फिर आवेगा ओ मेरी रूह दा प्यारा Lyrics song
फेर आवेगा ओह मेरी रूह दा प्यारा
रूह दा प्यारा ओह मेरी ज़िन्द दा सहारा
फेर आवेगा ओह…….
1. मेरे प्यार दी खातिर उसने, अपना रूप वटाया
असमानां नू छड्ड के मेरे, प्यार दी खातिर आया
नूर मेरी राहवां दा, स्वर्गी ओह किनारा,
फेर आवेगा ओह …….
2. बिगड़ी सूरत मेरे उत्ते, मौत दा सी साया
उस ने अपना रूप गवा के, मेरा रूप बनाया
मुख वखावेगा, ओह मेरा बख्शणहारा-2,
फेर आवेगा ओह…….
3. ओहदिया सोचा दे विच्च मैं सा, जान लुटाई सी जद
पसली विच्च जद भाला खुबेया, धारा वग पई तद
मेरे पापा दी मुआफी, ओह कफ़ारा-2,
फेर आवेगा ओह …….
4. ओह जलाली दिन कदो, इस धरती उत्ते आवे
ऐस उडीक च जागदी ए, रूह मेरी एह गावे
नाल लै जावेगा, ओह आवेगा दुबारा-2,
फेर आवेगा ओह…….
गीत का आत्मिक सारांश (Song Summary)
यह गीत हर एक मसीही विश्वासी के दिल की गहरी पुकार और उसकी आत्मिक आशा को दर्शाता है। गीत का मुख्य विषय प्रभु यीशु मसीह का दूसरा आगमन है। हमारी आत्मा का प्रेमी और हमारे जीवन का एकमात्र सहारा, यीशु मसीह, एक दिन बादलों पर पूरी महिमा के साथ दुबारा आने वाला है, और पूरी कलीसिया (विश्वासियों का समूह) उसी “जलाली दिन” का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
गीत के अंतरे हमें याद दिलाते हैं कि यीशु ने हमारे प्रेम की खातिर स्वर्ग के वैभव को छोड़ दिया और मनुष्य का रूप धारण किया। हमारी सूरत पाप के कारण बिगड़ चुकी थी और हम पर मौत का साया था, लेकिन उसने क्रूस पर अपमान सहकर अपना रूप गंवा दिया ताकि हमें परमेश्वर की संतान होने का सुंदर रूप दे सके। जब क्रूस पर उसकी पसली में भाला मारा गया, तो वहाँ से पानी और लहू की जो धारा बही, वह हमारे पापों का “कफ़ारा” (प्रायश्चित) बन गई। यह गीत हमें सिखाता है कि जिस प्रभु ने हमारे लिए अपनी जान लुटाई, वह हमें इस संसार में अकेला छोड़ने नहीं, बल्कि हमें अपने साथ हमेशा के लिए स्वर्ग ले जाने दुबारा आ रहा है।
गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण
इस सामर्थी गीत के एक-एक भाग को समझने के लिए बाइबल के इन पवित्र और अपरिवर्तित वचनों का अध्ययन करें:
1. यीशु मसीह का दूसरा आगमन (फिर आवेगा)
गीत की मुख्य पंक्ति “फेर आवेगा ओह मेरी रूह दा प्यारा, रूह दा प्यारा ओह मेरी ज़िन्द दा सहारा” मसीह के दुबारा आने के पक्के वादे पर आधारित है।
- यूहन्ना 14:3“और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं हूँ वहाँ तुम भी रहो।”
- स्पष्टीकरण: प्रभु यीशु ने स्वर्ग जाने से पहले यह प्रतिज्ञा की थी कि वह अपनी कलीसिया को लेने दुबारा आएगा। वह हमारी आत्मा का सहारा है और उसका आना अटल है।
2. स्वर्ग छोड़कर मनुष्य का रूप धारण करना
पंक्ति “मेरे प्यार दी खातिर उसने, अपना रूप वटाया, असमानां नू छड्ड के मेरे, प्यार दी खातिर आया” मसीह के देहधारण (Incarnation) को स्पष्ट करती है।
- फिलिप्पियों 2:6-7“जिसने परमेश्वर के स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन् अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया।”
- स्पष्टीकरण: यीशु मसीह जो स्वर्ग का राजा और नूर है, उसने हमसे इस कदर प्यार किया कि अपने स्वर्गीय अधिकार को छोड़कर एक दास का रूप ले लिया ताकि हमारा उद्धार कर सके।
3. हमारी बिगड़ी सूरत और मसीह का दुःख उठाना
पंक्ति “बिगड़ी सूरत मेरे उत्ते, मौत दा सी साया, उस ने अपना रूप गवा के, मेरा रूप बनाया” क्रूस पर यीशु के कष्टों और हमारे रूपांतरण को दिखाती है।
- यशायाह 53:2-3“न तो उसकी कोई सुन्दरता थी कि हम उसे देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई दिया कि हम उसे चाहते। वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दुःखी पुरुष था, उसे रोग से परिचय था…”
- 2 कुरिन्थियों 5:21“जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उसमें होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।”
- स्पष्टीकरण: पाप के कारण हम पर आत्मिक मौत का साया था। यीशु क्रूस पर इतना अधिक घायल और कुरुप हुआ कि उसका रूप बिगड़ गया, ताकि उसके कोड़े खाने से हमारी बिगड़ी आत्मिक सूरत सुधर सके और हम धर्मी बन सकें।
4. पसली में भाला और पापों का कफ़ारा (प्रायश्चित)
पंक्ति “पसली विच्च जद भाला खुबेया, धारा वग पई तद, मेरे पापा दी मुआफी, ओह कफ़ारा” क्रूस की अंतिम घड़ी के बलिदान का सीधा प्रमाण है।
- यूहन्ना 19:34“परन्तु सिपाहियों में से एक ने भाले से उसकी पसली बेधी, और तुरन्त उसमें से लोहू और पानी निकला।”
- 1 यूहन्ना 2:2“और वही हमारे पापों का कफ़ारा है; और केवल हमारे ही नहीं, वरन् सारे जगत के पापों का भी।”
- स्पष्टीकरण: जब क्रूस पर यीशु की पसली बेधी गई, तो बही हुई लहू की धारा हमारे पापों के धोए जाने का जरिया बनी। बाइबल गवाही देती है कि यीशु का यही पवित्र लहू हमारे और परमेश्वर के बीच मिलाप का “कफ़ारा” बना।
5. जलाली दिन की उडीक (इंतजार) और बादलों पर आना
गीत का आखिरी भाग “ओह जलाली दिन कदो, इस धरती उत्ते आवे, ऐस उडीक च जागदी ए… नाल लै जावेगा” विश्वासियों के स्वर्गीय पुनरुत्थान को दर्शाता है।
- 1 थिस्सलुनीकियों 4:16-17“क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से ललकार, और प्रधान दूत के शब्द, और परमेश्वर की तुरही के फूंके जाने के साथ उतर आएगा; और जो मसीह में मरे हैं, वे पहले जी उठेंगे। तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिए जाएंगे कि हवा में प्रभु से मिलें; और इस रीति से हम सर्वदा प्रभु के साथ रहेंगे।”
- स्पष्टीकरण: वह दिन अत्यंत महिमामय (जलाली) होगा जब मसीह अपनी तुरही के साथ आएगा। जो विश्वासी आत्मिक रूप से जागते हुए उसका इंतजार कर रहे हैं, वे हवा में उठा लिए जाएंगे और हमेशा के लिए अपने उद्धारकर्ता के साथ स्वर्ग चले जाएंगे।



