मेरे यहोवा मैं गाऊँगा Lyrics song
मेरे यहोवा मैं गाऊंगा सना, धन्य तेरा नाम कहूगा सर्वदा
तेरी रहमत है अबदी मुझ पर,
राहों पे तेरी चलूंगा सदा
हाल्लेलुईयाह – हाल्लेलुईयाह …….
1. हर ज़र्रा गाए तू है ज़िन्दा खुदा
बादशाह तू है मेरा रहनुमा (रस्ता बतानेवाला) तू मेरा
सांसों में मेरी है तू ही तू खुदा
राह सच्च ज़िन्दगी तू ही है खुदा
तेरी रहमत है अबदी …….
2. पवित्र-पवित्र-पवित्र, तू है ज़िन्दा खुदा
पवित्र-पवित्र-पवित्र सेनाओ के खुदावन्द
महिमा तेरी करें हम पूरे बल से खुदावंद
तेरी ऊंची शान है ऊंचा तेरा नाम
कुदरत तेरी है सब से महान
तेरी रहमत है अबदी …….
गीत का आत्मिक सारांश (Summary)
यह गीत परमेश्वर यहोवा की संप्रभुता, उनकी पवित्रता और उनकी शाश्वत करुणा का एक सुंदर उत्सव है। गीत की शुरुआत और इसका मुख्य भाग (कोरस) इस बात की घोषणा करता है कि परमेश्वर की दया और अनुग्रह हमारे जीवन पर ‘अबदी’ (अनंत/हमेशा रहने वाली) है। एक विश्वासी होने के नाते, हमारा यह कर्तव्य और विशेषाधिकार है कि हम हर परिस्थिति में उसकी स्तुति (‘होशाना’ या ‘सना’) करें और उसके दिखाए सत्य के मार्ग पर चलें।
गीत के अंतरे हमें याद दिलाते हैं कि सृष्टि का कण-कण (हर ज़र्रा) इस बात की गवाही देता है कि हमारा परमेश्वर जीवित है। वह न केवल एक महान राजा (बादशाह) है, बल्कि हमारा मार्गदर्शक (रहनुमा) भी है। हमारी हर एक साँस उसकी देन है और वही जीवन का एकमात्र मार्ग और सत्य है। अंत में, यह गीत स्वर्गदूतों के सुर में सुर मिलाकर परमेश्वर को “पवित्र, पवित्र, पवित्र” कहकर पुकारता है, जो उसकी अद्वितीय महिमा, सामर्थ्य और सर्वोच्चता को प्रकट करता है।
गीत से जुड़े बाइबल के मुख्य वचन और स्पष्टीकरण
1. परमेश्वर की अनंत करुणा और सदैव स्तुति करना
गीत की पंक्ति “तेरी रहमत है अबदी मुझ पर, राहों पे तेरी चलूंगा सदा” सीधे तौर पर परमेश्वर के वचन से मेल खाती है, जो हमें सिखाता है कि परमेश्वर की करुणा कभी समाप्त नहीं होती।
भजन संहिता 100:5 “क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा की है, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।”
भजन संहिता 145:1-2 “हे मेरे परमेश्वर, हे राजा, मैं तेरा नाम ऊंचा उठाऊंगा, और तेरे नाम को सदा सर्वदा धन्य कहा करूंगा। मैं हर दिन तुझे धन्य कहा करूंगा, और तेरे नाम की स्तुति सदा सर्वदा करता रहूंगा।”
स्पष्टीकरण: यह वचन स्पष्ट करते हैं कि परमेश्वर की भलाई और दया हमारे जीवन में अस्थाई नहीं बल्कि अनंत (अबदी) है। इसलिए हमारा जीवन हर दिन उसकी स्तुति और उसके वचनों के मार्ग पर चलने के लिए समर्पित होना चाहिए।
2. परमेश्वर ही मार्ग, सत्य और जीवन है
गीत में कहा गया है: “सांसों में मेरी है तू ही तू खुदा, राह सच्च ज़िन्दगी तू ही है खुदा”। यह भाग प्रभु यीशु मसीह के सबसे प्रसिद्ध दावों में से एक को दर्शाता है।
यूहन्ना 14:6 “यीशु ने उससे कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता।”
अय्यूब 33:4 “ईश्वर के आत्मा ने मुझे बनाया है, और सर्वशक्तिमान की सांस से मुझे जीवन मिलता है।”
