वेखो वंडदा शिफ़ावां Lyrics song
Vekho Vanda Shifava Lyrics
वेखो वंडदा शिफ़ावां, येसु नासरी
साथ छड्डदा नहीं होवे, भावें साह आखरी
वेखो वंडदा शिफ़ावां……..
1. मार्था दे मरे होए वीरे नूं जिवाया ऐ
लाज़र नूं कबरों वी बाहर बुलाया ऐ
बड़े मौजज़े विखावे, येसु नासरी
साथ छड्डुदा नहीं……..
2. जिन्ना चिर ज़िन्दगी ऐ, तेरे गुण गावांगा
नच्च-नच्च दुनिया ते, सब नूं सुणावांगा
मैं तेरा नारा लावांगा, येसु नासरी
साथ छड्डुदा नहीं……..
3. हत्थ जोड़ तेरे अग्गे, करां मैं दुआवां नूं
माफ़ कर देवी येसु, मेरीयां खतावां नूं
मेरी ज़िन्दगी च आवीं, येसु नासरी
साथ छड्डुदा नहीं…….
4. केहदा ऐ वचन येसु, बदला ते आवांगा
कामिल मुकदसां नूं, नाल लै जावांगा
करो तौबा जे जाणा, नाल नासरी
साथ छड्डुड्दा नहीं……..
“वेखो वंडदा शिफावां” – गीत का आध्यात्मिक सारांश और बाइबल वचन
यह गीत प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ्य, उनके चंगाई देने वाले स्वभाव और उनके अटूट प्रेम को समर्पित है। “शिफा” शब्द का अर्थ है चंगाई या स्वास्थ्य, और यह गीत हमें बताता है कि कैसे यीशु मसीह आज भी लोगों के दुखों को दूर करते हैं और उन्हें नया जीवन प्रदान करते हैं।
1. चंगाई और सामर्थ्य का स्रोत
गीत की मुख्य पंक्तियाँ यीशु नासरी के चमत्कारों की ओर इशारा करती हैं। बाइबल हमें बताती है कि यीशु जहाँ कहीं भी गए, उन्होंने बीमारों को चंगा किया और लाचारों को सहारा दिया।
- मत्ती 8:16-17: “जब सांझ हुई, तब वे उसके पास बहुत से लोगों को लाए जिनमें दुष्टात्माएं थीं; और उसने उन आत्माओं को अपने वचन से निकाल दिया, और सब बीमारों को चंगा किया। ताकि जो वचन यशायाह नबी के द्वारा कहा गया था, वह पूरा हो: कि उसने आप हमारी दुर्बलताओं को ले लिया और हमारी बीमारियों को उठा लिया।”
2. मृत्यु पर विजय और नया जीवन
गीत में लाजर के पुनरुत्थान का वर्णन किया गया है, जो यीशु की मृत्यु पर विजय और ईश्वरीय अधिकार को दर्शाता है। यह हमें सिखाता है कि यीशु के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
- यूहन्ना 11:43-44: “यह कहकर उसने ऊंचे शब्द से पुकारा, ‘हे लाजर, बाहर निकल आ!’ जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बंधे हुए निकल आया, और उसका मुंह अंगोछे से लिपटा हुआ था। यीशु ने उनसे कहा, ‘उसे खोल दो और जाने दो’।”
3. अटूट प्रेम और साथ
गीत इस बात पर जोर देता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, यहाँ तक कि अंतिम सांस तक यीशु अपने भक्तों का साथ नहीं छोड़ते।
- इब्रानियों 13:5: “उसने स्वयं कहा है, ‘मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा’।”
- यशायाह 41:10: “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ, इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, और अपने धर्ममय दाहिने हाथ से तुझे सम्भाले रहूँगा।”
4. क्षमा और प्रार्थना
गीत के अंत में भक्त प्रभु के सम्मुख हाथ जोड़कर अपनी गलतियों की क्षमा मांगता है और प्रार्थना करता है कि प्रभु उसके जीवन में आएं।
- 1 यूहन्ना 1:9: “यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है।”
- प्रकाशितवाक्य 3:20: “देख, मैं द्वार पर खड़ा खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा, और वह मेरे साथ।”
निष्कर्ष
यह गीत केवल एक भजन नहीं है, बल्कि एक गवाही है कि यीशु मसीह “कल, आज और युगानुयुग एक सा है” (इब्रानियों 13:8)। वे आज भी अपने वचनों और सामर्थ्य के द्वारा चंगाई वंड रहे हैं। इस गीत का उद्देश्य हमें विश्वास में दृढ़ करना है कि प्रभु हमारी हर पुकार सुनते हैं और हमें पाप व बीमारी के बंधनों से मुक्त करते हैं।
