अब्बा खुदा | Lyrics song
अब्बा खुदा तु है मेरा,
अब्बा पिता तु है मेरा …. 2
1) तु वो खुदा नहीं
मुझको दर्द देकर खुश हो जाये
तु वो पिता नही
मुझको आसु चैन से यो जाये
2) के में खुश हूँ तो
तु खुश होता है
मैं भी रोऊ तो तुभी रोता है
3) चोट मुझको लगे
दूर्द तुझको होता है
मेरे आसु के पहले
तेरा आसु बेहता है
4) हाथो को थामकर
मुझको चलाता है
अपनी बाहो मे
हर दम उठाता है
5) आवाज दू तु दौड आता है
सांस लेने के पहले
तु हाजीर होता है
6) ढाल बनकर मेरी
रक्षा तु करता है
अपनी निगाहो में
हरदम तु रखता है
गीत का आत्मिक सारांश (Song Summary)
यह गीत परमेश्वर के उस असीम, गहरे और पितावत प्रेम को दर्शाता है, जो वह अपने बच्चों से करता है। अक्सर दुनिया यह सोचती है कि ईश्वर दूर आसमान में बैठकर हमारे दुखों को देखता है या हमें दंड देकर खुश होता है, लेकिन यह गीत उस गलतफहमी को दूर करता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर कोई अजनबी या क्रूर शासक नहीं, बल्कि हमारा “अब्बा पिता” है।
इस गीत का मुख्य सार यह है कि जब हम दुखी होते हैं, तो हमारा पिता भी हमारे दर्द को महसूस करता है। वह हमारी रक्षा करने वाली ढाल है, जो हमें कभी अकेला नहीं छोड़ता। जब हम उसे पुकारते हैं, तो वह हमारी सांस लेने से भी पहले हमारी सुधि लेने के लिए हाजिर रहता है। वह हमें अपनी बाहों में उठाकर सुरक्षित रखता है। यह गीत पूरी तरह से बाइबल के वचनों और परमेश्वर के स्वभाव पर आधारित है।
गीत के अंतरों के अनुसार बाइबल वचन और स्पष्टीकरण
1. हम परमेश्वर को ‘अब्बा पिता’ कह सकते हैं
गीत की शुरुआत ही ‘अब्बा पिता’ के आदरणीय और आत्मीय रिश्ते से होती है। बाइबल कहती है कि पवित्र आत्मा के द्वारा हमें यह अधिकार मिला है कि हम सर्वशक्तिमान परमेश्वर को ‘पिता’ कहकर पुकार सकें।
रोमियों 8:15 — “क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली कि फिर भयभीत हो, परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिससे हम हे अब्बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं।”
2. वह हमें दर्द देकर खुश नहीं होता (अंतरा 1 और 2)
यह गीत साफ करता है कि परमेश्वर हमें रोते हुए देखकर खुश नहीं होता, बल्कि जब हम दुखी होते हैं, तो वह हमारे करीब होता है। वह हमारे आंसुओं की कद्र करता है।
विलापगीत 3:33 — “क्योंकि वह मनुष्यों को अपने मन से न तो दुख देता है और न उन्हें शोक में डालता है।”
भजन संहिता 34:18 — “यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसों हुओं का उद्धार करता है।”
3. हमारे आंसुओं और दर्द में उसका साथ (अंतरा 2 और 3)
जब हमें चोट लगती है, तो पिता का हृदय भी दुखता है। यीशु मसीह ने इस धरती पर रहकर दिखाया कि वह हमारे दुखों में हमारे साथ रोता है। वह हमारे आंसुओं का हिसाब रखता है।
यूहन्ना 11:35 — “यीशु रोया।” (यह दर्शाता है कि जब मसीह ने लाजर के परिवार को रोते देखा, तो उनका दिल भी भर आया।)
भजन संहिता 56:8 — “तू ने मेरे मारे-मारे फिरने का हिसाब रखा है; तू मेरे आंसुओं को अपनी कुप्पी में रख ले! क्या उनकी चर्चा तेरी पुस्तक में नहीं है?”
4. हाथों को थामकर बाहों में उठाना (अंतरा 4)
परमेश्वर हमें जीवन की राहों में गिरने नहीं देता। जैसे एक सांसारिक पिता अपने छोटे बच्चे की उंगली पकड़कर चलाता है और थक जाने पर बाहों में उठा लेता है, वैसे ही यहोवा हमारा हाथ थामता है।
यशायाह 41:13 — “क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूँगा, ‘मत डर, मैं तेरी सहायता करूँगा’।”
व्यवस्थाविवरण 1:31 — “और जंगल में भी तुम ने देखा, जहाँ तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम को इस प्रकार उठा रखा था, जिस प्रकार कोई मनुष्य अपने बेटे को उठा लेता है, जब तक कि तुम इस स्थान पर न पहुँचे।”
5. पुकारते ही हाजिर होना (अंतरा 5)
परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को सुनने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। हमारी जुबान से शब्द निकलने से पहले ही वह हमारी जरूरतों और विचारों को जानता है और उत्तर देने के लिए तैयार रहता है।
यशायाह 65:24 — “और ऐसा होगा कि उनके पुकारने से पहले ही मैं उत्तर दूँगा, और उनके मांगते ही मैं सुन लूँगा।”
6. ढाल बनकर रक्षा करना और अपनी निगाहों में रखना (अंतरा 6)
संसार की तमाम मुसीबतों और बीमारियों के बीच परमेश्वर हमारी ढाल बनता है। वह हमें अपनी आँख की पुतली की तरह सुरक्षित रखता है।
भजन संहिता 3:3 — “परन्तु हे यहोवा, तू तो मेरे चारों ओर मेरी ढाल है, तू मेरी महिमा और मेरे सिर का ऊँचा करनेवाला है।”
जकर्याह 2:8 — “क्योंकि सेनाओं का यहोवा कहता है… जो तुम को छूता है, वह मेरी आँख की पुतली ही को छूता है।”
निष्कर्ष (Conclusion)
यह गीत केवल गुनगुनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह मसीही जीवन की गहरी सच्चाई को बयां करता है। बाइबल के ये सारे वचन इस बात की गवाही देते हैं कि परमेश्वर का प्रेम अडिग है। यदि आज आप किसी भी दर्द, अकेलेपन या आंसू से गुजर रहे हैं, तो विश्वास रखिए कि आपका अब्बा खुदा आपके बहुत करीब है। वह आपका हाथ थामकर आपको हर मुसीबत से बाहर निकालने की सामर्थ्य रखता है।


