बार बार बहा लहू येशु का | Lyrics song
बार बार बहा लहू यीशु का
तेरी शिफा के लिये, मेरी शिफा के लिये
बेकरार बहा लहू यीशु का
तेरी शिफा के लिये, मेरी शिफा के लिये
1. माथे से टपका, ज़हन आज़ाद हो
चेहरे से टपका, रूप आबाद हो
धार धार बहा लहू यीशु का
तेरी शिफा के लिये, मेरी शिफा के लिये
2. हाथों से निकला, बाहों में लेने
पैरों से निकला, रास्ता बनाने
तार तार बहा लहू यीशु का
तेरी शिफा के लिये, मेरी शिफा के लिये
3. भीगा लहू से सिर, मुक्ति दिलाये
तोड़ा बदन को कीमत चुकाये
सूएदार बहा लहू यीशु का
तेरी शिफा के लिये, मेरी शिफा के लिये
4.पीठ पाले धारियाँ, खून बहाये
पसली का खून देखो, दुल्हन सजाये
आर पार बहा लहू यीशु का
तेरी शिफा के लिये, मेरी शिफा के लिये
1. माथे और चेहरे से बहा लहू: ज़हन और रूप की आज़ादी
गीत की पहली पंक्तियाँ बताती हैं कि जब यीशु के सिर पर कांटों का मुकुट पहनाया गया, तो उनके माथे से लहू टपका ताकि हमारा ‘ज़हन’ (सोच और विचार) शैतान के बंधनों और मानसिक तनाव से आज़ाद हो सके। उनके चेहरे पर आई सूजन और लहू ने हमारे आत्मिक रूप को आबाद किया।
- बाइबल का पूरा वचन (मत्ती 27:29):“और उन्होंने कांटों का एक मुकुट बनाकर उसके सिर पर रखा, और उसके दाहिने हाथ में एक सरकंडा दिया; और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठों में उड़ाने लगे, ‘हे यहूदियों के राजा, नमस्कार!'”
- बाइबल का पूरा वचन (यशायाह 52:14):“जैसे बहुत से लोग उसे देखकर चकित हुए (क्योंकि उसका रूप यहाँ तक बिगड़ा हुआ था कि मनुष्यों का सा न रहा और उसकी सुंदरता आदमियों की सी न रही)।”
- स्पष्टीकरण: यीशु ने अपने सिर पर कांटों का दर्द इसलिए सहा ताकि हमारे विचारों पर लगा हुआ श्राप नष्ट हो जाए और हमें मसीह की बुद्धि प्राप्त हो।
2. हाथों और पैरों से निकला लहू: सुरक्षा और सही मार्ग
यीशु के हाथों और पैरों में जब कीलें ठोकी गईं, तो वहाँ से बहा लहू हमें अपनी बाहों में समेटने (स्वीकार्यता) और हमारे भटके हुए पैरों को सही रास्ता (धार्मिकता का मार्ग) दिखाने के लिए था।
- बाइबल का पूरा वचन (भजन संहिता 22:16):“क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मंडली मेरे चारों ओर घेरे हुए है; वे मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं।”
- बाइबल का पूरा वचन (लूका 24:39):“मेरे हाथ और मेरे पैर देखो कि मैं वही हूँ; मुझे छूकर देखो, क्योंकि आत्मा के हड्डी और मांस नहीं होता जैसा तुम मुझ में देखते हो।”
- स्पष्टीकरण: कीलों से बिंधे यीशु के हाथ दर्शाते हैं कि उन्होंने हमारे पापों के दंड को अपने हाथों पर ले लिया ताकि उनके हाथ हमें आशीष दे सकें, और उनके बिंधे पैर हमारे जीवन के रास्तों को सीधा करते हैं।
3. सिर का भीगना और बदन का टूटना: मुक्ति और कीमत
यीशु का पूरा शरीर कोड़ों की मार और क्रूस की पीड़ा से टूट गया था। उन्होंने हमारी मुक्ति (उद्धार) के लिए अपने प्राणों की पूरी कीमत चुकाई ताकि हमें शैतान के दासत्व से हमेशा के लिए छुड़ाया जा सके।
- बाइबल का पूरा वचन (1 कुरिन्थियों 6:20):“क्योंकि तुम दाम देकर मोल लिए गए हो; इसलिए अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।”
- बाइबल का पूरा वचन (इफिसियों 1:7):“हमको उसमें उसके लोहू के द्वारा छुटकारा अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिली है।”
- स्पष्टीकरण: क्रूस पर यीशु का टूटना परमेश्वर के न्याय की संतुष्टि थी। जो दंड हमें मिलना था, उसकी पूरी कीमत यीशु ने अपने पवित्र बदन को तुड़वाकर और लहू बहाकर चुका दी।
4. पीठ की धारियाँ और पसली का लहू व जल: चंगाई और कलीसिया (दुल्हन) की स्थापना
रोमी सैनिकों ने यीशु की पीठ पर कोड़े बरसाए जिससे लंबी धारियाँ बन गईं। इसी तरह, जब क्रूस पर उनकी पसली को भाले से बेधा गया, तो वहाँ से लहू और जल निकला, जो मसीह की दुल्हन (कलीसिया) की उत्पत्ति और हमारी शुद्धता का प्रतीक है।
- बाइबल का पूरा वचन (यशायाह 53:5):“परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी, कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।”
- बाइबल का पूरा वचन (यूहन्ना 19:34):“परन्तु सैनिकों में से एक ने भाले से उसकी पसली को बेधा, और तुरंत उसमें से लोहू और पानी निकल आया।”
- बाइबल का पूरा वचन (1 पतरस 2:24):“वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मरकर धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए हो।”
- स्पष्टीकरण: यीशु की पीठ पर पड़े कोड़ों के निशान आज भी हर बीमारी, दुर्बलता और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों पर जय पाने की सामर्थ्य रखते हैं। उनकी पसली से निकला लहू और पानी हमें पापरूपी मैल से धोकर शुद्ध करता है और कलीसिया को मसीह की पवित्र दुल्हन के रूप में तैयार करता है।


