Jannat Ae Khuda Lyrics

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जन्नत ए खुदा Lyrics song

मेरे नाल मेरा येसु, मेरे अग्गे-अग्गे चलदा 
हत्थ फड़ के रखदा ए, मैंनू डर नहियों जग दा -2

खुदा मिलेया 
मैंनू सोहना, ओह मैंनू बड़ीयां 
चांवा ने जन्नत-ए-खुदा, मेरी 
सुणदा दुआवां ए -2 
मेरे नाल मेरा…

1. करदा ए घटीयां नूं, 
मेरीयां ओह पूरीयां 
छड्दा नहीं कदे मैंनू, पौंदा 
नहियों दूरीयां -2 
रेहंदा नाल सदा मेरे, मैंनू करदा 
छांवा ए 
जन्नत-ए-खुदा…..

2. बैहके मेरे कोल, मेरे 
सारे दुख सुणदा ए 
खूबीयां ने ओहदीयां ओह, 
पापीयां नूं चुणदा ए -2 
रीझ इक्क ही है बस मेरी, ओहनूं 
गल नाल लावां मैं 
जन्नत-ए-खुदा…..

3. समझा नूं मेरी खोलें, 
माड़ा ना ओह मैंनू बोले 
लैंदा ए सम्भाल मैंनू, जदों जिंद मेरी डोले  – 2 
कड्डु लैंदा मैंनू ओह, विच्च डूंगेया पाणीयां ए – 2 
जन्नत-ए-खुदा …..

गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन

यह गीत एक आविश्वासी या विश्वासी के जीवन में प्रभु यीशु मसीह की निरंतर उपस्थिति, उनकी असीम करुणा, सुरक्षा और प्रेम को बहुत ही गहराई से दर्शाता है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि जब यीशु हमारे साथ होते हैं, तो दुनिया का कोई भी डर हमें हिला नहीं सकता। वे न केवल हमारी प्रार्थनाओं को सुनते हैं, बल्कि हमारे जीवन की हर कमी को पूरा कर हमें अपनी छत्रछाया में रखते हैं।

नीचे इस गीत के मुख्य भागों का आत्मिक स्पष्टीकरण और उनसे संबंधित बाइबल के महत्वपूर्ण वचन पूरे संदर्भ के साथ दिए गए हैं:

1. प्रभु की निरंतर उपस्थिति और निर्भयता (मेरे नाल मेरा येसु…)

गीत की शुरुआती पंक्तियाँ बताती हैं कि प्रभु यीशु हमेशा हमारे आगे-आगे चलते हैं और हमारा हाथ थामकर रखते हैं, इसलिए हमें इस संसार से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।

भजन संहिता 23:4 “चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ, तो भी हानि से न डरूँगा; क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।”

यशायाह 41:13 “क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कर तुझ से कहता हूँ, मत डर, मैं तेरी सहायता करूँगा।”

2. प्रार्थनाओं का सुना जाना और परमेश्वर की संगति (सुणदा दुआवां ए…)

गीतकार कहता है कि परमेश्वर उसकी हर एक दुआ को सुनता है। प्रभु के साथ का यह रिश्ता जीवन को स्वर्ग (जन्नत) जैसा आनंदित बना देता है।

1 यूहन्ना 5:14 “और हमें उनके साम्मुख जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो वह हमारी सुनता है।”

भजन संहिता 34:17 “धर्मी दुहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उनको उनके सब कष्टों से छुड़ाता है।”

3. कमियों को पूरा करना और कभी न छोड़ना (करदा ए घटीयां नूं…)

परमेश्वर हमारी भौतिक और आत्मिक, दोनों प्रकार की घटियों (कमियों) को पूरा करते हैं। वे हमसे कभी दूरी नहीं बनाते, बल्कि हमेशा हमारे मार्गदर्शक बने रहते हैं।

फिलिप्पियों 4:19 “और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है, तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।”

व्यवस्थाविवरण 31:6 “तू हियाव बांध और दृढ़ हो, उनसे मत डर और न उनका भय खा; क्योंकि तेरे साथ चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को न तो धोखा देगा और न छोड़ेगा।”

4. पापियों पर अनुग्रह और दुखों को सुनना (खूबीयां ने ओहदीयां…)

यह गीत प्रभु यीशु के सबसे महान गुण को प्रकट करता है—पापियों को चुनना और उन्हें गले लगाना। मसीह केवल धर्मियों के लिए नहीं, बल्कि भटके हुए लोगों को बचाने आए हैं।

मत्ती 9:13 “तुम जाकर इसका अर्थ सीखो, ‘मैं दया से प्रसन्न होता हूँ, बलिदान से नहीं।’ क्योंकि मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को मन फिराव के लिये बुलाने आया हूँ।”

भजन संहिता 10:17 “हे यहोवा, तू ने नम्र लोगों की अभिलाषा सुनी है; तू उनका मन सुदृढ़ करेगा, तू कान लगाकर सुनेगा।”

5. संकट में संभालना और गहरे पानी से निकालना (जदों जिंद मेरी डोले…)

जब हमारा जीवन डगमगाने लगता है या हम संकट के गहरे पानी (मुसीबतों) में डूब रहे होते हैं, तब प्रभु अपना हाथ बढ़ाकर हमें सुरक्षित बाहर निकाल लेते हैं।

भजन संहिता 18:16 “उसने ऊपर से हाथ बढ़ाकर मुझे थाम लिया, और मुझे गहरे जल में से खींच निकाला।”

यशायाह 43:2 “जब तू जल में होकर जाए, मैं तेरे संग संग रहूँगा; और जब तू नदियों में होकर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले, तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी।”

Jannat Ae Khuda Lyrics in hindi

जन्नत ए खुदा Lyrics song hindi

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