आज राजेया दे राजे दा Lyrics song
Yeshu Rajeya de Raje da Lyrics
कोई HAPPY CHRISTMAS कहे
कोई MERRY CHRISTMAS कहे
बड़ा लगदा प्यारा ए
येशु राजेयां दे राजे दा अज्ज जन्म दिहाड़ा ए…….
1. घर नाले चर्च सजाए, ओहदे लोकां ने
छत्तां उत्ते तारे चमकाएं, ओहदे लोकां ने
वड्डे दिन दी वधाई देण, आपो विच्च भाई
किन्ना अजब नजारा ए
येशु राजेयां दे राजे दा…….
2. लोकीं कंहदे नबीयां, भविखबाणी कीती सी
कोई केहंदा दूतां ने वी, गल्ल बात कीती सी
छाइयां रौणकां चुफेरे, खिडे खुशियां दे वेहड़े
झूमे जगत अज्ज सारा ए
येशु राजेयां दे राजे दा…….
3. बाणी दियां लिखता ते, हो रिहा विचार ए
वक्ख-वक्ख विषयां ते, हुंदा प्रचार ए
किते चरणी दी गल्ल, किते तक्को ओहदे वल्ल
जिन्हें आउणा दोबारा ए
येशु राजेयां दे राजे दा…….
गीत का आध्यात्मिक सारांश
यह गीत प्रभु यीशु मसीह के जन्म के उत्सव और उनके गौरवशाली व्यक्तित्व पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि कैसे पूरी दुनिया अलग-अलग भाषाओं में (Happy Christmas या Merry Christmas) उस महान राजा का स्वागत कर रही है। यह केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि उस प्रतिज्ञा का पूरा होना है जो परमेश्वर ने नबियों के द्वारा सदियों पहले की थी।
गीत के मुख्य भाग इस प्रकार हैं:
- आनंद और एकता: मसीह का जन्म लोगों के बीच मेल-मिलाप और भाईचारे का संदेश लाता है। घरों और चर्चों की सजावट उस आंतरिक खुशी का प्रतीक है जो उद्धारकर्ता के आने से मिलती है।
- भविष्यवाणियों की पूर्णता: यीशु का जन्म कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि स्वर्गदूतों की घोषणा और पुराने नियम के नबियों की भविष्यवाणियों का प्रमाण थी।
- दूसरा आगमन: गीत हमें याद दिलाता है कि जो यीशु चरणी में बालक बनकर आया था, वही अब स्वर्ग में विराजमान है और वह दोबारा राजाओं के राजा के रूप में वापस आएगा।
गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण
इस गीत के भावों को समझने के लिए निम्नलिखित बाइबल वचन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
1. राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु
गीत की मुख्य पंक्ति यीशु को “राजेयां दा राजा” कहती है। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक स्पष्ट करती है कि यीशु का ओहदा क्या है।
प्रकाशितवाक्य 19:16 — “उसके वस्त्र और जांघ पर यह नाम लिखा है, ‘राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु’।”
स्पष्टीकरण: यह वचन बताता है कि यीशु केवल एक धार्मिक गुरु नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि का सर्वोच्च अधिकारी है। क्रिसमस इसी महान राजा के पृथ्वी पर आने का उत्सव है।
2. उद्धारकर्ता का जन्म और स्वर्गदूतों का संदेश
गीत में स्वर्गदूतों और चरवाहों के आनंद का वर्णन है, जो लूका रचित सुसमाचार से प्रेरित है।
लूका 2:10-11 — “तब स्वर्गदूत ने उनसे कहा, ‘मत डरो; क्योंकि देखो, मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूँ जो सब लोगों के लिये होगा; कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है’।”
स्पष्टीकरण: यह वचन उस “अजब नजारे” की पुष्टि करता है जिसका जिक्र गीत में है। यीशु का जन्म सारी मानवजाति के लिए सबसे बड़ी खुशी की खबर है।
3. भविष्यवाणियों की पूर्णता
गीत की दूसरी अंतरा कहती है कि नबियों ने भविष्यवाणी की थी। यशायाह नबी ने यीशु के जन्म से सैकड़ों साल पहले यह लिख दिया था:
यशायाह 9:6 — “क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कंधे पर होगी, और उसका नाम अद्भुत युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।”
स्पष्टीकरण: यह वचन सिद्ध करता है कि यीशु का जन्म परमेश्वर की एक पूर्व-नियोजित योजना थी ताकि जगत को पापों से मुक्ति मिल सके।
4. जगत की ज्योति (छत्तां उत्ते तारे)
गीत में तारों का जिक्र है, जो उस विशेष सितारे की याद दिलाता है जिसने ज्योतिषियों को यीशु तक पहुँचाया।
यूहन्ना 8:12 — “यीशु ने फिर लोगों से कहा, ‘जगत की ज्योति मैं हूँ; जो मेरे पीछे हो लेगा वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा’।”
स्पष्टीकरण: जैसे क्रिसमस पर तारे चमकाए जाते हैं, वैसे ही यीशु हमारे जीवन के अंधकार को दूर करने वाली सच्ची ज्योति है।
5. दूसरा आगमन (जिन्हें आउणा दोबारा ए)
गीत का समापन यीशु के दोबारा आने की आशा के साथ होता है। मसीही विश्वास केवल चरणी तक सीमित नहीं है, बल्कि उस बादलों पर आने वाले राजा की प्रतीक्षा भी है।
इब्रानियों 9:28 — “वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार अर्पित हुआ; और जो उसकी बाट जोहते हैं, उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा।”
स्पष्टीकरण: यह वचन विश्वासियों को तैयार रहने की चेतावनी और प्रोत्साहन देता है। जो बालक बनकर आया था, वह अब न्याय करने और अपने लोगों को ले जाने के लिए सामर्थ के साथ दोबारा आएगा।
निष्कर्ष: यह गीत हमें सिखाता है कि क्रिसमस केवल बाहरी चकाचौंध का नाम नहीं है, बल्कि यह पवित्र शास्त्र (बाणी) के वचनों पर विचार करने और यीशु मसीह को अपने जीवन का राजा स्वीकार करने का अवसर है। वह कल, आज और युगानुयुग एक सा है।
