Mukthi Dilaye Yeshu Naam Lyrics

Mukthi Dilaye Yeshu Naam Lyrics
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मुक्ति दिलाये यीशु नाम | Lyrics Song

मुक्ती दिलाये येशु नाम 
शांती दिलाये यीशु नाम …… 2

1) यीशु दया का बहता सागर 
यीशु है दाता महान ….. 2

2) चरणी में तूने जन्म लिया यीशु 
सुली पर किया विश्राम ….. 2

३) हम पर भी यीशु कृपा करना 
हम है पापी नादान ….. 2

4) हम सबको पापों को मिटाने 
यीशु हुआ बलिदान …… 2

5) कु्स पर अपना खून बहाया 
सारा चुकाया दाम …… 2

मुक्ति दिलाये यीशु नाम: आध्यात्मिक सारांश और बाइबल वचन

यह गीत हमें याद दिलाता है कि मानव जाति के पापों के लिए मुक्ति का केवल एक ही मार्ग है, और वह है प्रभु यीशु मसीह। इस गीत के माध्यम से हम सुसमाचार (Gospel) के मुख्य स्तंभों को समझते हैं।

1. यीशु नाम में मुक्ति और शांति

गीत की शुरुआत ही ‘मुक्ति’ और ‘शांति’ से होती है। बाइबल स्पष्ट करती है कि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों को कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया जिसके द्वारा हम उद्धार पा सकें।

  • प्रेरितों के काम 4:12: “और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके द्वारा हम उद्धार पा सकें।”
  • यूहन्ना 14:27: “मैं तुम्हें शांति दिए जाता हूँ, अपनी शांति तुम्हें देता हूँ; जैसे जगत देता है, मैं तुम्हें नहीं देता। तुम्हारा मन व्याकुल न हो और न डरे।”

2. विनम्र जन्म और महान बलिदान

यीशु मसीह ने एक राजा होने के बावजूद चरनी में जन्म लिया। उन्होंने हमारी खातिर अपनी महिमा त्याग दी और क्रूस की मृत्यु सह ली।

  • लूका 2:7: “और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़ों में लपेटकर चरनी में रखा; क्योंकि उनके लिये सराय में जगह न थी।”
  • फिलिप्पियों 2:8: “और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहाँ तक आज्ञाकारी रहा कि मृत्यु, हाँ, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।”

3. क्रूस पर लहू और पापों का दाम

बाइबल सिखाती है कि बिना लहू बहाए पापों की क्षमा नहीं होती। यीशु ने क्रूस पर अपना बहुमूल्य लहू बहाकर हमारे पापों का पूरा दाम चुका दिया है।

  • 1 पतरस 1:18-19: “क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो पूर्वजों से चला आता था, उससे तुम्हारा छुटकारा चाँदी-सोने जैसी नाशवान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ, पर निर्दोष और निष्कलंक मेमने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ है।”
  • इफिसियों 1:7: “हम को उसमें उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।”

4. दया का सागर और महान दाता

यीशु मसीह दया के सागर हैं। वे केवल दंड नहीं देते, बल्कि पश्चाताप करने वाले पापी को गले लगाते हैं। वे हमें अनंत जीवन का दान देते हैं।

  • रोमियो 6:23: “क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।”
  • भजन संहिता 103:8: “यहोवा दयालु और अनुग्रहकारी, विलम्ब से कोप करनेवाला और अति करुणामय है।”

5. हमारी दुर्बलता और उनका अनुग्रह

हम ‘पाप नादान’ हैं, यानी अपनी बुद्धि से पाप के दलदल से बाहर नहीं निकल सकते। हमें निरंतर उनकी कृपा की आवश्यकता है।

  • रोमियो 3:23-24: “इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं, परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंतमेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।”
  • इब्रानियों 4:16: “इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बाँधकर चलें कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएँ जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।”

निष्कर्ष: यह गीत हमें संदेश देता है कि यीशु मसीह का बलिदान केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि हमारे व्यक्तिगत उद्धार का आधार है। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह विश्वासयोग्य और धर्मी है कि हमारे पापों को क्षमा करे और हमें सब अधर्म से शुद्ध करे (1 यूहन्ना 1:9)।

Mukthi Dilaye Yeshu Naam Lyrics in hindi

मुक्ति दिलाये यीशु नाम | Lyrics Song in hindi

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