने के योग्य नहीं बन सकता। हम केवल यीशु मसीह के लहू और उसकी दया के कारण ही बचाए जाते हैं। ‘कदे ना गुनाहा नू गिणी’ की पुकार यह दर्शाती है कि हमारा उद्धार हमारे कर्मों से नहीं, बल्कि मसीह के अनुग्रह से होता है जो उसने क्रूस पर हमारे पापों को अपने ऊपर लेकर हमें दिया।
निष्कर्ष (Post Summary)
यह गीत हर एक मसीह विश्वासी को जागृत और तैयार रहने का संदेश देता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा प्रभु बहुत जल्द बादलों पर आने वाला है। इसलिए हमें इस संसार की मोह-माया में खोने के बजाय, अपने गुनाहों की क्षमा मांगते हुए, हर दिन पवित्रता में जीवन बिताना चाहिए, ताकि जब तुरही फूंकी जाए और हमारा ‘अब्बा’ बादलों पर आए, तो हम भी उसके साथ आसमान पर उठा लिए जाएं और अनन्त काल के लिए उसके साथ अपने असली घर में प्रवेश कर सकें!



