Dhanwad Dhanwad Dhanwad Yeshu ji Lyrics

Dhanwad Dhanwad Dhanwad Yeshu ji Lyrics
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धनवाद धनवाद धनवाद येसु जी | Lyrics song


धनवाद – धनवाद धनवाद येसु जी 
मैनू बचाऊंण लई कोल बुलाऊंण लई 
धनबाद- धनवाद……


1. बाप दे वांगू सानू प्यार दिखाया येसु
वांग उकाबा सानू अंबरी उड़ाया येसु 
उडूना सिखाऊंण लई अंबरी उड़ाऊंण लई धनवाद- धनवाद……


2. गुम होई भेड़ दे वांग येसु मैनू वृंबन दे लई 
मेरी अस्तियां चो सारे हंजुआ नू पूजण दे लई
मैनू हसाऊंण लई गल नाल लाऊंण लई धनवाद चैनवाद……


3. छूट नहीं सी पाया पाप तो छूटना ते चाहदा सी में 
पाप दी दलदल दे विच्य रोदा कुरलीदा सी में 
मैनू चढ़ोऊण सई पाक बनाऊण लई धनवाद- धनवाद……

गीत का आत्मिक सारांश (Summary)

यह गीत प्रभु यीशु मसीह के प्रति गहरे आभार, उद्धार और उनके असीम अनुग्रह का एक जीवंत प्रकटीकरण है। गीत का मुख्य विषय यह है कि कैसे एक भटके हुए, पापी और लाचार इंसान को प्रभु यीशु ने अपनी बाहों में समेटा, उसे पाप की दलदल से निकाला और उसे एक नया, महिमामयी जीवन दिया।

यह गीत मसीही जीवन के तीन मुख्य पड़ावों को दर्शाता है:

  1. परमेश्वर का पिता तुल्य प्रेम और सामर्थ्य: वह हमें केवल बचाता नहीं है, बल्कि एक बाज (उकाब) की तरह हमें आत्मिक ऊंचाइयों पर उड़ना सिखाता है।
  2. खोई हुई भेड़ की खोज और चंगाई: जब हम अकेले और दुखी थे, तब उसने हमारे आंसू पोंछे और हमें गले से लगाया।
  3. पाप के दलदल से छुटकारा: हम अपने प्रयासों से पाप से छूट नहीं सकते थे, लेकिन यीशु ने अपने पवित्र लहू से हमें धोकर शुद्ध किया।

गीत से जुड़े बाइबल वचन और स्पष्टीकरण (Bible Verses & Explanation)

1. पिता का अटूट प्रेम और उकाब की नाईं सामर्थ्य

“बाप दे वांगू सानू प्यार दिखाया येसु, वांग उकाबा सानू अंबरी उड़ाया…”

यह पंक्ति बताती है कि परमेश्वर का प्रेम एक पिता की तरह है जो अपने बच्चों को गिरने नहीं देता, बल्कि उन्हें आत्मिक रूप से मजबूत बनाकर ऊंचाइयों पर ले जाता है।

  • भजन संहिता 103:13

“जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।”

  • यशायाह 40:31

“परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे; वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।”

स्पष्टीकरण: जब हम कमजोर होते हैं, तो प्रभु हमें उकाब (Eagle) के समान आत्मिक पंख देता है ताकि हम संसार की मुश्किलों से ऊपर उठकर स्वर्गीय स्थानों में जयवन्त जीवन जी सकें।

2. खोई हुई भेड़ की खोज और आंसुओं का पोंछा जाना

“गुम होई भेड़ दे वांग येसु मैनू… मेरी अस्तियां चो सारे हंजुआ नू पूजण दे लई…”

यह भाग प्रभु यीशु के उस चरवाहे रूप को दिखाता है जो अपने भटके हुए लोगों को ढूंढने आता है और उनके सारे दुखों और आंसुओं को आनंद में बदल देता है।

  • लूका 15:4-6

“तुम में से कौन ऐसा मनुष्य होगा जिसकी सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए, तो वह निन्यानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए तब तक खोजता न रहे? और जब मिल जाती है, तो वह आनन्द से उसे अपने कांधे पर उठा लेता है।”

  • प्रकाशितवाक्य 21:4

“वह उनकी आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न रोना, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।”

स्पष्टीकरण: हम सब पाप के कारण भटक गए थे, लेकिन उत्तम चरवाहे यीशु ने हमें ढूंढ निकाला। वह केवल हमें बचाता ही नहीं, बल्कि हमारे जीवन के गहरे जख्मों को भरता है और हमारे रोने को हंसी में बदल देता है।

3. पाप की दलदल से उद्धार और पवित्रता

“छूट नहीं सी पाया पाप तो छूटना ते चाहदा सी में, पाप दी दलदल दे विच्य रोदा कुरलीदा सी में…”

इंसान अपने बल से पाप के जाल से मुक्त नहीं हो सकता। यह पंक्ति मनुष्य की लाचारी और मसीह के सामर्थी उद्धार को बयां करती है।

  • भजन संहिता 40:2

“उसने मुझे सत्यानाश के गड्ढे और दलदल की कीच में से उबारा, और मेरे पांवों को चट्टान पर रखा, और मेरे कदमों को सुदृढ़ किया।”

  • रोमियो 7:24-25

“मैं कैसा अभागा मनुष्य हूँ! इस मृत्यु की देह से मुझे कौन छुड़ाएगा? मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ!”

  • 1 यूहन्ना 1:7

“परन्तु यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।”

स्पष्टीकरण: पाप एक ऐसी दलदल है जिसमें इंसान जितना फड़फड़ाता है, उतना ही धंसता जाता है। जब हम असहाय होकर रो रहे थे, तब यीशु मसीह ने क्रूस पर अपना पवित्र लहू बहाकर हमें उस दलदल से बाहर निकाला और हमें अपनी चट्टान पर खड़ा करके ‘पाक’ (पवित्र) बना दिया।

निष्कर्ष (Conclusion)

यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि हर उस विश्वासी की गवाही है जिसने यीशु मसीह के अनुग्रह को चखा है। बाइबल के ये वचन प्रमाणित करते हैं कि हमारा परमेश्वर उद्धारकर्ता, सांत्वनादाता और सामर्थ्य देने वाला जीवित पिता है। इसीलिए हमारा हृदय हर पल गाता है—“धन्यवाद, धन्यवाद, धन्यवाद यीशु जी!”


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धनवाद धनवाद धनवाद येसु जी | song

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