दुआ में किया नहीं मिलता Lyrics song
दुआ में क्या नहीं मिलता,
मांगें तो क्या नहीं मिलता
दुआ में क्या नहीं …..
1. खुदा ने बहुत से वायदे किए हैं अपने लोगों से
करें जब साफ दिल से इल्तजा तो,
क्या नहीं मिलता…….
2. अगर शेरों की मांदों में, या डालो जलती भट्टियों
में खुदा के पाक रूह की बारिशों में,
क्या नहीं मिलता…….
3. ना होंगी कुछ कमी भी, कुछ कमी भी येशु के लोगों को
हज़ारों काल में भी काल नहीं हैं,
क्या नहीं मिलता….
गीत का मुख्य सारांश (Song Summary)
यह गीत प्रार्थना (दुआ) की असीम सामर्थ्य और परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर अटूट विश्वास को प्रकट करता है। इस गीत का मुख्य सार यह है कि जब एक विश्वासी शुद्ध मन और सच्चे दिल से परमेश्वर के सामने घुटने टेकता है, तो उसके लिए असंभव से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। प्रार्थना में वह शक्ति है जो न केवल हमारे जीवन की कमियों को पूरा करती है, बल्कि हमें भयानक संकटों से भी सुरक्षित बाहर निकाल लाती है।
यह गीत बाइबल के महान इतिहास और चमत्कारों की याद दिलाता है—जैसे शेरों की मांद में दानिय्येल की सुरक्षा और धधकती भट्टी में तीन इब्रानी युवकों का बचना। यह इस बात का प्रमाण है कि जब विपत्ति के समय खुदा के लोगों पर पवित्र आत्मा की सामर्थ्य (पाक रूह की बारिश) उतरती है, तो आग भी बेअसर हो जाती है। अंत में, यह गीत हमें आश्वस्त करता है कि अकाल या घोर तंगी के समय में भी यीशु के लोगों को किसी उत्तम वस्तु की घटी नहीं होगी, क्योंकि उनका प्रदाता स्वयं सर्वशक्तिमान परमेश्वर है।
गीत के अंतरा-अनुसार बाइबल वचनों का स्पष्टीकरण
1. सच्चे दिल से की गई प्रार्थना और खुदा के वायदे
“दुआ में क्या नहीं मिलता, मांगें तो क्या नहीं मिलता… खुदा ने बहुत से वायदे किए हैं अपने लोगों से, करें जब साफ दिल से इल्तजा तो, क्या नहीं मिलता…”
यह भाग हमें सिखाता है कि परमेश्वर प्रार्थना सुनने वाले और अपने वायदों को पूरा करने वाले वफादार खुदा हैं, बशर्ते हमारी प्रार्थना निष्कपट और साफ दिल से हो।
- मत्ती 7:7-8 (पवित्र बाइबल):“माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा। क्योंकि जो कोई माँगता है, उसे मिलता है; और जो ढूँढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।”
- स्पष्टीकरण: यीशु मसीह ने स्वयं प्रतिज्ञा की है कि सच्चे मन से मांगी गई हर दुआ का उत्तर स्वर्ग से निश्चित रूप से मिलता है।
- मत्ती 21:22 (पवित्र बाइबल):“और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से माँगोगे, वह सब तुम्हें मिलेगा।”
- स्पष्टीकरण: दुआ में सब कुछ मिलने की एकमात्र शर्त है—परमेश्वर के वायदों पर अडिग ‘विश्वास’ रखना।
- यशायाह 59:1 (पवित्र बाइबल):“देखो, यहोवा का हाथ ऐसा छोटा नहीं हो गया कि उद्धार न कर सके, और न वह ऐसा बहरा हो गया है कि सुन न सके।”
- स्पष्टीकरण: जब हमारा दिल साफ होता है, तो खुदा हमारी हर इल्तजा (प्रार्थना) को सुनते और उत्तर देते हैं।
