Agar Tune Mujhe Apnaya Na Hota Lyrics

Agar Tune Mujhe Apnaya Na Hota Lyrics
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अगर तूने मुझे अपनाया ना होता Lyrics song

अगर तूने मुझे अपनाया ना होता
ये सच है ख़ुदा मैं ज़िंदा ना होता ….2
मेरे सिर पे अगर तेरा साया ना होता
ये सच है ख़ुदा मैं ज़िंदा ना होता …..2
अगर तूने मुझे…


1. मैं आंखों के दीये जलाकर खुदा
रातों को रोशन मैं करता रहा …..2
मुझे अपना तूने नूर दिखाया न होता
ये सच है ख़ुदा मैं ज़िंदा ना होता …..2
अगर तूने मुझे…


2. जब टूटा जीवन ये तेरे हाथों में आया
तूने खुदा फिर से इसे नया बनाया …..2
ग़र पापों का वो बोझ उठाया ना होता
ये सच है ख़ुदा मैं ज़िंदा ना होता ……
अगर तूने मुझे…..


3. अब ज़िंदगी में कोई ग़म ना गिला है
जीने का मुझे तुझसे नया ज़ोर मिला है …..2
ग़र दिल में तुझे मैंने बसाया ना होता
ये सच है ख़ुदा मैं ज़िंदा ना होता ……2
अगर तूने मुझे…

‘अगर तूने मुझे अपनाया ना होता’ – गीत का आत्मिक सारांश और बाइबल वचन

यह मसीही गीत एक आराधक के हृदय की गहरी कृतज्ञता, पश्चाताप और ईश्वर के प्रति संपूर्ण समर्पण को दर्शाता है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि जब हम पापों के बोझ तले दबे थे और आत्मिक रूप से मृत थे, तब परमेश्वर के अनुग्रह और यीशु मसीह के बलिदान ने हमें एक नया जीवन दिया।

नीचे इस गीत के प्रत्येक भाग का आत्मिक सारांश और उससे जुड़े पवित्र बाइबल के अचूक वचनों का स्पष्टीकरण दिया गया है:

1. मुख्य भाग (मुखड़ा): परमेश्वर का अपनापन और सुरक्षा का साया

गीत का भाव: यदि परमेश्वर हमें अपने बच्चों के रूप में न अपनाता और अपनी दया का साया हमारे ऊपर न रखता, तो हमारा आत्मिक और शारीरिक अस्तित्व ही समाप्त हो गया होता। हम आज जो कुछ भी हैं, केवल उसकी करुणा के कारण हैं।

संबंधित बाइबल वचन और स्पष्टीकरण:

  • रोमियों 8:15“क्योंकि तुम्हें दासत्व की आत्मा नहीं मिली कि फिर भयभीत हो, परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिससे हम हे अब्बा, हे पिता कहकर पुकारते हैं।”
    • स्पष्टीकरण: यह वचन दर्शाता है कि परमेश्वर ने हमें केवल बचाया ही नहीं, बल्कि हमें अपने बेटे और बेटियों के रूप में अपनाया है। जब उसने हमें अपनाया, तो हमारा डर खत्म हो गया और हमें नया जीवन मिला।
  • भजन संहिता 91:1-2“जो परमप्रधान के छिपने के स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा। मैं यहोवा के विषय में कहूंगा, ‘वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, जिस पर मैं भरोसा रखता हूँ।'”
    • स्पष्टीकरण: गीत में ‘साया’ शब्द परमेश्वर की अलौकिक सुरक्षा को दर्शाता है। अगर खुदा का यह साया (सुरक्षा) हमारे जीवन पर न होता, तो दुष्ट शैतान हमें नष्ट कर चुका होता।

2. पहला अंतरा: अंधकार से ज्योति की ओर यात्रा

गीत का भाव: मनुष्य अपने प्रयासों (आँखों के दीये जलाकर) से जीवन के अंधकार और खालीपन को दूर करने की कोशिश करता है, लेकिन वह असफल रहता है। जब तक परमेश्वर अपने वचनों और पवित्र आत्मा का नूर (प्रकाश) नहीं दिखाता, तब तक जीवन में सच्चा सवेरा नहीं आ सकता।

संबंधित बाइबल वचन और स्पष्टीकरण:

