E Khudaaband Khuda Paak Rooh Lyrics

E Khudaaband Khuda Paak Rooh Lyrics
Share

ए खुदावंद ख़ुदा पाक रूह Lyrics song

ए खुदावंद खुदा पाक रूह करूं मैं तेरी महिमा सदा 
चाहे दुःखों के तूफान मुझे घेरे करूं मैं तेरी महिमा सदा 
ए खुदावंद खुदा पाक रूह ……

1. ए खुदा तु मेरी जान की करता है रखवाली सदा 
है निगहबान तू ही मेरा संग मेरे रहता है सदा 
कर सोचो को तू पाक येसू मेरे करूं मैं तेरी महिमा सदा 
ए खुदावंद खुदा पाक रूह ……

2. कर मुझे मामूर खुदाया रहमत अपनी तू बरसा 
जल जाएं हर पाप बदी भी रूह की अग्नि दे बरसा 
मेरी ज़िन्दगी को छू येसू मेरे करूं मैं तेरी महिमा सदा 
ए खुदावंद खुदा पाक रूह ……

3. हो तारीफ़ तेरी खुदाया मुझको जो तूने है बचाया 
कतरा – कतरा खून का अपने मेरे लिए तूने जो बहाया 
मुझे अपने मसह से भरदे करूं मैं तेरी महिमा सदा
ए खुदावंद खुदा पाक रूह …… 

गीत का मुख्य सारांश और बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण

यह गीत एक मसीही विश्वासी के समर्पण को प्रकट करता है, जो जीवन के हर उतार-चढ़ाव और दुखों के तूफानों के बीच भी अपने परमेश्वर की महिमा करने का अटूट संकल्प लेता है। यह गीत पवित्र आत्मा (पाक रूह) से शुद्धिकरण, परमेश्वर की रखवाली और मसीह के बलिदान के प्रति गहरी कृतज्ञता को उजागर करता है।

1. दुखों के तूफानों में अटूट महिमा (स्थाई)

गीत की मुख्य पुकार यह है कि चाहे जीवन में कितनी भी बड़ी विपत्तियां या दुखों के तूफान क्यों न आ जाएं, एक सच्चा विश्वासी हमेशा अपने खुदावंद और पवित्र आत्मा की स्तुति करता रहेगा। हमारा विश्वास परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर टिका होता है।

  • भजन संहिता 34:1“मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूँगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी।”
  • हबक्कूक 3:17-18“क्योंकि चाहे अंजीर के वृक्षों में बूर न लगे, और न दाखलाताओं में फल हों, जलपाई के वृक्ष से केवल धोखा पाया जाए और खेतों में अन्न न उपजे, भेड़शालाओं में भेड़-बकरियाँ न रहें, और न थानों में गाय-बैल हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित और मगन रहूँगा, और अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के द्वारा अति प्रसन्न रहूँगा।”

2. प्राण की रखवाली और विचारों का शुद्धिकरण (अंतरा 1)

पहला पद परमेश्वर को हमारे प्राणों का रखवाला और निगहबान (रक्षक) घोषित करता है। वह हमेशा हमारे अंग-संग रहता है। इसके साथ ही, यहाँ प्रभु यीशु से प्रार्थना की गई है कि वह हमारे विचारों और सोचों को पूरी तरह से पवित्र (पाक) कर दे।

  • भजन संहिता 121:7-8“यहोवा सब विपत्तियों से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर सर्वदा तक करता रहेगा।”
  • भजन संहिता 139:23-24“हे ईश्वर, मुझे जाँचकर मेरे हृदय को जान! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरा अगुवा हो!”
  • मत्ती 28:20“…और देखो, मैं जगत के अन्त तक सर्वदा तुम्हारे संग हूँ।”

3. पवित्र आत्मा की अग्नि और पापों का नाश (अंतरा 2)

दूसरे पद में परमेश्वर से ‘मामूर’ (पवित्र आत्मा से भरपूर) होने और उसकी रहमत की वर्षा की याचना की गई है। पवित्र आत्मा की अग्नि हमारे जीवन से हर प्रकार के पाप, बदी और अभिलाषाओं को जलाकर भस्म कर देती है और यीशु का स्पर्श हमारे जीवन को बदल देता है।

  • मत्ती 3:11“मैं तो पानी से तुम्हें मन फिराव का बपतिस्मा देता हूँ, परन्तु जो मेरे बाद आनेवाला है, वह मुझसे शक्तिशाली है; मैं उसकी जूती उठाने के योग्य नहीं; वह तुम्हें पवित्र आत्मा और आग से बपतिस्मा देगा।”
  • मकालीकी 3:2“परन्तु उसके आने के दिन की कौन सह सकेगा? और जब वह दिखाई दे, तब कौन खड़ा रह सकेगा? क्योंकि वह सोनार की आग और धोबी के साबुनी के समान है।”
  • रोमियो 5:5“और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे हृदयों में उँडेला गया है।”

4. मसीह का बहुमूल्य लहू और अभिषेक (अंतरा 3)

अंतिम पद मसीह के महान बलिदान को याद करता है। यीशु ने क्रूस पर अपने लहू का कतरा-कतरा बहाकर हमें अनंत विनाश से बचाया है। इस महान उद्धार के बदले विश्वासी प्रभु से प्रार्थना करता है कि वह उसे अपने मसह (अभिषेक) से भर दे ताकि वह जीवन भर गवाही दे सके।

  • इफिसियों 1:7“हमको मसीह में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।”
  • 1 पतरस 1:18-19“क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चालचलन जो बापदादाओं से चला आता था, उससे तुम्हारा छुटकारा चान्दी-सोने जैसी नाशवान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ, पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लोहू के द्वारा हुआ है।”
  • 1 यूहन्ना 2:20“और तुम्हारा तो उस पवित्र से अभिषेक हुआ है, और तुम सब कुछ जानते हो।”

निष्कर्ष: समग्र रूप से यह गीत मसीही जीवन के मूल सिद्धांत को बयां करता है। हमारा उद्धार यीशु के कतरे-कतरें खून से हुआ है। जब हम पवित्र आत्मा की आग से शुद्ध होकर, उसके वचनों के अनुसार अपनी सोच को पवित्र रखते हैं, तो संसार का कोई भी दुख का तूफान हमसे हमारी आत्मिक शांति और खुदा की महिमा करने का जज्बा नहीं छीन सकता।

E Khudaaband Khuda Paak Rooh Lyrics in hindi

Scroll to Top
Donate
WhatsApp