Dil Se Shuker Guzar Hai Hum Lyrics

Dil Se Shuker Guzar Hai Hum Lyrics
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दिल से शुक्र गुजार हैं हम Lyrics song


दिल से शुक्रगुजार हैं हम 
तेरी वफा के लिए 
नज़रें लेकर आएं हैं 
हम अपने खुदा के लिए 
दिल से शुक्रगुजार..
यीशु……


1. तूने सलीब उठाई मेरी शिफ़ा के लिए 
कीमती जान लुटाई 
मेरी बका के लिए 
दिल से शुक्रगुजार..


2. ईमान से शिफ़ा को 
करते हैं कबूल 
लहू से तेरे यीशु ठहरे हैं मकबूल 
दिल से शुक्रगुजार..


3. लंगड़े तू ही चलाए 
प्यार से बोले 
मुर्दे को भी जिलाए 
आंखें बंद खोले 
दिल से शुक्रगुजार..

गीत का मुख्य सारांश (Song Summary)

यह गीत परमेश्वर के प्रति गहरे धन्यवाद, उनकी वफ़ादारी, और प्रभु यीशु मसीह के बलिदान के प्रति पूर्ण समर्पण का एक सुंदर स्तुति गान है। इस गीत का मुख्य उद्देश्य विश्वासियों को यह याद दिलाना है कि यीशु ने हमारे पापों, बीमारियों और कमियों के लिए क्रूस (सलीब) पर कितना बड़ा मूल्य चुकाया है। यह गीत हमें सिखाता है कि कैसे हम विश्वास के द्वारा चंगाई (शिफ़ा) और उद्धार (बका) प्राप्त करते हैं। जब हम अपने खुदा के सामने अपनी आँखें और दिल उठाते हैं, तो हम उनकी अलौकिक सामर्थ्य को स्वीकार करते हैं, जिसने मुर्दों को जिलाया, अंधों को आँखें दीं और लंगड़ों को चलाया। यह गीत केवल शब्दों की स्तुति नहीं, बल्कि मसीह के लहू द्वारा मिले अनुग्रह और धार्मिकता के प्रति एक गहरी कृतज्ञता है।

गीत से जुड़े मुख्य बाइबल वचन और स्पष्टीकरण (Bible Verses & Explanation)

1. क्रूस का बलिदान और चंगाई (सलीब और शिफ़ा)

गीत की पंक्ति: “तूने सलीब उठाई मेरी शिफ़ा के लिए, कीमती जान लुटाई मेरी बका के लिए”

यह पंक्ति पूरी तरह से यशायाह नबी की भविष्यवाणी और प्रेरित पतरस के पत्र पर आधारित है, जहाँ मसीह के दुखों और हमारी चंगाई का वर्णन है।

  • यशायाह 53:5“परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।”
  • 1 पतरस 2:24“वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मर कर धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के कोड़े खाने से तुम चंगे हुए।”

स्पष्टीकरण: इन वचनों से स्पष्ट है कि यीशु ने जो सलीब उठाई और जो कोड़े खाए, वह हमारी शारीरिक और आत्मिक चंगाई (शिफ़ा) के लिए था। उनकी ‘कीमती जान’ का जाना ही हमारी शाश्वत भलाई और उद्धार (बका) का कारण बना।

2. विश्वास से चंगाई और लहू के द्वारा ग्रहण योग्य होना (ईमान और लहू)

गीत की पंक्ति: “ईमान से शिफ़ा को करते हैं कबूल, लहू से तेरे यीशु ठहरे हैं मकबूल”

यह भाग हमें सिखाता है कि उद्धार और चंगाई केवल कर्मों से नहीं, बल्कि यीशु पर विश्वास (ईमान) करने और उनके पवित्र लहू के द्वारा मिलती है, जिससे हम परमेश्वर की नजर में ग्रहण योग्य (मकबूल) बनते हैं।

  • इफिसियों 2:8“क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, यह परमेश्वर का दान है।”
  • रोमियों 5:9“अत: जब कि हम अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा परमेश्वर के क्रोध से क्यों न बचेंगे?”
  • इफिसियों 1:7“हम को उसमें उसके लोहू के द्वारा छुटकारा अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।”

स्पष्टीकरण: बाइबल स्पष्ट करती है कि जब हम ‘ईमान’ लाते हैं, तभी हम मसीह के अनुग्रह को अपने जीवन में ‘कबूल’ कर पाते हैं। यीशु का लहू हमें शुद्ध करता है और हमें परमेश्वर के सामने निर्दोष और ‘मकबूल’ (स्वीकार्य) ठहराता है।

3. यीशु के चमत्कार: चंगाई और जीवन (मसीह की सामर्थ्य)

गीत की पंक्ति: “लंगड़े तू ही चलाए, प्यार से बोले, मुर्दे को भी जिलाए, आंखें बंद खोले”

यह अंतरा यीशु मसीह के सेवकाई के दिनों में दिखाए गए अलौकिक चमत्कारों की गवाही देता है, जो आज भी उनके जीवित होने का प्रमाण हैं।

  • मत्ती 11:4-5“यीशु ने उत्तर देकर उनसे कहा, जो कुछ तुम सुनते हो और देखते हो, वह जाकर यूहन्ना से कह दो: कि अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहरे सुनते हैं; मुर्दे जिलाए जाते हैं और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”
  • यूहन्ना 11:43-44 (लाजर को जिलाना)“यह कहकर उसने बड़े शब्द से पुकारा, हे लाजर, निकल आ! जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बन्धे हुए निकल आया, और उसका मुंह अंगोछे से लिपटा हुआ था; यीशु ने उनसे कहा, उसे खोल दो और जाने दो।”
  • यूहन्ना 9:6-7 (अंधे को आँखें देना)“यह कहकर उसने भूमि पर थूका और थूक से मिट्टी सानी, और वह मिट्टी उस अन्धे की आंखों पर लगाकर उससे कहा, जा, शीलोह के कुण्ड में धो ले; सो उसने जाकर धोया, और देखता हुआ लौट आया।”

स्पष्टीकरण: ये वचन प्रमाणित करते हैं कि यीशु के पास प्रकृति, बीमारी और मृत्यु पर पूरा अधिकार है। उन्होंने न केवल शारीरिक रूप से अंधों को आँखें दीं और मुर्दों को जिलाया, बल्कि आज भी वे अपनी प्रेम भरी आवाज से भटके हुए और आत्मिक रूप से मृत लोगों को नया जीवन और नई दृष्टि देते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

यह गीत हमें राजाओं के राजा यीशु मसीह के सम्मुख पूरी दीनता के साथ ‘नज़रें’ उठाने और दिल से ‘शुक्रगुज़ार’ होने के लिए प्रेरित करता है। जब हम इन वचनों के प्रकाश में इस गीत को गाते हैं, तो हमारा विश्वास और भी सुदृढ़ हो जाता है कि हमारा परमेश्वर जीवित, सामर्थी और बेहद वफ़ादार खुदा है।


Dil Se Shuker Guzar Hai Hum Lyrics song

दिल से शुक्र गुजार हैं हम Lyrics in hindi

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