स्तुति करो तुम यहोवा की Lyrics song
स्तुति करो तुम यहोवा की,
आनंद मिलेगा देखों आनंद मिलेगा
बागों में फुल मुरझाए है जो, वो भी खिलेगा देखो
वो भी खिलेगा, स्तुति करो तुम……..
1. पाक रूह की भरपूरी मांगो, यीशु मसीह की हजूरी मांगो
सब कुछ मुहईया करे यहोवा यरी, शैतान से अपनी तुम दूरी मांगो
घुटने लगाकर सर को झुका कर, दुआ करो यीशु ही दिखेगा,
स्तुति करो तुम………
2. रूह सच्चाई से परस्तिश करो, ताज़ा ताज़ा मसाह से भरो
आएगा यीशु ले जाएगा हमें, खुद को दुल्हन के जैसे तैयार करो
करते आराधना रहो तुम यीशु की, आराधना में छुटकारा मिलेगा
स्तुति करो तुम……..
3. पैरो के नीचे शैतान किया, रौंदने का अधिकार दिया
तोड़ा है उसका अहंकार यीशु ने, अपने लोगों से है प्यार किया
यीशु स्वर्ग के ताले की चाबी, उसके बिना वो कभी ना खुलेगा
स्तुति करो तुम………
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन
यह गीत मसीही जीवन में परमेश्वर की स्तुति, पवित्र आत्मा की सामर्थ्य, शैतान पर जय और प्रभु यीशु मसीह के द्वितीय आगमन की जीवंत आशा को दर्शाता है। यह हमें सिखाता है कि जब हम सच्चे मन से आराधना करते हैं, तो हमारे जीवन के सूखे और मुरझाए हुए हालात फिर से हरे-भरे हो जाते हैं।
1. स्तुति और आनंद का संबंध (मुरझाए जीवन का खिलना)
गीत की शुरुआत ही इस घोषणा से होती है कि यहोवा की स्तुति करने से जीवन में सच्चा आनंद आता है। जब परिस्थितियां बाग के मुरझाए फूलों जैसी हो जाती हैं, तब परमेश्वर की आराधना उसमें नया जीवन फूंक देती है।
- भजन संहिता 16:11
“तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनंद की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।”
- यशायाह 35:1
“जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, और मरुभूमि मगन होकर गुलाब की नाईं खिलेगी।”
2. पवित्र आत्मा की भरपूरी और यहोवा यिरी पर भरोसा
गीत का पहला अंतरा हमें घुटने टेककर, नम्रता के साथ प्रार्थना करने और पवित्र आत्मा की हजूरी मांगने के लिए प्रेरित करता है। परमेश्वर ‘यहोवा यिरी’ (प्रबंध करने वाला परमेश्वर) है, जो हमारी हर जरूरत को पूरा करता है, बशर्ते हम पाप और शैतान से दूरी बनाए रखें।
- इफिसियों 5:18
“और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इससे लुचपन होता है, परन्तु आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।”
- उत्पत्ति 22:14
“और इब्राहीम ने उस स्थान का नाम यहोवा यिरी रखा; जिसके अनुसार आज तक कहा जाता है कि यहोवा के पहाड़ पर उपाय किया जाएगा।”
- याकूब 4:7
“इसलिये परमेश्वर के अधीन हो जाओ; और शैतान का साम्ना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।”
3. आत्मा और सच्चाई से आराधना और मसीह की दुल्हन की तैयारी
दूसरे अंतरे में कलीसिया को जागृत होने का संदेश है। हमें नए अभिषेक (ताज़ा मसाह) की आवश्यकता है। यीशु मसीह बहुत जल्द बादलों पर अपनी कलीसिया को लेने आ रहा है, इसलिए हमें खुद को एक पवित्र दुल्हन के रूप में तैयार रखना है। सच्ची आराधना बंधनों को तोड़ती है और छुटकारा लाती है।
- यूहन्ना 4:24
“परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी आराधना करने वाले आत्मा और सच्चाई से आराधना करें।”
- प्रकाशितवाक्य 19:7
“आओ, हम आनंदित और मगन हों, और उसकी स्तुति करें; क्योंकि मेम्ने का विवाह आ पहुंचा है, और उसकी पत्नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है।”
- प्रेरितों के काम 16:25-26
“आधी रात के लगभग पौलुस और सीलास प्रार्थना करते हुए परमेश्वर के भजन गा रहे थे… और एकाएक एक बड़ा भूकम्प आया… और सब के बन्धन खुल गए।”
4. शैतान पर जय और स्वर्ग के राज्य का अधिकार
तीसरा अंतरा मसीही विश्वासियों को यीशु मसीह द्वारा दिए गए आत्मिक अधिकार की याद दिलाता है। क्रूस पर यीशु ने शैतान के अहंकार को तोड़कर उसे हमारे पैरों तले कुचल दिया है। यीशु ही उद्धार का एकमात्र मार्ग और स्वर्ग के राज्य का एकमात्र द्वार (चाबी) है।
- लूका 10:19
“देखो, मैंने तुम्हें सांपों और बिच्छुओं को रौंदने का, और शत्रु की सारी सामर्थ्य पर अधिकार दिया है; और किसी वस्तु से तुम्हें कभी हानि न होगी।”
- रोमियों 16:20
“शान्ति का परमेश्वर शैतान को तुम्हारे पैरों से शीघ्र कुचलवा देगा।”
- यूहन्ना 14:6
“यीशु ने उससे कहा, मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता।”
- प्रकाशितवाक्य 3:7
“…जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिसके खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता…”
निष्कर्ष
यह गीत केवल गुनगुनाने के लिए नहीं, बल्कि एक मसीही विश्वासी के आत्मिक जीवन का घोषणापत्र है। जब हम घुटने टेककर यहोवा की स्तुति करते हैं, तो आकाश के झरोखे खुल जाते हैं, दुष्ट आत्माएं भागती हैं और कलीसिया मसीह के आगमन के लिए तैयार होती है। आइए, हम सब मिलकर आत्मा और सच्चाई से उसकी आराधना करें।


