AAO IK NAVA GEET Lyrics

AAO IK NAVA GEET Lyrics
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आओ इक्क नवां गीत Lyrics song

आओ इक्क नवां गीत रब्ब लई गाओ
सब जो ज़मीन दे ओ गावण लई आओ
आओ इक्क नवां गीत……..

1. करो सब बुर्जुगी यहोवा दे नाम दी
रोज़ रोज़ मुक्ति उस दी सुनाओ
आओ इक्क नवां गीत……

2. ओहदे वड्डे कम्म तुसी लोकां नू दसो
कौमां अग्गे बुर्जुगी वदाओ
आओ इक्क नवां गीत …….

3. क्यो जो रब्ब है सारे, देओतेया नालो वड्डा
तुसी लायिक तोर नाल उस नू वडियाओ
आओ इक्क नवां गीत…….

4. लोका दे बुत्त सारे झूठे ते नाचीज़ हैं
आसमान ते खुदा नू खालिक बनाओ
आओ इक्क नवां गीत…….

5. ओहदे हजूर विच्च हैं इज्जत ते दौलत
पाक घर विच्च ओहदे नेकी नाल आओ
आओ इक्क नवां गीत……

भजन का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

यह गीत पूरी मानव जाति को परमेश्वर की आराधना के लिए एक ‘नया गीत’ गाने की प्रेरणा देता है। ‘नया गीत’ उस हृदय से निकलता है जिसने परमेश्वर के उद्धार, उसके नए अनुग्रह और उसकी भलाई का व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया हो। यह भजन संसार को याद दिलाता है कि मानव निर्मित वस्तुएं और झूठे देवता नाचीज़ (व्यर्थ) हैं, जबकि यहोवा ही आकाश और पृथ्वी का वास्तविक खालिक (सृष्टिकर्ता) है। हमें हर दिन उसकी मुक्ति का प्रचार अन्यजातियों के बीच करना चाहिए।

बाइबल के पवित्र वचनों के आधार पर इस गीत का विस्तृत स्पष्टीकरण निम्नलिखित है:

1. यहोवा के लिए नया गीत और रोज़-रोज़ मुक्ति का प्रचार (मुख्य भाग और अंतरा 1)

गीत की मुख्य पंक्तियां पूरी ज़मीन के निवासियों को परमेश्वर के नाम की बड़ाई (बुजुर्गी) करने और उसके उद्धार का निरंतर प्रचार करने का आदेश देती हैं।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ; हे सारी पृथ्वी के लोगो, यहोवा के लिये गाओ! यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन-प्रतिदिन उसके किये हुए उद्धार का सुसमाचार सुनाते रहो!” (भजन संहिता 96:1-2)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“उसने मेरे मुँह में एक नया गीत, अर्थात् हमारे परमेश्वर की स्तुति का गीत दिया। बहुत से लोग यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।” (भजन संहिता 40:3)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: परमेश्वर की करुणा हमारे जीवन में हर सुबह नई होती है, इसलिए हमारी स्तुति भी पुरानी या केवल एक रिवाज नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह एक ‘नवां गीत’ (नए उत्साह) के साथ होनी चाहिए। मसीही जीवन का यह कर्तव्य है कि वह परमेश्वर द्वारा मिली मुक्ति (उद्धार) को केवल अपने तक न रखे, बल्कि ‘रोज़-रोज़’ दूसरों को भी इसके बारे में बताए।

2. कौमों के आगे परमेश्वर के बड़े कामों को बताना (अंतरा 2)

