पवित्र है Lyrics song
Pavitra Hai (Live) | Akshay Mathews | Deborah Lazres | Worship Night Delhi
देखूं तुझे नूर-ए-खुदा
चेहरा तेरा सूरज के माध्यम चमका
देखूं तुझे सिंहासन पे
तेरे सामने ज़मीन और आसमान झुके
और मैं घुटनों पे गिरूं
क़बूल करूं मेरे गुनाह
नापाक होंठों को तू पाक करे
और मैं कहूं
पवित्र है ख़ुदा का मेमना
पवित्र है, पवित्र है
जो था, जो है, जो आएगा
देखूं तुझे विराजमान
तेरे वस्त्र के दामन से मंदिर भर गया
देखूं तुझे जलाली ख़ुदा
प्राचीन भी गिरकर तुझे सज्दा करे
और मैं घुटनों पे गिरूं
क़बूल करूं मेरे गुनाह
नापाक होंठों को तू पाक करे
और मैं कहूं
पवित्र है ख़ुदा का मेमना
पवित्र है, पवित्र है
जो था, जो है, जो आएगा
तू ही खुदा का मेमना
जो था, जो है, जो आएगा
हो हो
1. हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
हमको पाक तुझसा बनाओ
पवित्र है ख़ुदा का मेमना
पवित्र है, पवित्र है
जो था, जो है, जो आएगा
तू ही खुदा का मेमना
जो था, जो है, जो आएगा
हो हो
पवित्र पवित्र पवित्र खुदा का मेमना
पवित्र पवित्र पवित्र जो था, जो है, जो आएगा
पवित्र पवित्र पवित्र
गीत का आत्मिक सारांश और वचन स्पष्टीकरण
यह आराधना गीत हमें परमेश्वर की उपस्थिति के उस स्थान पर ले जाता है जहाँ केवल उसकी पवित्रता और तेज (Glory) का राज है। यह हमारे हृदय को पश्चाताप और पूर्ण समर्पण की ओर ले जाता है।
1. परमेश्वर का सिंहासन और उसकी पवित्रता
गीत के शब्द “पवित्र है जो है और जो आएगा” प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में स्वर्ग के दृश्यों का वर्णन करते हैं। परमेश्वर की पवित्रता ही उसकी सबसे बड़ी खूबी है।
- बाइबल वचन: प्रकाशितवाक्य 4:8 — “और उन चारों प्राणियों के छ: छ: पंख हैं, और चारों ओर और भीतर आंखें ही आंखें हैं; और वे रात दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, कि पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आने वाला है।”
- स्पष्टीकरण: [01:37] यह वचन हमें बताता है कि परमेश्वर की पवित्रता अनंत है। वह समय से परे है—वह कल भी पवित्र था, आज भी है और आने वाले समय में भी रहेगा। जब हम उसे “पवित्र” पुकारते हैं, तो हम यह स्वीकार करते हैं कि वह पूरी तरह से शुद्ध और पाप से अलग है।
2. मंदिर में परमेश्वर का तेज (Glory)
गीत में एक पंक्ति है, “तेरे वस्त्र के दामन से मंदिर भर गया।” यह दृश्य यशायाह नबी के उस दर्शन को दर्शाता है जहाँ उसने प्रभु को ऊंचे सिंहासन पर विराजमान देखा था।
- बाइबल वचन: यशायाह 6:1 — “जिस वर्ष उज्जिय्याह राजा मरा, मैं ने प्रभु को बहुत ही ऊंचे सिंहासन पर विराजमान देखा; और उसके वस्त्र के घेर से मन्दिर भर गया।”
- स्पष्टीकरण: [01:48] यह वचन परमेश्वर की महानता को प्रकट करता है। उसका तेज इतना विशाल है कि मंदिर का कोना-कोना उसकी उपस्थिति से भर जाता है। यह हमें सिखाता है कि जब हम सच्चे मन से आराधना करते हैं, तो उसकी महिमा हमारे जीवन के मंदिर को भी इसी तरह भर देती है।
3. घुटने टेकना और समर्पण करना
गीत में “घुटनों पे गिरकर सजदा करने” और “गुनाह कबूल करने” की बात कही गई है। परमेश्वर की महान पवित्रता के सामने मनुष्य को अपनी कमियों का एहसास होता है।
- बाइबल वचन: यशायाह 6:5 — “तब मैं ने कहा, हाय! हाय! मैं नष्ट हुआ; क्योंकि मैं अशुद्ध होंठ वाला मनुष्य हूं, और अशुद्ध होंठ वाले लोगों के बीच में रहता हूं; क्योंकि मैं ने सेनाओं के यहोवा राजा को अपनी आंखों से देखा है!”
