DAYAM YAHOWA YAA RAB Lyrics

DAYAM YAHOWA YAA RAB Lyrics
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दायम यहोवा याह रब्ब Lyrics song

दायम यहोवा याह रब्ब कायम है तख्त तेरा
तू वास्ते नियां दे तख्त आपना है विछाया
दायम यहोवा याह रब्ब…….

1. दुनिया दा तू करेगा इन्साफ सच्चा याह रब्ब
सच्चाई नाल हुंदे कौमां दे फैसले सब
दायम यहोवा याह रब्ब………

2. दुखियारेयां लई तू है मोहकम मकाम यहोवा
ओहनां दे दुख दे वेले ओहनां दी है पनाहगाह
दायम यहोवा याह रब्ब………

3. आस ओहनां दी है तू है जपदे जो नाम तेरा
जो ढूंढदे ने तैनूं ओहनां नूं छड्डू ना देंदा
दायम यहोवा याह रब्ब………

4. सीयोन विच्च यहोवा तारीफ़ ओसदी गाओ
सब कम अचर्ज ओसदे कौमां नूं जा सुनाओ
दायम यहोवा याह रब्ब………

भजन का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

यह गीत परमेश्वर यहोवा को ‘दायम’ (अनादि-अनंत) और ‘कायम’ (हमेशा स्थिर रहने वाला) राजा घोषित करता है। गीत का मुख्य उद्देश्य विश्वासियों को यह भरोसा दिलाना है कि जब संसार में अन्याय और अधर्म बढ़ता है, तब भी परमेश्वर का सिंहासन अडिग रहता है और वह अपने समय पर पूरी पृथ्वी का निष्पक्ष न्याय करता है। वह अनाथों, दुखियारे और सताए हुए लोगों की पनाहगाह (शरणस्थान) है।

बाइबल के पवित्र वचनों के आधार पर इस गीत का विस्तृत स्पष्टीकरण निम्नलिखित है:

1. यहोवा का सनातन सिंहासन और न्याय की गद्दी (मुख्य भाग)

गीत की शुरुआत परमेश्वर के अनंत राज्य और उसके न्याय के सिंहासन (तख्त) की महिमा से होती है, जिसे उसने न्याय (नियाँ) करने के लिए स्थापित किया है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“परन्तु यहोवा सदा बना रहता है, उसने अपना सिंहासन न्याय के लिये तैयार किया है।” (भजन संहिता 9:7)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“तेरा सिंहासन आदि काल से स्थिर है; तू अनादि काल से है।” (भजन संहिता 93:2)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: इंसानी राजा और उनके साम्राज्य समय के साथ नष्ट हो जाते हैं, लेकिन यहोवा का तख्त ‘दायम और कायम’ है, यानी वह सर्वदा स्थिर रहता है। परमेश्वर ने अपना यह सिंहासन पक्षपात के लिए नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि के साथ ‘नियाँ’ (सच्चा न्याय) करने के लिए बिछाया है।

2. सच्चाई और धर्म से जातियों का न्याय (अंतरा 1)

यह भाग प्रतिज्ञा करता है कि खुदावंद किसी भी जाति, कुल या राष्ट्र के साथ अन्याय नहीं होने देगा, बल्कि उसका न्याय पूरी सच्चाई और धार्मिकता पर आधारित होगा।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“और वह आप ही धर्म से जगत का न्याय करेगा; वह देश-देश के लोगों का निष्पक्ष न्याय करेगा।” (भजन संहिता 9:8)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“क्योंकि वह आने वाला है, वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है। वह धर्म से जगत का और अपनी सच्चाई से देश-देश के लोगों का न्याय करेगा।” (भजन संहिता 96:13)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: मानव अदालतें और न्याय प्रणाली भ्रष्ट हो सकती हैं, लेकिन जब ‘याह रब्ब’ (परमेश्वर) न्याय करता है, तो वह मनुष्य के बाहरी रूप को नहीं बल्कि उसके हृदय की सच्चाई को देखता है। संसार की सभी कौमों (जातियों) का अंतिम और सच्चा फैसला केवल उसी के द्वारा होता है।

