Tu Kaabil Hai Lyrics

Tu Kaabil Hai Lyrics
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तू काबिल है Lyrics song

Tu Kaabil Hai Lyrics

मेरे हालातों को जानता तू ही
मेरी बातों को समझता तू ही
जो नजर ना आए तू देखे वही
मेरे हर एक अच्छाई का कारण तू ही
बदल सकता है हालात तू ही

नामुमकिन को करे मुमकिन तू ही
जब मैं टूटूं जब हार जाऊं
मेरी उम्मीद का आधार तू ही
जब रास्ते हो बंद, जब दिल घबराए
तेरी मौजूदगी मुझे थाम जाए

तू काबिल है, तू काबिल है
यीशु सिर्फ तू काबिल है
सारे हाल बनाने में, यीशु सिर्फ तू काबिल है

जीवन मेरा तुझको समर्पण
सांसों में भी तेरा ही नाम
जैसा तू चाहे वैसा चला
तू ही मेरा हर एक मुकाम

सौंप दिया है प्यारे खुदा
हाथों में तेरे ये दिल मेरा
जो तू कहे वही होगा
तेरी इच्छा में है मेरा भला
मेरी कमजोरी में तू सामर्थ है
तेरे वचनों में मेरी राहत है

हर नाम से ऊंचा तेरा नाम
हर दिल में गूंजे तेरा कलाम
आसमां गाए, धरती कहे
यीशु तू ही है महान

हर मौसम में, हर एक पल
तेरा प्यार रहे अटल
जो तू ठहराए वही स्थिर
तेरे हाथों में मेरा कल

तू काबिल है, तू काबिल है
यीशु सिर्फ तू काबिल है
मेरे जीवन को थामने में, यीशु सिर्फ तू काबिल है
हालेलुया, हालेलुया…

गीत का आध्यात्मिक सारांश

यह गीत मसीही जीवन के उस बुनियादी सत्य को प्रकट करता है कि मुक्ति और चंगाई केवल यीशु मसीह के माध्यम से ही संभव है। गीत का सारांश निम्नलिखित बिंदुओं में निहित है:

  1. नाम की सामर्थ्य: गीत स्पष्ट करता है कि यीशु का नाम केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक सामर्थ्य है। इस नाम को लेने मात्र से अंधकार की शक्तियाँ कांपती हैं और शैतान के गढ़ ढह जाते हैं।
  2. पापों और बंधनों से मुक्ति: मनुष्य अपने पापों, बुरी आदतों और शैतानी बंधनों में जकड़ा हुआ है। यह गीत घोषणा करता है कि यीशु के पास वह अधिकार है कि वह हर प्रकार के जुए को तोड़ सके और मनुष्य को आत्मिक स्वतंत्रता प्रदान कर सके।
  3. बीमारियों से चंगाई: गीत में विश्वास व्यक्त किया गया है कि जो बीमारियाँ डॉक्टरों के बस से बाहर हैं, वे यीशु के नाम के आगे घुटने टेकती हैं। उनके कोड़े खाने से हमें स्वास्थ्य और नया जीवन मिलता है।
  4. शांति और आनंद का स्रोत: अशांत मन और टूटे हुए हृदय के लिए यीशु का नाम मरहम की तरह है। यह नाम केवल छुटकारा ही नहीं, बल्कि वह शांति भी देता है जो संसार की समझ से परे है।

गीत से जुड़े पवित्र बाइबल के वचन (स्पष्टीकरण सहित)

गीत के भावों को गहराई से समझने के लिए यहाँ प्रमुख वचन और उनके अर्थ दिए गए हैं:

१. नाम की अद्वितीय सामर्थ्य

“और किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके द्वारा हम उद्धार पा सकें।” (प्रेरितों के काम 4:12)

  • स्पष्टीकरण: गीत की मुख्य पंक्ति “येसु नाम में है छुटकारा” इसी वचन पर टिकी है। बाइबल स्पष्ट करती है कि स्वर्ग और पृथ्वी के बीच केवल यीशु ही वह मार्ग हैं जो हमें पापों से मुक्त कर पिता परमेश्वर तक ले जा सकते हैं।

२. बंधनों का टूटना

“इसलिये यदि पुत्र तुम्हें स्वतन्त्र करेगा, तो तुम सचमुच स्वतन्त्र हो जाओगे।” (यूहन्ना 8:36)

  • स्पक्षीकरण: गीत में जिस ‘छुटकारे’ की बात है, वह इसी आत्मिक स्वतंत्रता की ओर संकेत करता है। जब यीशु किसी के जीवन में आते हैं, तो वे उसे पाप की गुलामी से हमेशा के लिए आज़ाद कर देते हैं।

३. हर घुटने का टिकना

“कि यीशु के नाम पर हर एक घुटना टिके—चाहे स्वर्गियों का हो, चाहे पृथ्वी पर के रहने वालों का, चाहे पृथ्वी के नीचे वालों का हो।” (फिलिप्पियों 2:10)

  • स्पष्टीकरण: गीत में शैतानी शक्तियों पर विजय का जो वर्णन है, वह इस वचन की पुष्टि करता है। यीशु का नाम लेने से अंधकार की शक्तियाँ भाग खड़ी होती हैं क्योंकि उन्हें इस नाम के आगे झुकने की आज्ञा दी गई है।

४. चंगाई का वादा

“परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।” (यशायाह 53:5)

  • स्पष्टीकरण: गीत में चंगाई के दावों का आधार कलवरी का क्रूस है। यीशु ने अपने शरीर पर कोड़े सहे ताकि हमें बीमारियों और पीड़ा से छुटकारा मिल सके।

५. बोझ से दबे लोगों के लिए विश्राम

“हे सब थके हुए और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा।” (मत्ती 11:28)

  • स्पष्टीकरण: गीत उन लोगों को आमंत्रित करता है जो जीवन की समस्याओं से थके हुए हैं। यीशु के नाम में वह सामर्थ्य है जो भारी मन को हल्का कर देती है और आत्मिक सुकून प्रदान करती है।

६. प्रार्थना का उत्तर

“और जो कुछ तुम मेरे नाम से मांगोगे, वही मैं करूंगा कि पुत्र के द्वारा पिता की महिमा हो।” (यूहन्ना 14:13)

  • स्पष्टीकरण: गीत हमें सिखाता है कि जब हम विश्वास के साथ यीशु का नाम पुकारते हैं, तो स्वर्ग की खिड़कियाँ खुल जाती हैं और हमारी प्रार्थनाएँ सुनी जाती हैं।

७. शैतान पर अधिकार

“देखो, मैंने तुम्हें सांपों और बिच्छुओं को रौंदने का, और शत्रु की सारी सामर्थ्य पर अधिकार दिया है; और किसी वस्तु से तुम्हें कभी हानि न होगी।” (लूका 10:19)

  • स्पष्टीकरण: गीत में जो जयजयकार है, वह इसी अधिकार के कारण है जो मसीह ने अपने चेलों को दिया है। यीशु का नाम एक ढाल की तरह हमें हर बुराई से बचाता है।

निष्कर्ष: यह गीत एक संगीत मात्र नहीं, बल्कि विश्वास की एक गर्जना है। यह हमें याद दिलाता है कि चाहे समस्या कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यीशु का नाम उससे बड़ा है। इन वचनों के प्रकाश में जब हम इस गीत को गाते हैं, तो हमारा विश्वास बढ़ता है और हम वास्तव में उस छुटकारे का अनुभव करते हैं जो मसीह ने हमारे लिए जीता है।

Tu Kaabil Hai Lyrics in hindi

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