Khuda Mai Tera Sukar Kar Lyrics

Khuda Mai Tera Sukar Kar Lyrics
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ख़ुदा मैं तेरा शुक्र करां Lyrics song


शुक्र करां ख़ुदा मैं तेरा शुक्र करां 
शुक्र करां ख़ुदा मैं तेरा शुक्र करां 
येसु मैं तेरा शुक्र करां – 2 
शुक्र ही करदा रवां, ख़ुदा मैं तेरा शुक्र करां 
येसु मैं तेरा शुक्र करां, शुक्र ही करदा रवां


1. तेरा नाम येसु सांनू, करदा आज़ाद ए 
देंदा ए आज़ादी नाले, रखदा आबाद ए -2 
तेरे राहा विच्च मैंनू मिलदी ए रौशनी 
मैं ओहना उत्ते चलदा रवां
येसु मैं तेरा शुक्र करां…


2. तेरे नाल येसु मेरा रिश्ता प्यार दा 
जिंद बण गई जिवें बाग बहार दा -2 
हर वेले रहा तेंनू याद में करदा 
करे तू गल्लां सब्बे पूरीया 
येसु मैं तेरा शुक्र करारां….


3. अन्नेया नू देवें येसु अखियां जहान ते 
लगड़े वी चलदे जो तुरदे ईमान दे -2 
करदे ने जो विश्वास येसु जी उत्ते 
येसु मैं तेरा शुक्र करां…

गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

यह मसीही गीत पूरी तरह से परमेश्वर की स्तुति, उनकी अद्भुत सामर्थ्य और मानव जाति के प्रति उनके गहरे प्रेम पर आधारित है। इस गीत के माध्यम से एक विश्वासी प्रभु यीशु मसीह के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता (धन्यवाद) को प्रकट करता है। गीत यह संदेश देता है कि यीशु ही वह एकमात्र नाम है जो हमें पापों से आज़ाद करता है, हमारे जीवनों को अपनी ज्योति से आलोकित करता है, और विश्वास करने वालों को चंगाई देता है। आइए इस गीत के प्रत्येक भाग को बाइबल के शुद्ध वचनों और उनके गहरे आत्मिक अर्थ के साथ समझते हैं:

1. निरंतर धन्यवाद का जीवन (गीत का मुखड़ा)

गीत का मुख्य केंद्र बिंदु है परमेश्वर का निरंतर धन्यवाद करना—“शुक्र ही करदा रवां”। पवित्र शास्त्र बाइबल हमें हर परिस्थिति में, चाहे सुख हो या दुःख, प्रभु का धन्यवाद करने की प्रेरणा देती है क्योंकि धन्यवाद का जीवन ही सच्ची मसीही संगति की पहचान है।

1 थिस्सलुनीकियों 5:18 “हर बात में धन्यवाद करो; क्योंकि तुम्हारे लिये मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है।”

भजन संहिता 100:4 “उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो; उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!”

स्पष्टीकरण: जब हम अपने जीवन में यीशु मसीह के उपकारों को याद करते हैं, तो हमारा हृदय कृतज्ञता से भर जाता है। बाइबल के अनुसार, धन्यवाद चढ़ाना परमेश्वर को भाता है, और जब हम निरंतर उनका शुक्र मनाते हैं, तो हम उनकी इच्छा को पूरा कर रहे होते हैं।

2. मसीह के नाम में आज़ादी और आत्मिक प्रकाश (पहला अंतरा)

गीत का पहला अंतरा घोषणा करता है कि यीशु का नाम हमें बंधनों से आज़ाद करता है, जीवन को आबाद करता है और उसके मार्गों पर चलने के लिए हमें ईश्वरीय रौशनी (ज्योति) देता है।

यूहन्ना 8:36 “सो यदि पुत्र तुम्हें स्वतन्त्र करेगा, तो तुम सचमुच स्वतन्त्र हो जाओगे।”

यूहन्ना 8:12 “यीशु ने फिर लोगों से कहा, ‘जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।'”

भजन संहिता 119:105 “तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।”