स्पष्टीकरण: हमारी हर एक साँस परमेश्वर की संप्रभुता के अधीन है। जब हम भटक जाते हैं, तो यीशु ही वह मार्गदर्शक (रहनुमा) बनता है जो हमें पिता परमेश्वर तक पहुँचाता है। उसके अलावा आत्मिक जीवन पाने का कोई दूसरा जरिया नहीं है।
3. सृष्टि का कण-कण परमेश्वर की गवाही देता है
गीत की पंक्ति “हर ज़र्रा गाए तू है ज़िन्दा खुदा, बादशाह तू है मेरा…” सृष्टि द्वारा परमेश्वर की महिमा का वर्णन करती है।
भजन संहिता 19:1 “आकाश ईश्वर की महिमा का वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।”
लूका 19:40 “उसने उत्तर दिया, ‘मैं तुम से कहता हूँ, यदि ये आनन्दित लोग चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे।'”
स्पष्टीकरण: ईश्वर की उपस्थिति और उनका अस्तित्व इतना जीवंत है कि पूरी प्रकृति और सृष्टि का एक-एक कण (ज़र्रा) उनकी गवाही देता है। यदि मनुष्य भी चुप रहे, तो भी परमेश्वर की महिमा अधूरी नहीं रहेगी; सृष्टि स्वयं उनके जीवित होने की घोषणा करेगी।
4. सेनाओं का यहोवा ‘पवित्र, पवित्र, पवित्र’ है
गीत का दूसरा अंतरा स्वर्ग के उस दृश्य को सामने लाता है जहाँ परमेश्वर के सिंहासन के सामने उनकी पवित्रता की आराधना की जाती है: “पवित्र-पवित्र-पवित्र सेनाओ के खुदावन्द…”
यशायाह 6:3 “और वे एक दूसरे से पुकार-पुकारकर कह रहे थे: ‘सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सारी पृथ्वी उसकी महिमा से भरपूर है!'”
प्रकाशितवाक्य 4:8 “और वे रात-दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं: ‘पवित्र, पवित्र, पवित्र है प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आने वाला है।'”
स्पष्टीकरण: बाइबल में किसी शब्द को तीन बार दोहराना उसकी सर्वोच्चता को दिखाता है। परमेश्वर की पवित्रता अद्वितीय है। वह पाप से पूरी तरह अलग और शुद्ध है। जब हम पूरे बल से उसकी महिमा करते हैं, तो हम उसी स्वर्गीय आराधना में शामिल होते हैं जो स्वर्गदूत निरंतर कर रहे हैं।
5. परमेश्वर के ऊंचे नाम और सामर्थ्य की महिमा
गीत की अंतिम पंक्तियाँ “तेरी ऊंची शान है ऊंचा तेरा नाम, कुदरत तेरी है सब से महान” परमेश्वर की सर्वोच्च सत्ता को और उनकी कुदरत (सामर्थ्य) को सराहती हैं।
भजन संहिता 8:1 “हे हमारे प्रभु यहोवा, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर कैसा प्रतापमय है! तूने अपना वैभव आकाश पर रखा है।”
फिलिप्पियों 2:9-10 “इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है। ताकि यीशु के नाम पर हर एक घुटना टिके—चाहे स्वर्गियों का हो, चाहे पृथ्वी पर के लोगों का, चाहे पृथ्वी के नीचे के लोगों का हो।”
स्पष्टीकरण: परमेश्वर का नाम और उनकी सामर्थ्य (कुदरत) सृष्टि की हर एक शक्ति से बढ़कर है। उनका नाम ही हमारे लिए एक सुदृढ़ गढ़ है, जिसमें आकर एक विश्वासी पूरी तरह सुरक्षित महसूस करता है।
निष्कर्ष: यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से मसीही विश्वास के बुनियादी सिद्धांतों और बाइबल के वचनों का निचोड़ है। इसे गाते और पढ़ते समय एक विश्वासी का झुकाव पूरी तरह से ईश्वर की संप्रभुता और उनकी शाश्वत आराधना की ओर हो जाता है।


