इंतजामी ख़ुदा Lyrics Song
इंतजामी ख़ुदा – इंतजामी ख़ुदा
इंतजामी ख़ुदा,
है तेरा ते मेरा, इंतजामी ख़ुदा
कदे होवण ना देवे, तेरी हानि ख़ुदा,
है तेरा ते मेरा इंतजामी ख़ुदा….
1. जित्थो बीजेया तू नहीं, ओत्थों कट के ले आवे,
किसे कम च ना घाटा सगों खट्ट के ले आवे
राखी करदा ओह तेरी, सुबह शामी ख़ुदा,
है तेरा ते मेरा…
2. तैनू भूखा ते तिहाया (प्यासा), कदे रहण ना देवे,
तंग हाल नाले अकाल विच्च, पैण ना देवे
करे सब कुछ मुहईया, ओह है दानी ख़ुदा,
है तेरा ते मेरा…
3. तेरी हर एक चीज़, तेरे वास्ते संभाले,
ओह ते युगा युगा तक तैनू पुत्ता (पुत्त्र) वांग पाले,
मेरा बणेया ओह साथी, आसमानी
ख़ुदा है तेरा ते मेरा…..,
गीत का मुख्य आत्मिक सारांश (Summary)
यह गीत परमेश्वर के एक अद्भुत स्वभाव को प्रकट करता है—“यहोवा यिरी” यानी “प्रबंध करने वाला परमेश्वर” (इंतजामी ख़ुदा)। इस गीत का मुख्य संदेश यह है कि हमारा परमेश्वर न केवल स्वर्ग में बैठा राजा है, बल्कि वह हमारे जीवन की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी जरूरतों का इंतजाम करने वाला एक जीवंत पिता है।
वह हमें कभी भी आत्मिक या शारीरिक रूप से भूखा-प्यासा नहीं रहने देता। यहाँ तक कि अकाल और तंगी के दिनों में भी वह अलौकिक रूप से हमारे लिए मार्ग बनाता है। वह हमारी हानि नहीं होने देता और एक पिता की तरह युग-युगांतर तक हमारी देखरेख करता है। यह गीत विश्वासी के जीवन में परमेश्वर की अचूक वफ़ादारी, सुरक्षा और उसके अलौकिक प्रावधानों (Provision) की गवाही देता है।
बाइबल के वचनों के साथ गीत का स्पष्टीकरण
1. परमेश्वर हमारा चरवाहा और प्रबंधक है (यहोवा यिरी)
गीत की मुख्य पंक्ति कहती है, “इंतजामी ख़ुदा, है तेरा ते मेरा…”। जब हम पूरी तरह परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं, तो वह हमारी हर एक जरूरत को अपनी महिमा के धन के अनुसार पूरा करता है।
भजन संहिता 23:1
“यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।”
फिलिप्पियों 4:19
“और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा के साथ मसीह यीशु में है, तुम्हारी हर एक जरूरत को पूरा करेगा।”
2. अलौकिक प्रतिफल और आशीष (कटनी का नियम)
गीत के पहले अंतरे में लिखा है, “जित्थो बीजेया तू नहीं, ओत्थों कट के ले आवे…”। यह परमेश्वर की उस असीम सामर्थ्य को दिखाता है जहाँ वह हमारे थोड़े से प्रयास को भी बड़ी आशीष में बदल देता है। वह हमें घाटे से बचाता है और हमारे काम को सफल करता है।
भजन संहिता 126:5-6
“जो आंसू बहाते हुए बोते हैं, वे जयजयकार करते हुए लवने पाएंगे। चाहे कोई रोता हुआ बीज बोने के लिये जाता रहे, परन्तु वह आनन्द करता हुआ और अपने पूले लिए हुए निश्चय लौट आएगा।”
मलाकी 3:10
“सारी दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे घर में भोजनवस्तु रहे; और सेनाओं का यहोवा कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिये खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूँ कि नहीं।”
3. तंगी और अकाल में अलौकिक सुरक्षा
गीत का दूसरा अंतरा कहता है, “तैनू भूखा ते तिहाया, कदे रहण ना देवे, तंग हाल नाले अकाल विच्च, पैण ना देवे…”। बाइबल गवाह है कि जब देश में अकाल पड़ा, तब भी परमेश्वर ने एलिय्याह को कौवों के जरिए और सारपत की विधवा के जरिए भोजन पहुँचाया। वह आज भी वैसा ही जीवित और अपरिवर्तित परमेश्वर है।
भजन संहिता 37:18-19
“यहोवा खराई से चलने वालों के दिनों को जानता है, और उनका भाग सदा बना रहेगा। वे विपत्ति के समय लज्जित न होंगे, और अकाल के दिनों में तृप्त रहेंगे।”
मत्ती 6:31-32
“इसलिये तुम यह चिन्ता करके न कहना, कि हम क्या खाएंगे? या क्या पीएंगे? या क्या पहनेंगे? क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें इन सब वस्तुओं की आवश्यकता है।”
4. पिता का सा प्रेम और युग-युगांतर की देखभाल
तीसरे अंतरे में कहा गया है, “ओह ते युगा युगा तक तैनू पुत्ता वांग पाले…”। परमेश्वर हमें केवल एक सेवक की तरह नहीं, बल्कि अपनी निज संतान की तरह पालता है। वह हमारी हर एक चीज को संभाल कर रखता है और हमारा आसमानी साथी (Helper) बनता है।
भजन संहिता 103:13
“जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।”
1 पतरस 5:7
“और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।”
यशायाह 46:4
“तुम्हारे बुढ़ापे में भी मैं वैसा ही बना रहूँगा, और तुम्हारे बाल पकने के समय तक तुम्हें उठाए रहूँगा। मैंने तुम्हें बनाया और मैं ही तुम्हें लिए फिरूँगा; मैं तुम्हें उठाए रहूँगा और छुड़ाता रहूँगा।”



