येशु के छुड़ाए हुए बोलो जय जयकार Lyrics song
यीशु के छुड़ाए हुए बोलो जयजयकार,
लंगड़े चलाए हुए बोलो जयजयकार
मुर्दे जिलाए हुए बोलो जयजयकार
यीशु के छुड़ाए हुए……
1. जिसको यीशु ने गुनाह से छुड़ाया, धो के लहू से पाक बनाया,
कुचला गया वो खुदावंद का बेटा, कुचले हुओ को आराम दिलाया
खाक से उठाए हुए बोलो जयजयकार, तख्त बिठाए हुए बोलो जयजयकार
येशु के छुड़ाए हुए…..
2. बोझ के नीचे जो दम तोड़ रहे थे, अपनी बुराइयों को न छोड़ रहे थे
हिम्मत न थी रोशनी में आने की, अंधेरे की ओड़नी ओड़ रहे थे
हिम्मत जुटाए हुए बोलो जयजयकार, शैतान को भगाए हुए बोलो जयजयकार
यीशु के छुड़ाए हुए……
3. क्रूस के ऊपर शैतान को हराया, सबको बचाने खुदा खुद है आया
जन्मों से भटका हुआ था जो इंसान, अपनी राहों पे है फिर से चलाया
दुखों से बचाए हुए बोलो जयजयकार, रोते को हसाए हुए बोलो जयजयकार
यीशु के छुड़ाए हुए……
गीत के अंतरा-वार बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
1. मुख्य भाग: छुड़ाए हुए, लंगड़े और मुर्दों का जीवित होना
गीत की शुरुआत ही परमेश्वर के चमत्कारों और उद्धार के आनंद से होती है। बाइबल स्पष्ट करती है कि जो लोग आत्मिक और शारीरिक रूप से मृत या लाचार थे, यीशु ने उन्हें नया जीवन दिया।
- भजन संहिता 107:2“यहोवा के छुड़ाए हुए ऐसा ही कहें, जिन्हें उसने शत्रु के हाथ से छुड़ा लिया है।”
- मत्ती 11:5“अंधे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहरे सुनते हैं; मुर्दे जिलाए जाते हैं और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”
स्पष्टीकरण: यह वचन दर्शाता है कि जब हम यीशु के पास आते हैं, तो हमारी आत्मिक अपंगता दूर होती है और हम पाप की मृत्यु से निकलकर आत्मिक जीवन पाते हैं। इसलिए हमारी जीभ से केवल जयजयकार निकलनी चाहिए।
2. पहला अंतरा: पापों से मुक्ति, लहू से शुद्धि और खाक से उठाना
इस भाग में क्रूस के बलिदान और मनुष्य के स्तर को बदलने की बात की गई है। हम पाप में गिरे हुए थे, लेकिन यीशु के पवित्र लहू ने हमें धोकर शुद्ध कर दिया।
- 1 यूहन्ना 1:7“परंतु यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो हमारी एक दूसरे से सहभागिता है; और उसके पुत्र यीशु का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।”
- यशायाह 53:5“परंतु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शांति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी, कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।”
- भजन संहिता 113:7-8“वह कंगाल को धूलि पर से, और दरिद्र को घूरे पर से उठा खड़ा करता है, ताकि उनको प्रधानों के साथ, अर्थात् अपनी प्रजा के प्रधानों के संग बैठाए।”
स्पष्टीकरण: इन वचनों से साफ है कि यीशु हमारे पापों के लिए क्रूस पर ‘कुचला’ गया ताकि हमें आराम मिले। उसने हमें पाप की धूल (खाक) से उठाया और राजाओं और याजकों की तरह तख्त (महिमा के स्थान) पर बिठाया।
3. दूसरा अंतरा: अंधकार से ज्योति में आना और शैतान पर विजय
यह अंतरा मनुष्य की उस बेबसी को दिखाता है जब वह पाप के बोझ तले दबा था और अंधकार को ओढ़े हुए था। यीशु ने हमें हिम्मत दी और शैतान के बंधनों को तोड़कर ज्योति में ले आया।
- मत्ती 11:28“हे सब परिश्रम करने वालो और बोझ से दबे लोगो, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।”
- 1 पतरस 2:9“परंतु तुम एक चुना हुआ वंश, और राजपदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।”
- याकूब 4:7“इसलिये परमेश्वर के अधीन हो जाओ; और शैतान का साम्ना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा।”
स्पष्टीकरण: जब मनुष्य अपनी बुराइयों को छोड़ नहीं पा रहा था, तब यीशु की ज्योति चमकी। इन वचनों के अनुसार, यीशु ने हमें अंधकार की ओढ़नी से निकालकर अपनी अद्भुत ज्योति दी और हमें वह अधिकार दिया जिससे हम शैतान को भगा सकें।
4. तीसरा अंतरा: क्रूस पर जीत और भटके हुए को राह दिखाना
आखरी अंतरा क्रूस की अंतिम विजय और भटके हुए मानव जीवन को सही मार्ग पर लाने की बात करता है।
- कुलुस्सियों 2:15“और उसने प्रधानताओं और अधिकारों को अपने ऊपर से उतार फेंका और उनका सरेआम तमाशा बनाया, और क्रूस के कारण उन पर जयजयकार की ध्वनि सुनाई।”
- यशायाह 53:6“हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।”
- प्रकाशितवाक्य 21:4“वह उनकी आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहली बातें जाती रहीं।”
स्पष्टीकरण: क्रूस पर यीशु ने शैतान को पूरी तरह हरा दिया। हम जो पीढ़ियों से भटके हुए थे, उन्हें यीशु ने “मार्ग, सत्य और जीवन” बनकर अपनी राह पर चलाया। वह हमारे दुखों को सुख में और आंसुओं को हंसी (आनंद) में बदलने वाला परमेश्वर है।
निष्कर्ष: यह पूरा गीत बाइबल के वचनों का एक निचोड़ है। यह हर विश्वासी को अपनी पुरानी दशा और मसीह में मिली नई पहचान की याद दिलाकर, केवल और केवल प्रभु यीशु मसीह की जयजयकार करने के लिए प्रेरित करता है।