यहाँ विश्वासियों को प्रेरित किया गया है कि वे संसार की सभी जातियों (कौमों) के सामने परमेश्वर के सामर्थी और आश्चर्यकर्मों की गवाही दें।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“जातियों में उसकी महिमा का, और सब देशों के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो!” (भजन संहिता 96:3)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“इसलिये तुम जाकर सब जातियों को चेला बनाओ, और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो।” (मत्ती 28:19)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: परमेश्वर ने जो उपकार हमारे जीवन में किए हैं, वे इतिहास के पन्नों या कलीसिया की चहारदीवारी में बंद रहने के लिए नहीं हैं। गीत कहता है कि ‘ओहदे वड्डे कम्म तुसी लोकां नू दसो’ ताकि जो लोग परमेश्वर की सामर्थ्य से अनजान हैं, वे भी उसकी बुजुर्गी (महिमा) को पहचान सकें।

3. सब देवताओं से बढ़कर और मूर्तियों की व्यर्थता (अंतरा 3 और 4)

यह भाग बहुत स्पष्टता से संसार के झूठे देवों और मनुष्यों द्वारा बनाए गए बुतों (मूर्तियों) की तुलना सच्चे परमेश्वर से करता है, जिसने आकाश को बनाया है।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भययोग्य है। क्योंकि देश-देश के लोगों के सब देवता तो मूरतें ही हैं; परन्तु यहोवा ही ने आकाश को बनाया है।” (भजन संहिता 96:4-5)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“उनकी मूरतें सोने-चाँदी की हैं, मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं। उनके मुँह तो रहता है, पर वे बोल नहीं सकतीं; उनके आँखें तो रहती हैं, पर वे देख नहीं सकतीं।” (भजन संहिता 115:4-5)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: संसार के लोग जिन बुतों (मूर्तियों) की पूजा करते हैं, वे नाचीज़ और प्राणहीन हैं क्योंकि वे खुद सृष्टि का हिस्सा हैं। परंतु हमारा यहोवा ‘खालिक’ (सृष्टिकर्ता) है, जिसने अपनी बुद्धि से उस विशाल आसमान और ब्रह्मांड की रचना की है। इसलिए वह सब देवताओं से बढ़कर आदर और भय के योग्य है।

4. परमेश्वर के पवित्र स्थान में नेकी और आदर के साथ आना (अंतरा 5)

गीत का अंतिम भाग परमेश्वर की उपस्थिति (हजूर) के वैभव को प्रकट करता है और हमें सिखाता है कि उसके भवन में किस आत्मिक तैयारी के साथ आना चाहिए।

  • बाइबल का पवित्र वचन:“उसके साम्मुन्हे वैभव और ऐश्वर्य हैं; उसके पवित्रस्थान में सामर्थ्य और शोभा है।” (भजन संहिता 96:6)
  • बाइबल का पवित्र वचन:“पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत् करो; हे सारी पृथ्वी के लोगो, उसके साम्मुन्हे काँपते रहो!” (भजन संहिता 96:9)
  • आत्मिक स्पष्टीकरण: परमेश्वर की हजूरी में सच्ची ‘इज्जत ते दौलत’ (आत्मिक महिमा और आशीषें) पाई जाती हैं। जब हम उसके ‘पाक घर’ (कलीसिया या कलीसियाई संगति) में आते हैं, तो हमें संसार की गंदगियों को छोड़कर ‘नेकी’ (पवित्रता और धार्मिकता) के वस्त्र पहनकर आना चाहिए, क्योंकि हमारा परमेश्वर पवित्र है और पवित्रता ही उसके भवन को शोभा देती है।

निष्कर्ष: यह ज़बूर/गीत पूरी सृष्टि के लिए एक चेतावनियुक्त और आनंदमयी संदेश है। यह हमें सांसारिक और व्यर्थ की चीजों पर भरोसा करने से रोकता है और एकमात्र जीवित परमेश्वर यहोवा की ओर आकर्षित करता है। यह पोस्ट पढ़ने वाले प्रत्येक विश्वासी को इस बात के लिए जागृत करती है कि वे मसीह के सुसमाचार के सच्चे गवाह बनें और पवित्रता के साथ उसकी आराधना करें।

AAO IK NAVA GEET Lyrics in hindi

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