याद यहोवा दी सब करणगे Lyrics song
याद यहोवा दी सब करणगे, कंडे सारी दुनिया दे
दिल दे नाल रजू लियावणगे, अग्गे पाक खुदाबंद दे
याद यहोवा दी सब करणगे ………
1. सारीयां कौमां झुक झुक जावण, डर रखणगीयां ओसे दा
क्यों जो राज यहोवा दा है, हाकिम है ओह कौमां दा
याद यहोवा ………
2. दुनिया दे सब दौलत वाले, करणगे सजदा आवणगे
अपनी जान लुका ना सकदे, मिट्टी विच्च मिल जावणगे
याद यहोवा ……….
3. रब्ब दी करेगी इबादत, इक पीढ़ी जिही आवेगी
आवण वाली पीढ़ी नूं ओह, रब्ब दी खबर सुणावेगी
याद यहोवा ……..
4. दस्सेगी सच्चाई रब्ब दी, ओहनां नूं जो जम्मणगे
ओहनां उत्ते करेगी जाहिर, सच्चे कम्म खुदावंद दे
याद यहोवा …………
भजन का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
यह गीत परमेश्वर यहोवा की वैश्विक संप्रभुता और उसके अंतिम राज्य की स्थापना का एक शक्तिशाली संदेश है। इसमें बताया गया है कि एक दिन ऐसा आएगा जब पृथ्वी के कोने-कोने (कंडे) से लोग सच्चे परमेश्वर को याद करेंगे और अपने पूरे दिल से उसकी ओर फिरेंगे (रजू लाएंगे)। संसार के अमीर, गरीब और आने वाली तमाम पीढ़ियां उसी एक सच्चे खुदावंद के सामने झुकेंगी।
बाइबल के पवित्र वचनों के आधार पर इस गीत का विस्तृत स्पष्टीकरण निम्नलिखित है:
1. पृथ्वी के छोरों का फिरना और सच्चे दिल से रजू लाना (मुख्य भाग)
गीत की मुख्य पंक्तियां इस बात की गवाही देती हैं कि पूरी दुनिया के लोग परमेश्वर को याद करके उसके पवित्र और भययोग्य नाम के सामने पश्चाताप के साथ वापस लौटेंगे।
- बाइबल का पवित्र वचन:“पृथ्वी के सब छोरों के लोग उसको स्मरण करेंगे और उसकी ओर फिरेंगे; और अन्यजातियों के सब कुल तेरे साम्मुन्हे दण्डवत् करेंगे।” (भजन संहिता 22:27)
- बाइबल का पवित्र वचन:“हे सब देश के लोगो, यहोवा की स्तुति करो! हे सब राज्य के लोगो, उसकी बड़ाई करो!” (भजन संहिता 117:1)
- आत्मिक स्पष्टीकरण: ‘रजू लियावणा’ का अर्थ होता है अपने पापों से मन फिराकर परमेश्वर की ओर वापस आना। यह गीत भविष्य की उस अवस्था को दिखाता है जहां सुसमाचार पूरी दुनिया में फैल जाएगा और कोई भी कोना ऐसा नहीं बचेगा जहां यहोवा के नाम की गूंज न हो। लोग केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि अपने ‘दिल दे नाल’ (सच्चे हृदय से) पाक खुदावंद के सामने झुकेंगे।
2. जातियों का झुकना और यहोवा की हुकूमत (अंतरा 1)
यह भाग स्पष्ट करता है कि संसार की सभी कौमों (जातियों) पर शासन करने का अधिकार केवल परमेश्वर का है, क्योंकि वही ब्रह्मांड का एकमात्र वास्तविक हाकिम (शासक) है।
- बाइबल का पवित्र वचन:“क्योंकि राज्य यहोवा ही का है, और अन्यजातियों पर वही प्रभुता करता है।” (भजन संहिता 22:28)
- बाइबल का पवित्र वचन:“क्योंकि यहोवा परमप्रधान और भययोग्य है, वह सारी पृथ्वी का महान राजा है।” (भजन संहिता 47:2)