  • 1 पतरस 2:9“परन्तु तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और परमेश्वर की निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।”
    • स्पष्टीकरण: इंसान अपने बल पर रातों को रोशन नहीं कर सकता। अंधकार से बाहर आने का एकमात्र रास्ता यीशु मसीह है, जिसने हमें अपने अद्भुत नूर में प्रवेश कराया है।
  • यूहन्ना 8:12“यीशु ने फिर लोगों से कहा, ‘जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा।'”
    • स्पष्टीकरण: जब हमारे जीवन में मसीह का नूर चमकता है, तो आत्मिक मृत्यु का साया हमेशा के लिए टल जाता है और हमें नया जीवन मिलता है।

3. दूसरा अंतरा: टूटे हुए जीवन का पुनर्निर्माण और पापों का बोझ

गीत का भाव: जब हमारा जीवन पाप और दुखों के कारण पूरी तरह टूट चुका था, तब कुम्हार की तरह परमेश्वर ने हमें अपने हाथों में लिया और नया सृजन बनाया। यीशु ने हमारे पापों का वह भारी बोझ कलवरी के क्रूस पर अपने ऊपर उठा लिया, ताकि हम जीवित रह सकें।

संबंधित बाइबल वचन और स्पष्टीकरण:

  • यिर्मयाह 18:6“हे इस्राएल के घराने, क्या मैं तुम्हारे साथ इस कुम्हार के समान काम नहीं कर सकता? यहोवा की यह वाणी है, देख, जैसे मिट्टी कुम्हार के हाथ में रहती है, वैसे ही हे इस्राएल के घराने, तुम मेरे हाथ में हो।”
    • स्पष्टीकरण: जब हम टूट जाते हैं, तो प्रभु हमें फेंकता नहीं, बल्कि अपने प्रेम भरे हाथों से हमें फिर से संवारता है और एक खूबसूरत नया जीवन (नया बर्तन) बनाता है।
  • यशायाह 53:5“परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के कारण कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी, कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।”
    • स्पष्टीकरण: गीत की यह लाइन “ग़र पापों का वो बोझ उठाया ना होता” सीधे क्रूस के बलिदान को दर्शाती है। यदि यीशु ने क्रूस पर हमारे पापों का दंड अपने ऊपर न लिया होता, तो हम अपने पापों में ही मर चुके होते।
  • 2 कुरिन्थियों 5:17“इसलिये यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।”
    • स्पष्टीकरण: मसीह के हाथों में आकर हमारा जीवन पूरी तरह बदल जाता है और वह हमें एक नई शुरुआत देता है।

4. तीसरा अंतरा: मसीह में आनंद, सामर्थ्य और वासस्थान

गीत का भाव: जब कोई विश्वासी यीशु मसीह को अपने दिल में बसा लेता है, तो संसार के सारे शिकवे-शिकायतें और गम खत्म हो जाते हैं। प्रभु हमें परिस्थितियों से लड़ने का एक नया बल (ज़ोर) देता है।

संबंधित बाइबल वचन और स्पष्टीकरण:

  • फिलिप्पियों 4:13“जो मुझे सामर्थ्य देता है उसमें मैं सब कुछ कर सकता हूँ।”
    • स्पष्टीकरण: गीत में जिस ‘नए ज़ोर’ (सामर्थ्य) की बात की गई है, वह हमें पवित्र आत्मा के द्वारा मसीह से मिलता है। इसी बल के कारण एक मसीही हर दुख में भी आनंदित रह सकता है।
  • गलातियों 2:20“मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है; और मैं शरीर में अब जो जीवन बिताता हूँ, तो केवल उस परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करने से बिताता हूँ, जिसने मुझसे प्रेम किया और मेरे लिये अपने आप को दे दिया।”
    • स्पष्टीकरण: “ग़र दिल में तुझे मैंने बसाया ना होता”—यह पंक्ति हृदय में मसीह के वास को बताती है। जब मसीह हमारे दिल में रहने लगता है, तो जीवन निराशा से निकलकर अनंत जीवन की आशा में बदल जाता है।

निष्कर्ष (Summary)

यह संपूर्ण गीत इस बात की गवाही है कि हमारी अपनी कोई योग्यता नहीं थी कि हम बचाए जाते। यह केवल परमेश्वर का अनुग्रह, उसका क्रूस पर उठाया गया कष्ट और उसका लेपालकपन (हमें अपनाना) है, जिसने हमें आत्मिक मृत्यु से बचाकर अनंत जीवन की ओर अग्रसर किया। यदि वह हमारे जीवन में न होता, तो आत्मिक रूप से हम सचमुच मृत होते।


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अगर तूने मुझे अपनाया ना होता Lyrics song in hindi

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