Antim Dinon Ke Abhishek Lyrics

Antim Dinon Ke Abhishek Lyrics
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अंतिम दिनों के अभिषेक | Lyrics song

अंतिम  दिनों के अभिषेक ,
सारे लोगों के ऊपर  तू भेज ,
कटनी का  है  यह  समय,
पवित्र आत्मा से भर  दे हमें

1.अग्नि समान उतर आ ,
अग्नि जीभ  के समान ठहर   जा,
झोंका तूफान का लेके आ ,
नदी आत्मा की हम पर बहा

2.सूखी हड्डियों की तराई में,
बड़ी सेना को चलते देखूं ,
अधिकार की  वाणी तू दे ,
पवित्र आत्मा में नबूवत करूँ

3.कर्मेल पर्वत  की प्रार्थना में,
छोटे बादल को उठते देखूं 
आहाब जैसे काँपा,
वही अग्नि को फिर से तू भेज

4.सिनाय पर्वत की चोटी पर मैं,
अग्नि ज्वाला को जलते देखूंँ ,
इस्राएल के हे खुदा ,
वही अग्नि को हम पर तू भेज

1. अंतिम दिनों का अभिषेक और पवित्र आत्मा का उंडेलना

गीत का मुख्य भाग (स्थायी) परमेश्वर से अंतिम दिनों में प्रतिज्ञा किए गए पवित्र आत्मा के भारी अभिषेक की मांग करता है ताकि कलीसिया आत्मिक कटनी (आत्माओं को जीतने) के लिए तैयार हो सके।

योएल 2:28 — “उन बातों के बाद मैं सब प्राणियों पर अपना आत्मा उंडेलूंगा; तुम्हारे बेटे-बेटियां भविष्यद्वाणी करेंगी, और तुम्हारे बूढ़े स्वप्न देखेंगे, और तुम्हारे जवान दर्शन देखेंगे।”

प्रेरितों के काम 2:1-3 — “जब पिन्तेकुस्त का दिन आया, तो वे सब एक जगह इकट्ठे थे। और एकाएक आकाश से बड़ी आंधी की सी सनसनाहट का शब्द हुआ, और उससे सारा घर जहां वे बैठे थे गूंज गया। और उन्हें आग की सी जीभें फटती हुई दिखाई दीं, और उनमें से हर एक पर आ ठहरीं।”

स्पष्टीकरण: यह वचन स्पष्ट करते हैं कि अंतिम दिनों में परमेश्वर अपनी आत्मा को बड़े पैमाने पर उंडेल रहा है। जैसे पिन्तेकुस्त के दिन आग की जीभें उतरीं और तूफान का झोंका आया, वैसे ही आज भी कलीसिया को संसार में सुसमाचार की कटनी काटने के लिए उसी पवित्र आत्मा की सामर्थ्य और नदी की आवश्यकता है।

2. सूखी हड्डियों की तराई और भविष्यद्वाणी का अधिकार

गीत का यह भाग निराश, मृत और हताश परिस्थितियों में परमेश्वर के वचन और आत्मा के द्वारा नया जीवन और बड़ी सेना के खड़े होने को दर्शाता है।

यहेजकेल 37:4-5 — “तब उसने मुझसे कहा, ‘इन सूखी हड्डियों से भविष्यद्वाणी करके कह, हे सूखी हड्डियों, यहोवा का वचन सुनो! परमेश्वर यहोवा तुम हड्डियों से यों कहता है: देखो, मैं तुम्हारे भीतर सांस समाऊंगा, और तुम जी उठोगी।'”

यहेजकेल 37:10 — “सो उसने जो आज्ञा मुझे दी थी, उसके अनुसार मैंने भविष्यद्वाणी की, तब उनमें सांस समा गई और वे जी उठे, और पांवों के बल खड़े हो गए; और वे एक बहुत बड़ी सेना हो गए।”

स्पष्टीकरण: जब हम पवित्र आत्मा के अभिषेक में अधिकार की वाणी से बोलते हैं, तो सूखी और मृत आत्मिक दशाएं भी एक बड़ी जीवंत सेना में बदल जाती हैं। प्रभु अपनी कलीसिया को आज यही नबूवत (भविष्यद्वाणी) करने का अधिकार देना चाहता है।

3. कर्मेल पर्वत की प्रार्थना और बेदारी (Revival) की आग

यह भाग एलिय्याह नबी के समय की घटना को याद दिलाता है, जहाँ प्रार्थना के द्वारा आकाश से आग उतरी और सूखे के बाद एक छोटे से बादल से भारी वर्षा हुई, जिसने अविश्वासी राजा आहाब को कँपा दिया।

1 राजा 18:38 — “तब यहोवा की आग आकाश से गिरी और होमबलि को लकड़ी और पत्थरों और धूलि समेत भस्म कर दिया, और गढ़े का जल भी सुखा दिया।”

1 राजा 18:44 — “सातवीं बार उसने कहा, ‘देख, मनुष्य की हथेली के बराबर एक छोटा सा बादल समुद्र से उठ रहा है।’ तब उसने कहा, ‘ऊपर जाकर आहाब से कह, रथ जुतवाकर नीचे जा, ऐसा न हो कि वर्षा तुझे रोक दे।'”

स्पष्टीकरण: कर्मेल पर्वत की प्रार्थना यह सिखाती है कि जब कलीसिया वेदी पर पवित्रता के साथ प्रार्थना करती है, तो परमेश्वर अपनी आग भेजता है। विश्वासियों की छोटी सी प्रार्थना भी एक बड़े आत्मिक पुनरुज्जीवन की बारिश (बादल) ला सकती है, जिससे अंधकार की शक्तियां कांप उठती हैं।

4. सिनाय पर्वत की अग्नि ज्वाला और परमेश्वर की उपस्थिति

गीत का अंतिम भाग सिनाय पर्वत पर मूसा और इस्राएलियों के सामने प्रगट हुई परमेश्वर की भस्म करने वाली आग और उसके भय योग्य प्रताप की याचना करता है।

निर्गमन 19:18 — “और सिनाय पर्वत सारा धुएं से भर रहा था, क्योंकि यहोवा आग में होकर उस पर उतरा था; और उसका धुआं भट्ठी का सा उठ रहा था, और वह सारा पर्वत बहुत कांप रहा था।”

इब्रानियों 12:29 — “क्योंकि हमारा परमेश्वर भस्म करने वाली आग है।”

स्पष्टीकरण: सिनाय पर्वत की आग परमेश्वर की पवित्रता, सामर्थ्य और साक्षात उपस्थिति का प्रतीक है। कलीसिया आज प्रार्थना करती है कि इस्राएल का वही जीवित परमेश्वर अपने लोगों को अपनी पवित्र उपस्थिति की आग से दोबारा शुद्ध करे और अधिकार से भर दे।

Antim Dinon Ke Abhishek Lyrics in hindi

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