स्पष्टीकरण: मनुष्य जब पाप, बीमारी और डर के बंधनों में जकड़ा होता है, तब केवल यीशु का नाम ही उसे वास्तविक स्वतंत्रता देता है। जब हम मसीह के दिखाए मार्ग और उनके वचनों पर चलते हैं, तो वह वचन हमारे जीवन के सारे अंधकार को दूर कर देता है और हमारे जीवन को आत्मिक रूप से समृद्ध और आबाद बनाता है।

3. प्रभु के साथ प्रेम का अटूट रिश्ता और प्रार्थनाओं का उत्तर (दूसरा अंतरा)

यह भाग विश्वासी और प्रभु यीशु के बीच के मधुर और व्यक्तिगत संबंध को दर्शाता है। यह संबंध जीवन को एक खिले हुए सुंदर बाग़ की तरह आनंदित कर देता है। साथ ही, यह इस बात की गवाही देता है कि प्रभु हमारी हर बात सुनते हैं और अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करते हैं।

यूहन्ना 15:9 “जैसा पिता ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही मैंने तुम से प्रेम रखा; मेरे प्रेम में बने रहो।”

1 यूहन्ना 5:14-15 “और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो वह हमारी सुनता है। और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उससे मांगा, वह पाया है।”

यशायाह 58:11 “और यहोवा तुझे निरन्तर अगवाई करता रहेगा, और अकाल के समय तुझे तृप्त करेगा और तेरी हड्डियों को हरी-भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी के समान और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता।”

स्पष्टीकरण: मसीही जीवन कोई कानूनी बंधनों का जीवन नहीं है, बल्कि यह प्रभु के साथ प्रेम का एक जीवंत रिश्ता है। जब हम हर समय (हर वेले) उन्हें याद करते हैं, तो वह हमारा हाथ थामकर हमारी अगुवाई करते हैं। वह एक सच्चे चरवाहे की तरह हमारी प्रार्थनाओं को सुनते हैं और हमारी हर आत्मिक व सांसारिक आवश्यकता को पूरा करते हैं, जिससे हमारा जीवन हमेशा हरा-भरा रहता है।

4. विश्वास के द्वारा अद्भुत चंगाई और चमत्कार (तीसरा अंतरा)

गीत का यह अंतिम भाग प्रभु यीशु की अलौकिक सामर्थ्य और उनके द्वारा किए जाने वाले चमत्कारों की गवाही देता है, जहाँ अंधों को आँखें मिलती हैं और लंगड़े विश्वास के साथ चलने लगते हैं।

मत्ती 11:5 “अर्थात् अंधे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किये जाते हैं और बहरे सुनते हैं; मरे हुए जिलाए जाते हैं, और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”

लूका 18:42 “यीशु ने उससे कहा, ‘देखने लग; तेरे विश्वास ने तुझे चंगा कर दिया है।'”

इब्रानियों 11:1 “अब विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और अनदेखी वस्तुओं का प्रमाण है।”

स्पष्टीकरण: यह वचन और गीत का अंतरा सीधे तौर पर सुसमाचार की उस सामर्थ्य को प्रकट करते हैं जो मसीह के पृथ्वी पर रहने के दौरान दिखाई दी थी और आज भी विश्वास करने वालों के जीवन में दिखाई देती है। जो लोग पूर्ण ‘इमान’ (विश्वास) के साथ यीशु मसीह पर भरोसा रखते हैं, उनके जीवन की हर लाचारी, बीमारी और आत्मिक अंधापन यीशु के सामर्थ्य से दूर हो जाता है। विश्वास के द्वारा असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

निष्कर्ष: यह गीत केवल एक सुरीली रचना नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से पवित्र शास्त्र बाइबल की शिक्षाओं पर आधारित एक शक्तिशाली गवाही है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा परमेश्वर उद्धारकर्ता, चंगाई देने वाला, प्रार्थनाओं का उत्तर देने वाला और अपनी प्रतिज्ञाओं में सच्चा है। इसलिए, हर एक विश्वासी का यह कर्तव्य है कि वह अपने जीवन के हर पल में उस महान परमेश्वर का शुक्र और धन्यवाद करता रहे।


Khuda Mai Tera Sukar Kar Lyrics in hindi

ख़ुदा मैं तेरा शुक्र करां song

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