रूह उतरा है Lyrics song
Rooh Uttara Hai Lyrics
रूह की भरपूरी का आया समा है
पाक रूह खुदा का उतरा यहां है
रूह उतरा है, रूह उतरा है
रूह उतरा है खुदा का रूह उतरा है
रूह उतरा है मसीह का रूह उतरा है…..
1. रोगियों के रोग सारे दूर करने, अंधों की आंखो में नूर भरने
सूखी सी हड्डी को नया करने, मानिंद उकाबों के ज़ोर भरने
रूह उतरा है, रूह उतरा है
रूह उतरा है…..
2. येशु ने वादा निभाने के लिए, भेजा मददगार छुड़ाने के लिए
स्वर्ग की भाषा बुलवाने के लिए,
सामर्थ की पहचान करवाने के लिए
रूह उतरा है, रूह उतरा है
रूह उतरा है……
3. जीवन का जल पिलाने उतरा है,
प्यासों की प्यास बुझाने उतरा है
सारी की सारी बदियों को मिटाने उतरा है
सारी की सारी घटियों को मिटाने उतरा है
रूह उतरा है, रूह उतरा है
रूह उतरा है…….
गीत का सारांश और आत्मिक संदेश
इस गीत का मूल मंत्र पवित्र आत्मा का स्वागत और उसके चमत्कारों का वर्णन है। गीत की शुरुआती पंक्तियाँ “पाक रूह खुदा का उतरा यहाँ है” परमेश्वर की उपस्थिति का उत्सव मनाती हैं। यह गीत बताता है कि पवित्र आत्मा के उतरने से बीमारियाँ दूर होती हैं, अंधों को दृष्टि मिलती है और निराश जीवनों में नई आशा का संचार होता है।
गीत में एक बहुत ही सुंदर संदर्भ “सूखी हड्डियों को नया करने” का है जो इहेजकेल नबी की भविष्यवाणी की ओर संकेत करता है, जहाँ परमेश्वर की आत्मा निर्जीव स्थितियों में भी जीवन फूँक देती है। इसके अलावा, गीत यीशु मसीह के उस वादे को याद दिलाता है जिसमें उन्होंने एक ‘मददगार’ (Helper/Comforter) भेजने की बात कही थी। पवित्र आत्मा स्वर्ग की भाषा (अन्य भाषा) बोलने और ईश्वरीय सामर्थ्य को पहचानने में हमारी सहायता करता है। अंततः, यह गीत जीवन का जल और प्यासे मन की तृप्ति का प्रतीक है
गीत से जुड़े महत्वपूर्ण बाइबल वचन और स्पष्टीकरण
1. पवित्र आत्मा का वादा और आगमन गीत कहता है “यीशु ने वादा निभाने के लिए भेजा मददगार”। यह सीधा संदर्भ यूहन्ना के सुसमाचार से है।
यूहन्ना 14:16-17 – “और मैं पिता से विनती करूँगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा कि वह सर्वदा तुम्हारे साथ रहे। अर्थात सत्य का आत्मा, जिसे संसार ग्रहण नहीं कर सकता, क्योंकि वह न उसे देखता है और न उसे जानता है; तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।” स्पष्टीकरण: यीशु ने अपने स्वर्गारोहण से पहले वादा किया था कि वह हमें अकेला नहीं छोड़ेगा। पवित्र आत्मा वह ‘सहायक’ है जो हर विश्वासी के भीतर वास करता है और उन्हें मार्गदर्शन देता है।
2. सामर्थ्य और गवाही का आत्मा गीत में सामर्थ्य की पहचान करवाने की बात कही गई है
प्रेरितों के काम 1:8 – “परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।” स्पष्टीकरण: पवित्र आत्मा का उतरना केवल भावनाओं का अनुभव नहीं है, बल्कि यह सेवा और गवाही के लिए दिव्य शक्ति प्राप्त करना है। गीत इसी सामर्थ्य के उतरने का जयघोष करता है।
3. चंगाई और बहाली का कार्य गीत वर्णन करता है कि पवित्र आत्मा रोगियों को चंगा करता है और अंधों को रोशनी देता है
लूका 4:18 – “प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिए कि उसने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिए मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिए भेजा है कि बंदियों को छुटकारे का और अंधों को दृष्टि पाने का सुसमाचार सुनाऊं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं।” स्पष्टीकरण: जहाँ कहीं भी पवित्र आत्मा की भरपूरी होती है, वहाँ बंधन टूटते हैं और चंगाई होती है। गीत इन पंक्तियों के माध्यम से पवित्र आत्मा के अभिषेक के प्रभाव को प्रकट करता है।
4. सूखी हड्डियों में जीवन (पुनरुत्थान की शक्ति) गीत कहता है “सूखी सी हड्डियों को नया करने”। यह इहेजकेल के दर्शन पर आधारित है।
इहेजकेल 37:9-10 – “तब उसने मुझसे कहा, ‘हे मनुष्य के संतान, सांस से भविष्यवाणी कर… और उन मारे हुओं में समा जा कि वे जी उठें।’ …तब सांस उनमें समा गई और वे जी उठे और अपने अपने पांवों के बल खड़े हो गए; यह एक बहुत बड़ी सेना थी।” स्पष्टीकरण: यह वचन दिखाता है कि परमेश्वर की रूह (सांस/आत्मा) मृतप्राय स्थितियों और हताश लोगों में फिर से जीवन और जोश भर सकती है।
5. जीवन का जल और प्यास की तृप्ति गीत में उल्लेख है कि वह “जीवन का जल पिलाने उतरा है”
यूहन्ना 7:37-39 – “पर्व के अंतिम और मुख्य दिन यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, ‘यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आए और पिए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है, उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियाँ बह निकलेंगी।’ उसने यह वचन उस आत्मा के विषय में कहा, जिसे उस पर विश्वास करने वाले पाने पर थे।” स्पष्टीकरण: पवित्र आत्मा हमारे आत्मिक जीवन की प्यास बुझाता है और हमें भीतर से तृप्त करता है। यह वचन गीत की उस पंक्ति को पुष्ट करता है जहाँ आत्मा को जीवनदायी जल कहा गया है।
6. स्वर्ग की भाषा और अन्य भाषा का दान गीत कहता है “स्वर्ग की भाषा बुलवाने के लिए” [04:43]।
प्रेरितों के काम 2:4 – “और वे सब पवित्र आत्मा से भर गए, और जिस प्रकार आत्मा ने उन्हें बोलने की शक्ति दी, वे अन्य अन्य भाषा बोलने लगे।” स्पष्टीकरण: पिन्तेकुस्त के दिन जब पवित्र आत्मा उतरा, तो चेलों ने स्वर्ग की सामर्थ्य से अन्य भाषाएँ बोलीं। यह पवित्र आत्मा की भरपूरी का एक आत्मिक वरदान है।
निष्कर्ष: यह गीत “रूह उतरा है” हमें पवित्र आत्मा की सक्रियता के प्रति सचेत करता है। यह हमें सिखाता है कि जब हम पवित्र आत्मा को अपने जीवन और कलीसिया में आमंत्रित करते हैं, तो चमत्कार होते हैं, पापों से मुक्ति मिलती है और हम मसीह के स्वरूप में बदलते जाते हैं। यह गीत आराधना के समय विश्वासियों के विश्वास को बढ़ाने और उन्हें ईश्वरीय सामर्थ्य से जोड़ने का एक अद्भुत साधन है।