2. शेरों की मांद और जलती भट्टी में अद्भुत सुरक्षा
“अगर शेरों की मांदों में, या डालो जलती भट्टियों में, खुदा के पाक रूह की बारिशों में, क्या नहीं मिलता…”
यह अंतरा दानिय्येल और उसके तीन दोस्तों (शद्रक, मेशक, और अबेदनगो) के ऐतिहासिक और चमत्कारी वाकये की गवाही देता है, जिन्हें उनके जीवित विश्वास के कारण आग और शेरों से बचाया गया।
- दानिय्येल 6:22 (पवित्र बाइबल):“मेरे परमेश्वर ने अपना दूत भेजकर शेरों के मुँह को ऐसा बन्द कर रखा कि उन्होंने मेरी कुछ भी हानि नहीं की; इसका कारण यह है कि मैं उसके सामने निर्दोष पाया गया; और हे राजा, तेरे सम्मुख भी मैंने कोई अपराध नहीं किया।”
- स्पष्टीकरण: जब दानिय्येल को शेरों की मांद में डाला गया, तो उसकी दुआ के कारण परमेश्वर ने स्वर्गदूत भेजकर शेरों के मुंह बंद कर दिए।
- दानिय्येल 3:25 (पवित्र बाइबल):“उसने कहा, ‘देखो, मुझे चार पुरुष आग के बीच खुले हुए टहलते दिखाई देते हैं, और उनको कुछ भी चोट नहीं पहुँची; और चौथे पुरुष का रूप परमेश्वर के पुत्र के सदृश है।'”
- स्पष्टीकरण: जब तीन युवकों को धधकती भट्टी में डाला गया, तो खुदा का पुत्र (यीशु मसीह) खुद आग के बीच आ गए और आग की आंच तक उन पर नहीं आई। पवित्र आत्मा (पाक रूह) की उपस्थिति हर संकट को शांति में बदल देती है।
3. अकाल के समय भी अलौकिक बहुतायत और संरक्षण
“ना होंगी कुछ कमी भी, कुछ कमी भी येशु के लोगों को, हज़ारों काल में भी काल नहीं हैं, क्या नहीं मिलता…”
भजनकार यहाँ घोषणा करता है कि चाहे संसार में कितना ही बड़ा अकाल (काल) या आर्थिक मंदी क्यों न आ जाए, यीशु मसीह पर भरोसा रखने वाले कभी भूखे नहीं सोएंगे।
- भजन संहिता 34:10 (पवित्र बाइबल):“जवान सिंहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी उत्तम वस्तु की घटी न होगी।”
- स्पष्टीकरण: यह प्रतिज्ञा स्पष्ट करती है कि चाहे जंगल के शक्तिशाली शेर भूखे रह जाएं, पर मसीह के लोगों को अकाल के दिनों में भी भरपूर भोजन और तृप्ति मिलेगी।
- भजन संहिता 37:19 (पवित्र बाइबल):“विपत्ति के समय उनकी आशा न टूटेगी, और अकाल के दिनों में वे तृप्त रहेंगे।”
- स्पष्टीकरण: जब चारों तरफ हाहाकार और कमी का माहौल होता है, तब भी खुदा अपने लोगों को अलौकिक रीति से संभालते हैं (जैसे उन्होंने एलियाह नबी को अकाल में कौवों के द्वारा खिलाया था)।
- फिलिप्पियों 4:19 (पवित्र बाइबल):“और मेरा परमेश्वर भी अपने उस धन के अनुसार जो महिमा के साथ मसीह यीशु में है, तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा।”
- स्पष्टीकरण: यीशु के लोगों की सारी जरूरतें संसार के स्रोतों पर नहीं, बल्कि मसीह के स्वर्गीय और असीमित धन पर टिकी हैं।
निष्कर्ष: यह गीत हर मसीही विश्वासी को यह विश्वास दिलाता है कि विपत्ति चाहे शेरों की मांद जैसी भयानक हो, या भट्टी जैसी कष्टदायी, या फिर अकाल जैसी विनाशकारी—प्रार्थना का हथियार हर परिस्थिति को बदलने का सामर्थ्य रखता है।


