गाओ सना ज़िन्दा खुदा की Lyrics song
गाओ सना – ज़िन्दा खुदा की,
गाओ सना – शाफी खुदा की,
गाएंगे सना हम मसीहा, पूरे दिल जान से
तू जो महिमा से भरा है, आसमानी खुदा
गाएंगे सना हम …….
1. चश्में बहा तू अपनी शिफ़ा के, ऐ मेरे बादशाह,
तेरे रूह से भरके गांएगे, महिमा तेरी खुदा,
गाओ सना ज़िन्दा खुदा की……
2. तेरे फ़ज़ल से मेरे खुदावन्द, पाते हैं रोगी शिफा,
लंगड़े चलाए मुर्दे जिलाए, देता है जीवन नया
गाओ सना ज़िन्दा खुदा की ……
3. जिंदा खुदावंद तू है हमारा, तेरे काम महान
तू हैं अब्दी तू है जलाली, गांए हर इक जुबान
गाओ सना ज़िन्दा खुदा की ……
गीत का मुख्य संदेश और सारांश
यह गीत एक घोषणा है कि हमारा परमेश्वर कोई निर्जीव मूर्ति नहीं, बल्कि एक ‘ज़िन्दा खुदा’ है। वह ‘शाफ़ी’ (चंगाई देने वाला) और ‘जलाली’ (महिमामयी) परमेश्वर है। गीत का मुख्य उद्देश्य विश्वासियों को प्रेरित करना है कि वे अपनी पूरी आत्मा, बुद्धि और सामर्थ्य से मसीह यीशु की महिमा गाएं। यह गीत हमें सिखाता है कि जब हम पवित्र आत्मा से भरकर उसकी स्तुति करते हैं, तो स्वर्ग से उसकी चंगाई और अनुग्रह की नदियाँ बहने लगती हैं। वह अपने महान कामों के द्वारा रोगियों को चंगा करता है, निराशों को नया जीवन देता है और अपनी कलीसिया को अपनी उपस्थिति से भरता है।
गीत के अंतरा-वार बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
1. मुख्य भाग: पूरे दिल से ज़िन्दा और शाफ़ी खुदा की स्तुति
गीत की शुरुआत ही परमेश्वर के जीवित होने और उसकी चंगाई की प्रतिज्ञा से होती है। बाइबल हमें अपने पूरे अस्तित्व के साथ उसकी आराधना करने की आज्ञा देती है।
- मत्ती 22:37“उसने उससे कहा, ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख।'”
- भजन संहिता 150:6“जितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें! यहोवा की स्तुति करो!”
- निर्गमन 15:26“…क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करने वाला यहोवा हूँ।”
स्पष्टीकरण: इन वचनों के अनुसार, परमेश्वर चाहता है कि हमारी आराधना केवल होठों से न हो, बल्कि “पूरे दिल और जान” से हो। वह हमारा ‘शाफ़ी’ (चंगा करने वाला) परमेश्वर है, इसलिए हर एक सांस लेने वाला प्राणी उसकी स्तुति करने के लिए बाध्य है।
2. पहला अंतरा: शिफ़ा के चश्मे और पवित्र आत्मा की भरपूरी
इस भाग में विश्वासी प्रार्थना करते हैं कि राजाओं का राजा अपने चंगे करने वाले सोते (चश्मे) बहाए और अपनी कलीसिया को पवित्र आत्मा (रूह) से भर दे ताकि वे आत्मा और सच्चाई से आराधना कर सकें।
- यूहन्ना 7:38“जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है, ‘उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियाँ बह निकलेंगी।'”
- इफिसियों 5:18“और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इससे लुचपन होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ।”
- मलाकी 4:2“परंतु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे; और तुम निकलकर बछड़ों के समान कूदोगे और फांदोगे।”
स्पष्टीकरण: जब हम पवित्र आत्मा से भरपूर होकर गाते हैं, तो आत्मिक और शारीरिक ‘शिफ़ा’ (चंगाई) के चश्मे बहने लगते हैं। परमेश्वर का रूह हमें वह सामर्थ्य देता है जिससे हम उसकी सच्ची और प्रभावशाली महिमा कर सकें।
3. दूसरा अंतरा: परमेश्वर का फ़ज़ल (अनुग्रह) और चमत्कार
यह अंतरा प्रभु यीशु के सेवकाई काल के चमत्कारों को याद करता है। उसके अनुग्रह से बीमार चंगे होते हैं, लंगड़े चलते हैं और मुर्दे जीवित किए जाते हैं।
- इफिसियों 2:8“क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, यह परमेश्वर का दान है।”
- लूका 7:22“तब उसने उन्हें उत्तर दिया, ‘जो कुछ तुम ने देखा और सुना है, जाकर यूहन्ना से कह दो; अर्थात् अंधे देखते हैं, लंगड़े चलते हैं, कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं, बहरे सुनते हैं, मुर्दे जिलाए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।'”
- यूहन्ना 11:25“यीशु ने उससे कहा, ‘पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ; जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।'”
स्पष्टीकरण: ‘फ़ज़ल’ का अर्थ है अनुग्रह, जो हमें बिना योग्यता के मिलता है। यीशु के इसी अनुग्रह के कारण रोगियों को नया जीवन मिलता है। उसने लाजर जैसे मुर्दों को जिलाकर साबित किया कि वही जीवन का सोता है।
4. तीसरा अंतरा: अब्दी, जलाली और महान परमेश्वर
गीत का समापन परमेश्वर की अनंतता (अब्दी) और उसके तेज (जलाल) की घोषणा के साथ होता है, जहाँ ब्रह्मांड की हर एक जुबान उसके सामने झुकती है।
- प्रकाशितवाक्य 1:8“प्रभु परमेश्वर, जो है और जो था और जो आने वाला है, जो सर्वशक्तिमान है, यह कहता है, ‘मैं ही अलफा और ओमेगा हूँ।'”
- फिलिप्पियों 2:10-11“कि यीशु के नाम पर हर एक घुटना टिके—चाहे स्वर्गदूतों का हो, चाहे पृथ्वी पर के रहने वालों का, चाहे पृथ्वी के नीचे रहने वालों का हो—और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है।”
- भजन संहिता 86:10“क्योंकि तू महान और अद्भुत काम करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है।”
स्पष्टीकरण: हमारा खुदावंद ‘अब्दी’ (अनादि-अनंत) है, उसका कोई अंत नहीं। वह ‘जलाली’ (महिमामयी) है। बाइबल के अनुसार, एक दिन ऐसा आएगा जब संसार की “हर इक जुबान” यह मान लेगी कि मसीह ही सर्वशक्तिमान और महान कामों को करने वाला परमेश्वर है।
निष्कर्ष: यह गीत विश्वासियों के लिए एक शक्तिशाली आराधना का साधन है। यह हमें याद दिलाता है कि जब हम ज़िन्दा खुदा की हुज़ूरी में आते हैं, तो हमें उसके अनुग्रह, चंगाई और सामर्थ्य का अनुभव होता है। वचनों के इस प्रकाश में जब इस गीत को गाया जाता है, तो यह आत्मिक वातावरण को बदल देता है।


