बीते हुए कल Lyrics song
Bite Huye Kal Lyrics
मेरे यीशु ने प्यार कुछ यूं दिखाया
सिंहासन छोड़ धरती पे उतर आया
जितनी बार भी मैं गिरी यीशु सिर्फ तू ही है
जिसने मुझे उठाया, जिसने मुझे उठाया
बीते हुए कल को जो याद करूं
पिता तेरा प्रेम नजर आए
आंसू में पूछूं सवाल करूं
क्या खूबी थी मुझ में जो तूने भाई
पापा से ज्यादा प्यार किया,
माँ से भी ज्यादा दुलार दिया
ना छोड़ा, ना छोड़ा, ना छोड़ा मुझे
अकेला कभी ना छोड़ा मुझे
शापित थी मैं तो दुख और निराशा में डूबी हुई थी
तू दौड़ आया गले से लगाया
सारे दुखों से आजाद हुए
छोड़ा, ना छोड़ा, ना छोड़ा मुझे
अकेला कभी ना छोड़ा मुझे
यीशु तेरे प्रेम को मैंने जान लिया
छोड़ेगा ना तू मुझको कभी मैंने मान लिया
माता-पिता और भाई भी तू
मेरे जीवन की भलाई भी तू
एक ही चाहत है दिल की प्रभु
तेरे संग मैं चलती रहूं, तेरे संग मैं चलती रहूं
टूटे थे पल जो मैं याद करूं
पिता तेरा प्रेम नजर आए
आंसू में पूछूं सवाल करूं
क्या खूबी थी मुझ में जो तूने भाई
गीत का आध्यात्मिक सारांश और बाइबिल वचनों का स्पष्टीकरण
यह गीत प्रभु यीशु मसीह की अनन्तता, उनकी सर्वोच्चता और उनकी सामर्थ्य का एक शक्तिशाली उद्घोष है। यह हमें याद दिलाता है कि यीशु मसीह केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि वह स्वयं परमेश्वर हैं जो आदि और अन्त हैं। जब हम उन्हें ‘अल्फा और ओमेगा’ कहकर पुकारते हैं, तो हम स्वीकार करते हैं कि हमारे जीवन का हर क्षण—आरंभ से लेकर अंत तक—उन्हीं के हाथों में सुरक्षित है।
1. अल्फा और ओमेगा: अनन्त परमेश्वर
गीत का मुख्य केंद्र यीशु मसीह की अनन्तता है। वह समय और सृष्टि से परे हैं। बाइबिल वचन:
“मैं ही अल्फा और ओमेगा, आदि और अन्त हूँ। जो है, और जो था, और जो आने वाला है; जो सर्वशक्तिमान है।” (प्रकाशितवाक्य 1:8)
स्पष्टीकरण: ‘अल्फा’ यूनानी वर्णमाला का पहला अक्षर है और ‘ओमेगा’ अंतिम। प्रभु यीशु का यह नाम घोषित करता है कि सृष्टि की रचना से पहले भी वह थे और जब सब कुछ समाप्त हो जाएगा, तब भी वह रहेंगे। हमारे जीवन की हर शुरुआत और हर अंत के बीच में वही स्थिर रहने वाला चट्टान है।
2. मसीह की शांति और उपस्थिति
गीत हमें उस शांति की ओर ले जाता है जो केवल यीशु की संगति में मिलती है। संसार की उथल-पुथल के बीच उनका नाम एक सुरक्षित शरणस्थान है। बाइबिल वचन:
“शान्ति मैं तुम्हें दिए जाता हूँ, अपनी शान्ति मैं तुम्हें देता हूँ; जैसे जगत देता है, मैं तुम्हें नहीं देता। तुम्हारा मन व्याकुल न हो और न डरे।” (यूहन्ना 14:27)
स्पष्टीकरण: जब हम आराधना में प्रभु को ऊँचा उठाते हैं, तो उनकी अलौकिक शांति हमारे हृदयों को ढांप लेती है। वह ‘अल्फा’ बनकर हमारे डर को मिटाते हैं और ‘ओमेगा’ बनकर हमारी चिंताओं का अंत करते हैं।
3. सृजनहार और रक्षक
गीत में प्रभु को सारी सृष्टि का स्वामी बताया गया है। वह न केवल रचयिता हैं, बल्कि अपनी सामर्थ्य से सब कुछ थामे हुए भी हैं। बाइबिल वचन:
“क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुई, स्वर्ग की हों अथवा पृथ्वी की… सब वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्तुओं में प्रथम है, और सब वस्तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।” (कुलुस्सियों 1:16-17)
स्पष्टीकरण: यह वचन स्पष्ट करता है कि हमारा अस्तित्व प्रभु यीशु पर निर्भर है। यदि वह अल्फा और ओमेगा हैं, तो इसका अर्थ है कि हमारे जीवन की कोई भी परिस्थिति उनके नियंत्रण से बाहर नहीं है। वह हमें स्थिर रखने वाले परमेश्वर हैं।
4. पवित्रता और स्तुति के योग्य
गीत हमें स्वर्ग की उस आराधना की याद दिलाता है जहाँ स्वर्गदूत दिन-रात प्रभु की पवित्रता का गान करते हैं। बाइबिल वचन:
“पवित्र, पवित्र, पवित्र प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आने वाला है।” (प्रकाशितवाक्य 4:8)
स्पष्टीकरण: जब हम इस पृथ्वी पर ‘अल्फा ओमेगा’ गाते हैं, तो हम स्वर्ग की आराधना में शामिल हो जाते हैं। प्रभु की पवित्रता हमें पाप से दूर रहने और उसके गौरव में जीने की प्रेरणा देती है। वह हमारी हर स्तुति और भक्ति के योग्य एकमात्र परमेश्वर है।
5. प्रथम और अंतिम: अटूट विश्वास
गीत विश्वासियों को यह भरोसा दिलाता है कि जिस प्रभु ने हमारे विश्वास की नींव रखी है, वही इसे पूर्णता तक पहुँचाएगा। बाइबिल वचन:
“और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिसने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके क्रूस का दुःख सहा।” (इब्रानियों 12:2)
स्पष्टीकरण: प्रभु यीशु हमारे विश्वास के ‘अल्फा’ (कर्ता) और ‘ओमेगा’ (सिद्ध करने वाले) हैं। उन्होंने क्रूस पर हमारे लिए जो कार्य शुरू किया, उसे वह हमारे जीवन में पूरा करेंगे। हमें बस अपनी नज़रें उन पर जमाए रखनी हैं।
निष्कर्ष
यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह एक आत्मिक समर्पण है। ‘अल्फा ओमेगा’ पुकारने का अर्थ है कि हम अपनी बुद्धि और सामर्थ्य को त्यागकर प्रभु की प्रभुता को स्वीकार करते हैं। वह हमारे दुखों का अंत करने वाला ओमेगा और हमारे नए जीवन की शुरुआत करने वाला अल्फा है। उनके नाम में जय है, शांति है और अनन्त जीवन का वादा है।
बाइबिल का संदेश: “देख, मैं शीघ्र आने वाला हूँ; और हर एक के काम के अनुसार बदला देने के लिये प्रतिफल मेरे पास है। मैं अल्फा और ओमेगा, पहला और पिछला, आदि और अन्त हूँ।” (प्रकाशितवाक्य 22:12-13)