- स्पष्टीकरण: [02:15] जब यशायाह ने परमेश्वर की पवित्रता को देखा, तो उसे अपने पापों का एहसास हुआ। इसी तरह, यह गीत हमें प्रेरित करता है कि हम प्रभु के सामने नम्र हों, अपने पापों को मान लें और उसकी दया की याचना करें।
4. प्राचीन और स्वर्गदूतों की आराधना
गीत में “प्राचीन में गिरकर तुझे सजदा करें” का उल्लेख है, जो स्वर्ग में होने वाली निरंतर आराधना की ओर संकेत करता है।
- बाइबल वचन: प्रकाशितवाक्य 4:10-11 — “तब वे चौबीसों प्राचीन सिंहासन पर बैठने वाले के सामने गिर पड़ेंगे, और उसे जो अनन्तकाल तक जीवता है दण्डवत करेंगे; और अपने अपने मुकुट सिंहासन के सामने यह कहते हुए डाल देंगे, कि हे हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा और आदर और सामर्थ्य के योग्य है।”
- स्पष्टीकरण: यह वचन हमें सिखाता है कि आराधना केवल गीत गाना नहीं है, बल्कि अपना सब कुछ (मुकुट और अधिकार) उसके चरणों में डाल देना है। वह अपनी सृष्टि के कारण हर प्रकार की स्तुति के योग्य है।
5. हमें अपने जैसा पवित्र बनाना
गीत में एक बहुत ही सुंदर प्रार्थना है, “हमको पाक (पवित्र) तुझ सा बना।” यह परमेश्वर की इच्छा है कि उसके लोग भी उसकी तरह पवित्र बनें।
- बाइबल वचन: 1 पतरस 1:15-16 — “परन्तु जैसा तुम्हारा बुलाने वाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो। क्योंकि लिखा है, कि पवित्र बनो, क्योंकि मैं पवित्र हूं।”
- स्पष्टीकरण: [03:56] प्रभु हमें केवल क्षमा ही नहीं करता, बल्कि वह चाहता है कि हम उसके स्वभाव में बढ़ते जाएँ। पवित्रता कोई विकल्प नहीं बल्कि मसीही जीवन की बुलाहट है। बिना पवित्रता के कोई प्रभु को देख नहीं सकता।
6. यीशु का नूर और महिमा
यीशु मसीह परमेश्वर का प्रत्यक्ष नूर (प्रकाश) है। गीत उसे “जलाली खुदा” और “सूरज की मानिंद” कहता है।
- बाइबल वचन: इब्रानियों 1:3 — “वह उसकी महिमा का प्रकाश और उसके तत्व की छाप है, और सब वस्तुओं को अपनी सामर्थ्य के वचन से संभालता है। वह पापों को धोकर ऊंचे स्थानों पर महामहिम के दाहिने जा बैठा।”
- स्पष्टीकरण: [00:29] यीशु ही वह माध्यम है जिसके द्वारा हम पिता की पवित्रता को देख और महसूस कर सकते हैं। उसने हमारे पापों को धोया ताकि हम पवित्र होकर परमेश्वर के सिंहासन के सामने निडर होकर खड़े हो सकें।


