मैं ना डरांगा विश्वास करांगा Lyrics song
मैं ना डरांगा, विश्वास करांगा
येशू दा सिपाही हां, जरूर लड़ांगा
मैं ना डरांगा….
1. जावे ते जान चली जावे
मेरा ईमान ना जावे
जे कदी मौत वी आवे
येशू दीयां बाहां विच्च आवे
येशू मेरी जिन्दगी, कदे ना मरांगा
2. आरेया नाल जो चीरे गए
जो खरे ईमान दे योद्धे
मौत नूं जो ललकार गए
सदा लई येशू दे हो गए
येशू मेरे नाल है, कदे ना हरांगा
3. खुदा दे विच्च असमानां ते
उडांगा वांग उकाबां दे
ला के रखांगा मैं नज़रां
वचनां दीयां किताबां ते
येशू दा संदेश मैं जरूर खड़ागां
गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन
यह गीत एक मसीही विश्वासी के दृढ़ विश्वास, आत्मिक साहस और प्रभु यीशु मसीह के प्रति अटूट वफादारी का एक शक्तिशाली घोषणापत्र है। यह हमें सिखाता है कि चाहे जीवन में कितनी भी मुश्किलें, उत्पीड़न या मृत्यु का भय क्यों न आए, एक सच्चा मसीही सैनिक कभी पीछे नहीं हटता।
1. निर्भयता और अडिग विश्वास (स्थायी भाव)
गीत की शुरुआत ही एक दृढ़ संकल्प से होती है कि मैं डरूंगा नहीं, बल्कि विश्वास रखूंगा क्योंकि मैं यीशु का सिपाही हूँ। मसीही जीवन एक आत्मिक युद्ध है, जहाँ हमारा हथियार डर नहीं बल्कि परमेश्वर पर विश्वास है।
- बाइबल वचन: दूसरा तीमुथियुस 2:3“मसीह यीशु के अच्छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुःख उठा।”
- बाइबल वचन: यशायाह 41:10“मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूँ; इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, और अपने धर्ममय दाहिने हाथ से तुझे सम्हाले रहूँगा।”
2. प्राणों की परवाह न करना और अनन्त जीवन का भरोसा (पहला अंतरा)
पहला अंतरा सिखाता है कि एक विश्वासी के लिए उसका ‘ईमान’ (विश्वास) उसके भौतिक प्राणों से कहीं बढ़कर है। यदि मसीह के लिए मृत्यु भी आ जाए, तो वह अंत नहीं है, बल्कि यीशु की बाहों में विश्राम और अनन्त जीवन की शुरुआत है।
- बाइबल वचन: फिलिप्पियों 1:21“क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।”
- बाइबल वचन: प्रकाशितवाक्य 2:10“जो दुःख तुझे झेलने होंगे, उनसे मत डर। देखो, शैतान तुम में से कुछ को जेल में डालने पर है ताकि तुम परखे जाओ, और तुम्हें दस दिन तक क्लेश उठाना होगा। प्राण देने तक विश्वासी रह, तो मैं तुझे जीवन का मुकुट दूँगा।”
- बाइबल वचन: यूहन्ना 11:25-26“यीशु ने उससे कहा, ‘पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ; जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए तौभी जीएगा। और जो कोई जीवित है और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा।'”
3. विश्वास के वीरों का आदर्श और विजय (दूसरा अंतरा)
यह भाग इतिहास के उन महान प्रेरितों और शहीदों को याद करता है जिन्हें आरे से चीर दिया गया या मार डाला गया, फिर भी उन्होंने घुटने नहीं टेके। वे यीशु के साथ हमेशा के लिए अमर हो गए। प्रभु की उपस्थिति के कारण विश्वासी कभी हार नहीं सकता।
- बाइबल वचन: इब्रानियों 11:36-37“दूसरे ठट्ठों में उड़ाए जाने, और कोड़े खाने, वरन बांधे जाने और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए। वे पत्थरों से मारे गए, आरे से चीरे गए, उनकी परीक्षा की गई, तलवार से मारे गए; वे कंगालों की नाईं और क्लेश और दुःख भोगते हुए भेड़ों और बकरियों की खालें ओढ़े हुए इधर-उधर फिरे।”
- बाइबल वचन: रोमियों 8:37“परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हमसे प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं।”
- बाइबल वचन: पहला कुरिन्थियों 15:55“हे मृत्यु तेरी जय कहाँ रही? हे मृत्यु तेरा डंक कहाँ रहा?”
4. आत्मिक ऊँचाई और वचन पर ध्यान (तीसरा अंतरा)
आखिरी अंतरा हमें संसार की चिंताओं से ऊपर उठकर उकाब (चील) की तरह आत्मिक ऊंचाइयों पर उड़ने की प्रेरणा देता है। हमारी नज़रें दुनिया की चीज़ों पर नहीं, बल्कि परमेश्वर के पवित्र वचनों (किताब) पर होनी चाहिए ताकि हम उसके सुसमाचार का संदेश पूरी दुनिया में साहसपूर्वक फैला सकें।
- बाइबल वचन: यशायाह 40:31“परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं पंख पसार कर उड़ेंगे; वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।”
- बाइबल वचन: कुलुस्सियों 3:2“पृथ्वी पर की नहीं, परन्तु स्वर्गीय वस्तुओं पर ध्यान लगाओ।”
- बाइबल वचन: भजन संहिता 119:105“तेरा वचन मेरे पाँव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।”
- बाइबल वचन: मरकुस 16:15“और उसने उनसे कहा, ‘तुम सारे जगत में जाकर सारी सृष्टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो।'”
