ते मौजां हो गईयां Lyrics song
Te Mauja Ho Gaiya Lyrics
ते मौजां हो गईयां Lyrics song
दूतां ने धूम मचाई, कज्जे ढोल वज्जे शहनाई
जदों दी येसु दे नाल लाई, ते मौजां हो गईया
दूतां ने धूम मचाई…….
अज्ज दिन खुशिया दा चढ़ेया, जदों दा हत्थ येसु ने फढ़ेया
ते मौजां हो गईयां…….
1. हवा च वज्जदे साज बोलदे, गाओ सना सच्चे रब्ब दी
रोम रोम तो करो परस्तिश, महिमा हो सच्चे रब्ब दी
येसु सदा लई साडे नाल
हां पाओ नच्च नच्च अज्ज धमाल
ते मौजां हो गईयां…….
2. येशु नाम च चलदे लगड़े, गूगे बोलण लगदे ने
दुनिया दे लई मुर्ख ने जो, खुदा नू चंगे लगदे ने
यहोवा नाम है सब तो प्यारा
ते लाओ उसदे नाम दा नारा
ते मौजां हो गईयां…….
3. आसमां दा इक्क इक्क पंछी, खुदा तो चोगा मंगदा ए
पाक रूह दे नाल है भरना, बंदेया फेर क्यो संगदा ए
दुनियां नू करके बाहर, तू कल्ले येसु नू पुकार
ते मौजां हो गईयां……
यह गीत “ते मौजां हो गईयां” मसीही जीवन के उस आनंद और उत्सव का वर्णन करता है, जो प्रभु येशु मसीह के साथ रिश्ता जोड़ने के बाद प्राप्त होता है। यह गीत केवल एक भजन नहीं, बल्कि एक गवाही है कि जब हम दुनिया का मोह छोड़कर खुदा को पुकारते हैं, तो स्वर्गदूत भी हमारे साथ खुशी मनाते हैं।
नीचे इस गीत का गहरा आध्यात्मिक सारांश और उससे संबंधित बाइबल वचन दिए गए हैं:
गीत का आध्यात्मिक सारांश और बाइबल आधारित स्पष्टीकरण
1. मसीह में नई सृष्टि और आनंद का उत्सव
गीत की शुरुआत स्वर्गदूतों की धूम और खुशी से होती है। बाइबल हमें बताती है कि जब कोई एक पापी मन फिराकर प्रभु के पास आता है, तो स्वर्ग में बड़ा आनंद मनाया जाता है। “मौजां हो जाना” उस आत्मिक शांति और तृप्ति को दर्शाता है जो केवल येशु का हाथ थामने से मिलती है।
- लूका 15:10 – “मैं तुमसे कहता हूँ, कि इसी प्रकार एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामने आनन्द होता है।”
- 2 कुरिन्थियों 5:17 – “सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गई हैं।”
2. सृष्टि द्वारा परमेश्वर की स्तुति (परस्तिश)
गीत कहता है कि हवा में साज बज रहे हैं और रोम-रोम से स्तुति निकल रही है। यह इस सच्चाई को दर्शाता है कि पूरी कायनात अपने सृजनहार की महिमा करने के लिए बनाई गई है। जब हम पवित्र आत्मा से भर जाते हैं, तो हमारा पूरा अस्तित्व (रोम-रोम) परमेश्वर की आराधना करने लगता है।
- भजन संहिता 150:6 – “जितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें! यहोवा की स्तुति करो!”
- लूका 19:40 – “उसने उत्तर दिया, ‘मैं तुमसे कहता हूँ कि यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे’।”
3. येशु नाम की सामर्थ्य और चंगाई
गीत के दूसरे अंतरे में येशु के नाम में होने वाले चमत्कारों का वर्णन है—लंगड़ों का चलना और गूंगों का बोलना। यह मसीह की उस सामर्थ्य की गवाही है जो आज भी जीवित है। साथ ही, यह गीत बताता है कि दुनिया जिन्हें “मूर्ख” समझती है, परमेश्वर उन्हें चुनकर अपनी महिमा करता है।
- मत्ती 11:5 – “अन्धे देखते हैं और लंगड़े चलते फिरते हैं; कोढ़ी शुद्ध किए जाते हैं और बहरे सुनते हैं; मुर्दे जिलाए जाते हैं और कंगालों को सुसमाचार सुनाया जाता है।”
- 1 कुरिन्थियों 1:27 – “परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है कि ज्ञानवानों को लज्जित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है कि बलवानों को लज्जित करे।”
4. परमेश्वर की देखरेख और पवित्र आत्मा का दान
गीत का तीसरा भाग हमें सिखाता है कि जिस प्रकार आकाश के पंछी परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं और वह उन्हें “चोगा” (भोजन) देता है, वैसे ही हमें भी अपनी चिंताओं को त्यागकर उस पर भरोसा रखना चाहिए। वह हमें केवल शारीरिक भोजन ही नहीं, बल्कि “पाक रूह” (पवित्र आत्मा) से भी भरना चाहता है।
- मत्ती 6:26 – “आकाश के पक्षियों को देखो; वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खतों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन्हें खिलाता है। क्या तुम उनसे अधिक मूल्य नहीं रखते?”
- लूका 11:13 – “अत: जब तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो स्वर्ग में रहने वाला पिता अपने मांगने वालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा?”
5. एकांत में प्रार्थना और दुनिया से विरक्ति
गीत के अंत में एक बहुत गहरी बात कही गई है: “दुनिया नू करके बाहर, तू कल्ले येसु नू पुकार”। यह हमें व्यक्तिगत प्रार्थना और प्रभु के साथ एकांत में समय बिताने के महत्व को समझाता है।
- मत्ती 6:6 – “परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा और द्वार बन्द करके अपने पिता से जो गुप्त में है प्रार्थना कर; तब तेरा पिता जो गुप्त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।”
- भजन संहिता 62:5 – “हे मेरे मन, परमेश्वर के सामने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।”
निष्कर्ष
यह गीत हमें सिखाता है कि मसीह के साथ चलना केवल दुखों का अंत नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाला उत्सव है। जब हम यहोवा के नाम का नारा लगाते हैं और उसके वचनों पर चलते हैं, तो हमारे जीवन की सारी कड़वाहट मिठास में बदल जाती है। यह गीत विश्वासियों को प्रोत्साहित करता है कि वे दुनिया की भीड़ से हटकर, सच्चे दिल से येशु को पुकारें, क्योंकि उसी के पास शांति और “मौजों” का अनंत भंडार है।
परमेश्वर इन वचनों के माध्यम से आपको अपनी महिमा में बढ़ाए। आमीन।
