दिलां दे भेद सारे खोलदा Lyrics song
Dilan De Bhed Saare Kholda Lyrics
दिलां दे भेद सारे खोलदा, पाक रूह जदों बोलदा
जदों बोलदा भेद खोलदा, पाक रूह जदों बोलदा
दिलां दे भेद सारे खोलदा…….
1. लूले लगड़ें चलण लग पये, गूंगे देण गवाही
पाक रूह दी अग्ग जदों बरसी, शिफा बीमारां ने पाई
खोलदा येसु खोलदा, अन्नियां अखियां नू खोलदा
पाक रूह जदों…….
2. थम्म जांदे तूफान जदों, येसु हुक्म सुणावे
मुर्दे ज़िन्दा करदा येसु, पानी ते चलके विखावे
तोड़दा येसु तोड़दा, सारे बन्धन तोड़दा
पाक रूह जदों…….
3. खोलदे अज्ज दिल दा बूहा, येसु तैंनू बुलावे
राह हक ज़िन्दगी येसु ही है, तैंनू आप बचावे
तेरे लई बूहा जन्नता वाला, येसु है अज्ज खोलन
पाक रूह जदों…….
गीत का आध्यात्मिक सारांश और बाइबल वचन
1. पवित्र आत्मा: मन की बातों को जानने वाला गीत की मुख्य पंक्ति “दिलां दे भेद सारे खोलदा” यह दर्शाती है कि पवित्र आत्मा अंतर्यामी है। वह मनुष्य के हृदय की गुप्त बातों को जानता है और उन्हें प्रकट करता है। बाइबल हमें बताती है कि पवित्र आत्मा ही है जो हमें सत्य की गहराई तक ले जाता है।
- 1 कुरिन्थियों 2:10 – “परन्तु परमेश्वर ने उनको अपने आत्मा के द्वारा हम पर प्रगट किया; क्योंकि आत्मा सब बातें, वरन परमेश्वर की गूढ़ बातें भी जांचता है।”
- यूहन्ना 16:13 – “परन्तु जब वह अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा वही कहेगा, और आने वाली बातें तुम्हें बताएगा।”
2. चंगाई और चमत्कार: अंधों को दृष्टि और लंगड़ों को गति गीत के पहले अंतरे में शारीरिक और आध्यात्मिक चंगाई का वर्णन है। यीशु मसीह के नाम में आज भी बीमार चंगे होते हैं। यह उनके सामर्थ्य की गवाही देता है।
- मत्ती 11:5 – “अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहरे सुनते हैं; मुर्दे जिलाए जाते हैं और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”
- यशायाह 35:5-6 – “तब अन्धों की आंखें खोली जाएंगी और बहरों के कान खोले जाएंगे; तब लंगड़ा हिरन की सी चौकड़ी भरेगा और गूंगे की जीभ आनन्द से गाने लगेगी।”
3. सृष्टि पर अधिकार: तूफानों को थामना और पानी पर चलना गीत का दूसरा अंतरा यीशु मसीह के उस अधिकार को बताता है जो प्रकृति और मृत्यु पर भी है। जब वे हुक्म देते हैं, तो बड़े से बड़ा तूफान शांत हो जाता है।
- मरकुस 4:39 – “तब उसने उठकर आंधी को डांटा, और पानी से कहा; ‘शान्त रह, थम जा!’ और आंधी थम गई और बड़ा चैन हो गया।”
- मत्ती 14:25 – “और वह रात के चौथे पहर झील पर चलते हुए उनके पास आया।”
- यूहन्ना 11:43-44 – “यह कहकर उसने ऊंचे शब्द से पुकारा, ‘हे लाजर, निकल आ!’ जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बंधे हुए निकल आया।”
4. उद्धार का मार्ग: यीशु ही एकमात्र द्वार है अंतिम अंतरा मनुष्य को अपने हृदय का द्वार खोलने का आह्वान करता है। यीशु मसीह स्वयं जीवन का मार्ग हैं और स्वर्ग के राज्य का द्वार वही हैं।
- यूहन्ना 14:6 – “यीशु ने उससे कहा, ‘मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता।'”
- प्रकाशितवाक्य 3:20 – “देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूं; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूंगा, और वह मेरे साथ।”
- यूहन्ना 10:9 – “द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा, और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चरागाह पाएगा।”
निष्कर्ष
यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह पवित्र शास्त्र के वचनों का निचोड़ है। यह हमें सिखाता है कि “पाक रूह” (पहात्र आत्मा) की आग जब बरसती है, तो वह बंधनों को तोड़ती है और जीवन को बदल देती है। यदि हम अपने मन का द्वार खोलें, तो यीशु हमारे जीवन के हर गुप्त भेद को जानकर हमें पापों से मुक्ति और अनंत जीवन का दान देते हैं।