3. दुखियारे लोगों का मोहकम मकाम और पनाहगाह (अंतरा 2)

यहाँ परमेश्वर को मुसीबत के समय असहाय और पीड़ित लोगों के लिए एक अभेद्य किले या मजबूत शरणस्थान (मोहकम मकाम) के रूप में दर्शाया गया है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“यहोवा पिसे हुओं के लिये ऊँचा गढ़ ठहरेगा, संकट के समयों के लिये भी वह ऊँचा गढ़ ठहरेगा।” (भजन संहिता 9:9)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में सहज से मिलने वाला सहायक।” (भजन संहिता 46:1)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: जब कोई व्यक्ति दुखों से घिर जाता है और संसार में उसे कोई सहारा नहीं दिखाई देता, तब यहोवा उसका ‘मोहकम मकाम’ (दृढ़ गढ़) बन जाता है। ‘पनाहगाह’ का अर्थ है कि वह अपने बच्चों को शैतान और विपत्तियों के तीरों से छुपाकर सुरक्षित रखता है।

4. नाम जपने वालों और ढूंढने वालों के लिए भरोसा (अंतरा 3)

यह अंतरा परमेश्वर की अचूक वफादारी की गवाही देता है कि जो कोई सच्चे मन से उसे पुकारता है या ढूंढता है, परमेश्वर उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“और तेरे नाम के जानने वाले तुझ पर भरोसा रखेंगे, क्योंकि हे यहोवा, तू ने अपने खोजने वालों को त्याग नहीं दिया।” (भजन संहिता 9:10)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“तुम मुझे ढूँढ़ोगे और पाओगे भी; क्योंकि तुम अपने सम्पूर्ण मन से मेरे पास आओगे।” (यिर्मयाह 29:13)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: परमेश्वर का नाम केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि उसमें सामर्थ्य है। जो लोग उसका नाम जपते हैं और उसके वचनों पर चलते हैं, परमेश्वर उनके अटूट विश्वास का आदर करता है। वह अपने भक्तों को कभी ‘छड्डू ना देंदा’ (त्यागता नहीं है), चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी विकट क्यों न हों।

5. सीयोन में स्तुति और अचंभित कामों का प्रचार (मतलब अंतरा 4)

गीत का समापन परमेश्वर के लोगों को उसकी आराधना करने और संसार की सभी जातियों (कौमों) के बीच उसके महान और आश्चर्यकर्मों का प्रचार करने के आह्वान के साथ होता है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“यहोवा जो सिय्योन में रहता है, उसका भजन गाओ! देश-देश के लोगों के बीच में उसके कामों का प्रचार करो!” (भजन संहिता 9:11)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“जातियों में उसकी महिमा का, और सब देशों के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो!” (भजन संहिता 96:3)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: ‘सिय्योन’ परमेश्वर की उपस्थिति और उसकी कलीसिया का प्रतीक है। जब विश्वासी परमेश्वर के उद्धार और उसके ‘अचर्ज कम’ (आश्चर्यकर्मों) का अनुभव करते हैं, तो वे इसे केवल अपने तक सीमित नहीं रख सकते। यह अंतरा हमें सुसमाचार फैलाने और पूरी दुनिया को परमेश्वर की भलाई के बारे में बताने की प्रेरणा देता है।

निष्कर्ष: यह ज़बूर/गीत हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर एक जीवित, न्यायप्रिय और करुणामयी परमेश्वर है। जब हम निराशा के दौर से गुजर रहे हों, तो हमें यह याद रखना चाहिए कि उसका तख्त हमेशा कायम है, और वह अपने ढूंढने वालों को कभी लज्जित होने नहीं देगा। यह पोस्ट पढ़ने वाले हर व्यक्ति को संकट के समय इंसानी सहारों को छोड़कर केवल यहोवा को अपनी पनाहगाह बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।

DAYAM YAHOWA YAA RAB Lyrics in hindi

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