हो रही है जय जयकार Lyrics song
हो रही है, जय जयकार
होशाना होशाना की ललकार
हो रही है ……
1. गलियों को दो श्रृंगार,
लादू (गधी का बच्चा) पे हो सवार
आ गया है देखो, दुनिया का पालनहार
गूंज उठा है संसार, गूंज उठा है आसमान
होशाना होशाना ……
2. स्वागत में उसके, तलिया बिछा दो
फूलों और कलियों से, दुनिया सजा दो
दुल्हन सा दो श्रृंगार
होशाना होशाना ……
3. शोर मचाओ नाचो गाओ,
बादशाह आ रहा है
सब को बताओ, फूलों की हो बौछार
होशाना होशाना ……
गीत का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह गीत मसीह के नम्रता और महिमा से भरे उस ऐतिहासिक क्षण को दर्शाता है जब वह एक राजा के रूप में यरूशलेम में प्रवेश करते हैं। इस गीत में प्रयुक्त शब्द ‘होशाना’ (Hosanna) एक इब्रानी शब्द है जिसका अर्थ है ‘अब उद्धार कर’ या ‘प्रभु रक्षा कर’, जो कि मसीह की सर्वोच्च स्तुति का प्रतीक है।
1. यरूशलेम में जयजयकार और होशाना की ललकार (स्थाई)
गीत का मुख्य विषय प्रभु यीशु मसीह की महिमा और जयजयकार है। जब यीशु यरूशलेम आए, तो पूरी भीड़ ने उन्हें मसीहा (उद्धारकर्ता) मानकर ऊंचे शब्द से उनकी बड़ाई की, जिससे पृथ्वी और आकाश गूंज उठा।
- मत्ती 21:9“और जो भीड़ आगे-आगे जाती और पीछे-पीछे चली आती थी, पुकार-पुकार कर कहती थी, ‘दाऊद की सन्तान को होशाना! धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है! आकाश में होशाना!'”
- मर्कुस 11:10“हमारे पिता दाऊद का आनेवाला राज्य धन्य है! आकाश में होशाना!”
2. गधी के बच्चे पर सवारी और संसार का पालनहार (अंतरा 1)
पहले पद में ज़िक्र है कि दुनिया का पालनहार (सृष्टिकर्ता और राजा) किसी आलीशान रथ पर नहीं, बल्कि एक गधी के बच्चे पर सवार होकर आता है। यह मसीह की अपार नम्रता और पुरानी वाचा की नबूवत (भविष्यवाणी) के पूरा होने को प्रगट करता है।
- जकर्याह 9:9“हे सिय्योन बहुत ही आनन्दित हो! हे यरूशलेम जयजयकार कर! क्योंकि देख, तेरा राजा तेरे पास आएगा; वह धर्मी और उद्धार पाया हुआ है, वह नम्र है, और गधे पर वरन् गधी के बच्चे पर चढ़ा हुआ आएगा।”
- मत्ती 21:4-5“यह इसलिये हुआ कि जो वचन नबी के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो: ‘सिय्योन की बेटी से कहो, देख, तेरा राजा तेरे पास आता है; वह नम्र है और गधे पर बैठा है, वरन् लादू के बच्चे पर।'”
3. मार्ग में कपड़े-डालियाँ बिछाना और दुल्हन सा श्रृंगार (अंतरा 2)
दूसरे पद में यीशु के स्वागत के लिए गलियों को सजाने, फूलों को बिखेरने और वस्त्रों व खजूर की डालियों (तलिया) को मार्ग में बिछाने का वर्णन है। यह एक राजा के प्रति प्रजा के आदर और कलीसिया (दुल्हन) के आत्मिक श्रृंगार को दर्शाता है।
- मत्ती 21:8“और बहुत से लोगों ने अपने कपड़े मार्ग में बिछाए, और अन्यों ने पेड़ों से डालियाँ काट-काटकर मार्ग में बिखेर दीं।”
- यूहन्ना 12:12-13“दूसरे दिन जब उस बड़ी भीड़ ने, जो पर्व में आई थी, सुना कि यीशु यरूशलेम आ रहा है, तो उन्होंने खजूर की डालियाँ लीं और उसके स्वागत के लिये निकले, और पुकारने लगे, ‘होशाना! धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है, अर्थात् इस्राएल का राजा!'”
- प्रकाशितवाक्य 19:7“आओ, हम आनन्दित और मगन हों, और उसकी स्तुति करें; क्योंकि मेम्ने का विवाह आ पहुँचा है, और उसकी पत्नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है।”
4. आनंद उत्सव, नृत्य और बादशाह का आगमन (अंतरा 3)
तीसरे पद में विश्वासियों को शोर मचाने, नाचने, गाने और पूरे उत्साह के साथ दुनिया को यह बताने के लिए प्रेरित किया गया है कि हमारा सच्चा बादशाह आ रहा है। परमेश्वर की उपस्थिति में आनंद मनाना बाइबल सम्मत आराधना का हिस्सा है।
- सपन्याह 3:14-15“हे सिय्योन, ऊँचे स्वर से गा! हे इस्राएल, जयजयकार कर! हे यरूशलेम, अपने सारे मन से आनन्दित और मगन हो! यहोवा ने तेरा दण्ड दूर किया, और तेरे शत्रुओं को हटा दिया है। इस्राएल का राजा यहोवा तेरे बीच में है, इसलिये तू फिर विपत्ति से न डरेगी।”
- भजन संहिता 98:4-6“हे सारी पृथ्वी के लोगो, यहोवा के लिये जयजयकार करो; ऊंचे शब्द से गाओ, और भजन करो! वीणा बजाकर यहोवा का भजन करो, वीणा बजाकर और ऊंचे स्वर से गाओ! तुरहियां और नरसिंगे फूंककर राजा यहोवा के साम्हने जयजयकार करो!”
निष्कर्ष: समग्र रूप से यह गीत हमें मसीह के पहले आगमन की उस स्वर्णिम गवाही की याद दिलाता है जहाँ उन्होंने राजा होते हुए भी दासों का रूप लिया। यह गीत कलीसिया को याद दिलाता है कि जिस प्रकार यरूशलेम के लोगों ने उनका स्वागत किया, उसी प्रकार हमें भी अपने हृदयों के द्वारों को खोलकर, पूरी उमंग और आनंद के साथ अपने जीवन में उनका स्वागत राजाओं के राजा के रूप में करना चाहिए।