- आत्मिक स्पष्टीकरण: संसार के राजा और सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन यहोवा का शासन शाश्वत है। इस संसार की सभी कौमों को अंततः उसी के अधिकार को स्वीकार करना होगा और उसके प्रति पवित्र भय (डर) रखना होगा, क्योंकि वही सब जातियों का न्यायकर्ता और हाकिम है।
3. धनवानों का सजदा और मानव जीवन की नश्वरता (अंतरा 2)
यह अंतरा संसार के धन-दौलत के घमंड को तोड़ता है और याद दिलाता है कि मृत्यु के सामने अमीर और गरीब सब बराबर हैं। कोई भी अपनी जान को बचा नहीं सकता।
- बाइबल का पवित्र वचन:“पृथ्वी के सब खाते-पीते लोग भोजन करके दण्डवत् करेंगे; और जितने मिट्टी में मिल जाते और अपनी जान को बचा नहीं सकते, वे सब उसी के साम्मुन्हे घुटने टेकेंगे।” (भजन संहिता 22:29)
- बाइबल का पवित्र वचन:“क्योंकि लिखा है: ‘प्रभु कहता है, मेरे जीवन की सौगन्ध, हर एक घुटना मेरे साम्मुन्हे टिकेगा, और हर एक जीभ परमेश्वर को अंगीकार करेगी।'” (रोमियों 14:11)
- आत्मिक स्पष्टीकरण: ‘दुनिया दे सब दौलत वाले’ अर्थात जिन्हें अपनी संपत्ति पर घमंड है, वे भी एक दिन परमेश्वर के सामने सजदा करने (घुटने टेकने) पर मजबूर होंगे। मनुष्य चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, वह मृत्यु पर विजय नहीं पा सकता और अंततः उसे मिट्टी में ही मिलना है। इसलिए, केवल परमेश्वर ही है जो अमर है और आराधना के योग्य है।
4. पीढ़ी-दर-पीढ़ी रब्ब की खबर पहुंचाना (अंतरा 3 और 4)
गीत का यह अंतिम भाग कलीसिया और विश्वासियों की जिम्मेदारी को दर्शाता है कि वे अपने जीवन के बाद आने वाली संतति को भी परमेश्वर की सच्चाई और उसके उद्धार के कार्यों के बारे में बताएं।
- बाइबल का पवित्र वचन:“एक वंश आने वाले वंश से तेरे कामों की प्रशंसा करेगा, और तेरे पराक्रम के कामों का वर्णन करेगा।” (भजन संहिता 145:4)
- बाइबल का पवित्र वचन:“एक वंश उसकी सेवा करेगा; और प्रभु का वर्णन आने वाली पीढ़ी से किया जाएगा। वे आएँगे और उसके धर्म के कामों को उन लोगों पर जो उत्पन्न होंगे यह कहकर प्रगट करेंगे कि उसने यह अद्भुत काम किया है।” (भजन संहिता 22:30-31)
- आत्मिक स्पष्टीकरण: परमेश्वर की गवाही कभी समाप्त नहीं होती। विश्वासियों की ‘इक पीढ़ी’ हमेशा ऐसी रहेगी जो आने वाली पीढ़ियों को (जो अभी जन्मे भी नहीं हैं यानी ‘ओहनां नूं जो जम्मणगे’) परमेश्वर की सच्चाई और उसके ‘सच्चे कम्म’ (अद्भुत कार्यों) के बारे में बताएगी। यह सुसमाचार के निरंतर फैलते रहने का स्वर्गीय क्रम है।
निष्कर्ष: यह ज़बूर/गीत हमें एक वैश्विक दृष्टि देता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर किसी एक सीमा या भाषा का परमेश्वर नहीं है, बल्कि वह पूरी मानव जाति का उद्धारकर्ता है। यह पोस्ट पढ़ने वाले हर एक विश्वासी को इस बात के लिए प्रोत्साहित करती है कि वे अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ी को परमेश्वर के जीवित वचनों की शिक्षा दें, ताकि पृथ्वी का हर एक घुटना यीशु के नाम पर टिक सके।
